Indian Railway News: अमृत भारत स्टेशनों पर बिछेंगे बिना पत्थर वाले ट्रैक, ट्रेनों की गति पर नहीं पड़ेगा असर
रेलवे ने अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत प्लेटफार्मों पर बैलास्टलेस ट्रैक बिछाने को मंजूरी दी है। यह नई तकनीक ट्रेनों की रफ्तार कम किए बिना रखरखाव को आस ...और पढ़ें

स्टेशन के प्लेटफार्म पर बैलास्टलेस ट्रैक। (प्रतीकात्मक फोटो)
HighLights
रेलवे ने बैलास्टलेस ट्रैक को चरणबद्ध तरीके से मंजूरी दी।
यह ट्रैक ट्रेनों की रफ्तार कम किए बिना रखरखाव आसान करेगा।
अमृत भारत स्टेशनों को आधुनिक और साफ-सुथरा लुक मिलेगा।
तापस बनर्जी, जागरण, धनबाद। अमृत भारत स्टेशन के रूप में विकसित होनेवाले तथा पुनर्विकसित हो रहे स्टेशन के प्लेटफार्म पर बैलास्टलेस ट्रैक यानी बिना पत्थरों वाली पटरी बिछाई जाएगी। बिना बोल्डर के कंक्रीट के ऊपर बिछने वाले ट्रैक ऐसे तैयार होगा, जिससे ट्रेन की रफ्तार कम नहीं होगी। साथ ही इससे ट्रैक का मेंटेनेंस अधिक आसान होगा।
रेलवे ने बैलास्टलेस ट्रैक को मंजूरी दी है। यह बदलाव चरणबद्ध तरीके से होगा। रेलवे बोर्ड के कार्यकारी निदेशक ट्रैक मोडिफिकेशन अनुराग कुमार ने सभी जोन को इससे जुड़ा पत्र जारी कर दिया है। कहा गया है कि सभी जोन एक समान नीति के तहत इस पर कार्रवाई शुरू करे।
नई तकनीक अपनाने से पहले अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन-आरडीएसओ का मूल्यांकन एवं रेलवे बोर्ड की स्वीकृति आवश्यक होगी।
रफ्तार के अनुसार डिजाइन
रेलवे ने ट्रैक को लेकर रफ्तार के आधार पर दो गाइडलाइन निर्धारित किया है।
60 किमी प्रति घंटे तक की लाइनः लूप लाइन, टर्मिनेटिंग लाइन और प्लेटफार्म लाइन के लिए आरडीएसओ की गाइडलाइन के आधार पर काम होगा। टेक्निकल एलीजिबिलिटी की आवश्यकता नहीं है। पांच साल की परफार्मेंस वारंटी और अतिरिक्त फिटिंग रखना जरूरी होगा।
60 किमी प्रति घंटे से ज्यादा पैसेंजर और 100 किमी तक प्रति घंटे की मालगाड़ी के लिए आरडीएसओ की गाइडलाइन आधारित टेक्निकल एलिजिबिलिटी आवश्यक होगा।
क्या होगा फायदा और कैसे बदलेगा ट्रैक
- बैलास्ट रहित ट्रैक में पत्थरों के बजाय कंक्रीट स्लैब पर सीधे पटरी बिछाई जाएगी।
- मेंटेनेंस की जरूरत कम होगी और ट्रैक लंबे समय तक बेहतर स्थिति में रहेगा।
- पानी भरने और ट्रैक खिसकने की समस्या लगभग खत्म हो जाएगी।
- स्टेशन के पुनर्विकास के दौरान परिसर को साफ-सुथरा और आधुनिक लुक मिलेगा।
- प्लेटफार्म पर यह काम यात्री सुविधाओं के तहत किया जाएगा।
- अन्य स्थानों पर ट्रैक नवीनीकरण के लिए प्रधान मुख्य अभियंता की स्वीकृति के बाद प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा जाएगा।
धनबाद रेल मंडल के 15 अमृत भारत स्टेशन
कतरास 26.90 करोड़
गोमो 32.40 करोड़
चंद्रपुरा 26.50 करोड़
पारसनाथ 30.40 करोड़
हजारीबाग रोड 28.10 करोड़
कोडरमा 30.30 करोड़
बरकाकाना 32.60 करोड़
डालटनगंज 29.20 करोड़
गढ़वा रोड 24.50 करोड़
लातेहार 24.50 करोड़
गढ़वा टाउन 25.50 करोड़
नगर उंटारी 26.30 करोड़
पहाड़पुर 28.10 करोड़
रेणुकूट 60.2 करोड़
चोपन 56.2 करोड़
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कहां-कहां बिछेगी बैलास्ट रहित ट्रैक
सभी टर्मिनल और जिन स्टेशन को पुनर्विकसित तथा अमृत भारत के रूप में तैयार किया जा रहा है, उनके प्लेटफार्म की लाइनें बैलास्ट रहित बिछाई जाएंगी। निर्माण के दौरान यह ध्यान रख जाएगा कि इससे ट्रेनों की स्पीड कम न होने पाये।
ट्रेनों की जहां धुलाई होती है यानी मेंटेनेंस लाइन के लिए भी बैलास्ट रहित ट्रैक बिछेगी।
यार्ड की लाइन जहां सामान्य ट्रेन मेंटेनेंस मुश्किल होता है, उन स्थानों पर पत्थर रहित लाइन बिछेगी। हालांकि इसके लिए प्रधान मुख्य अभियंता से स्वीकृति लेनी होगी।