ईरान युद्ध के कारण ऊर्जा संकट के बीच झारखंड के राज्यपाल गंगवार का आह्वान: आत्मनिर्भर बनें, नवाचार बढ़ाएं
Governor Gangwar Urges Innovation and Self-Reliance: वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने IIT (ISM) धनबाद में 'इनवेंटिव ...और पढ़ें

कार्यक्रम में मंचासीन राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार और अन्य अतिथि।
HighLights
राज्यपाल ने आत्मनिर्भरता और तकनीकी सशक्तिकरण पर जोर दिया।
युवाओं की सृजनशीलता ही भारत को विकसित राष्ट्र बनाएगी।
'लैब से लैंड' अनुसंधान से नए स्टार्टअप, रोजगार के अवसर।
जागरण संवाददाता, धनबाद। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर ऊर्जा संकट की आशंका के बीच झारखंड के राज्यपाल Santosh Kumar Gangwar ने देश को आत्मनिर्भर और तकनीकी रूप से सशक्त बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि युवाओं की सृजनशीलता ही भारत को विकसित राष्ट्र बनाएगी।
सोमवार को IIT (ISM) Dhanbad में आयोजित राष्ट्रीय अनुसंधान एवं विकास मेला ‘इनवेंटिव 2026’ को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में भारत को अपनी क्षमताओं को और मजबूत करना होगा। देश को न केवल अपनी जरूरतों को पूरा करना है, बल्कि विश्व के लिए एक भरोसेमंद साझेदार के रूप में भी आगे बढ़ना है।
संवाद और साझेदारियों से पैदा होंगे रोजगार के नए अवसर
राज्यपाल ने कहा कि ‘लैब से लैंड’ तक अनुसंधान को पहुंचाने में ऐसे आयोजन अहम भूमिका निभाते हैं। इस मंच से निकलने वाले संवाद और साझेदारियां नए स्टार्टअप, नई तकनीक और रोजगार के अवसर पैदा करेंगी। उन्होंने कोरोना महामारी का जिक्र करते हुए कहा कि भारत ने मानवीय मूल्यों का परिचय देते हुए कई देशों को टीके और दवाएं उपलब्ध कराईं।
प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में देश विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है। आत्मनिर्भर भारत, स्टार्टअप इंडिया और मेक इन इंडिया जैसे अभियान नवाचार आधारित विकास को नई दिशा दे रहे हैं।
युवाओं को नशे से दूर रहने का आह्वान
उन्होंने कहा कि National Education Policy 2020 अनुसंधान, नवाचार और उद्यमिता को मजबूत कर रही है, जबकि डिजिटल इंडिया और इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन देश को तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ा रहे हैं।
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राज्यपाल ने युवा शोधकर्ताओं, स्टार्टअप उद्यमियों और विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे देश के भविष्य के निर्माता हैं। उन्हें नशे जैसी कुरीतियों से दूर रहकर अनुशासन और सकारात्मक ऊर्जा के साथ आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि युवाओं की सृजनशीलता ही भारत को विकसित राष्ट्र बनाएगी।
ऊर्जा, खनन और उभरती प्रौद्योगिकियों में योगदान को सराहा
कार्यक्रम में 150 से अधिक उच्च स्तरीय नवाचार प्रस्तुत किए गए, जिनमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता, स्वास्थ्य, सेमीकंडक्टर, मैटेरियल साइंस और पृथ्वी विज्ञान जैसे क्षेत्र शामिल हैं। राज्यपाल ने कहा कि यह भारत की बौद्धिक क्षमता का प्रतीक है और देश वैश्विक प्रतिस्पर्धा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
IIT (ISM) Dhanbad की शताब्दी विरासत का उल्लेख करते हुए उन्होंने इसके ऊर्जा, खनन और उभरती प्रौद्योगिकियों में योगदान को सराहा। साथ ही नालंदा, तक्षशिला और विक्रमशिला जैसी प्राचीन शिक्षण परंपराओं का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत पुनः ज्ञान के वैश्विक केंद्र के रूप में उभरने की दिशा में अग्रसर है।