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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 21, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Jharkhand News: तोपचांची में घुसा जंगली हाथियों का झुंड, कई घरों को किया क्षतिग्रस्त; दहशत में लोग

    Updated: Sun, 21 Jul 2024 07:23 PM (IST)

    धनबाद के तोपचांची स्थित अंबाडीह गांव में जंगली हाथियों का झुंड घुस गया। हाथियों के झुंड ने गाव के अंदर जाकर भारी नुकसान पहुंचाया। इस दौरान कई घरों को ...और पढ़ें

    तोपचांची के अंबाडीह गांव में जंगली हाथियों का उत्पात। फोटो- जागरण
    तोपचांची के अंबाडीह गांव में जंगली हाथियों का उत्पात। फोटो- जागरण

    HighLights

    1. अनाज और फसल को किया बर्बाद
    2. हाथियों के झुंड देख ग्रामीण भयभीत
    3. बिमला देवी नामक महिला हुई जख्मी

    संवाद सहयोगी, तोपचांची। धनबाद के तोपचांची के अंबाडीह गांव में शनिवार की देर रात जंगली हाथियों का झुंड घुस जमकर उत्पात मचाया। हाथियों ने गांव के एक दर्जन से अधिक घरों को तोड़ कर ध्वस्त कर दिया। रात करीब 10 बजे से लेकर तीन बजे तक हाथियों का झुंड गांव में अपना डेरा जमाए हुए रहा।

    काफी संख्या में हाथी को एक साथ देख ग्रामीण भयभीत हो गये। लोग अपनी जान बचाने के लिए घर छोड़ कर इधर उधर भागने लगे। हाथियों का झुंड देख छत में सो रही एक महिला बिमला देवी अपनी जान बचाने के लिए छत से ही कूद गई, जिससे वह जख्मी हो गई।

    ग्रामीणों ने लगाए आरोप

    ग्रामीणों के द्वारा रात में वन विभाग को सूचना देने के बावजूद समय पर विभाग के अधिकारी व कर्मचारी गांव नहीं पहुंचे, जिस कारण ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति आक्रोश है। ग्रामीणों ने बताया कि पूरी रात हमलोग इकट्ठा होकर आग की मशाल जलाकर तथा ढोल, टीन बजाकर हाथियों का झुंड को पहाड़ की ओर भगाया।

    इसके बाद राहत की सांस ले पाए। घटना की जानकारी जनप्रतिनिधियों को भी दिया गया, पर कोई नहीं आए हैं। सिर्फ जेबीकेएसएस जयराम महतो गांव पहुंचे और पीड़ित परिवारों को सरकार से मिलने वाला मुआवजा दिलाने का भरोसा दिया। ग्रामीणों ने बताया कि हाथियों के झुंड में दो बच्चे सहित करीब 30 से अधिक गांव पहुंचे थे।

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    सबसे पहले हाथी मकई के खेत को पूरी तरह नष्ट कर दिया। कई घर तथा खिड़की, दरवाजा को तोड़ दिया। फागू महतो के भतीजा घर में सोया हुआ था, रात को अचानक हाथियों ने उसके घर का मुख्य दरवाजा तोड़ने लगा। आवाज सुनकर वह जग गया और देखा कि दरवाजा पर हाथी है।

    किसी तरह वह अपना जान बचा कर बाहर निकला। हाथियों का डर सबसे अधिक महिलाओं तथा बच्चों में देखी गई। दिन के 11 बजे वन विभाग के गार्ड सुबोध कुमार मंडल गांव पहुंचे और नुकसान का जायजा लिया। बता दें कि 16 जुलाई की रात हरिहरपुर थाना क्षेत्र के बारागाेड़ा गांव में हाथियों का झुंड उत्पात मचाया था।

    इन्हें हुआ नुकसान

    शिव दयाल महतो का घर का दरवाजा, मकई की खेती तथा घर में रखे चावल, फागू महतो का घर, खगेश्वर महतो का खिड़की, दरवाजा, बीणा देवी के खेत में लगी मकई तथा सब्जी का फसल, वैद्यनाथ महतो का घर का चारों ओर तोड़ डाला गया तथा राशन के अलावा अन्य सामग्रियों का नुकसान हुआ।

    शोभराम महतो का चारदीवारी में खड़े बाइक पर गिर गया। सुखदेव महतो का घर को किया क्षतिग्रस्त, गायत्री देवी का बरामदा तथा शौचालय क्षतिग्रस्त किया, दिनेश महतो का दरवाजा तथा रसोई घर तोड़ दिया, मुकेश कुमार का आटा तथा चावल खा गया, शांति देवी के रसोई घर तोड़ दिया, केवल महतो का केला, पपीता, सब्जी, मकई की फसल को नष्ट किया, ईश्वर महतो का घर तोड़ दिया।

    क्या कहते हैं आरएफओ 

    सेंचुरी एरिया में जानवरों को संरक्षित रखने का आदेश है। गांव में नुकसान का सर्वे कराके प्रभावित परिवार को मुआवजा दिया जाएगा। राम बाबू, सेंचुरी के आरएफओ

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