कोयला चोरी से झारखंड की बदनामी पर हेमंत सरकार गंभीर, धनबाद में हुई उच्चस्तरीय बैठक; BCCL से मांगी गई रिपोर्ट
Coal Theft High Level Meeting: झारखंड में कोयला चोरी के बढ़ते मामलों और राज्य की बदनामी पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन गंभीर हैं, जिसके चलते धनबाद में एक उच्चस्तरीय बैठक हुई।

धनबाद में कोयला चोरी पर उच्चस्तरीय बैठक की जानकारी देतीं झामुमो की राज्यसभा सदस्य महुआ माजी। (फोटो जागरण)
HighLights
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन कोयला चोरी पर गंभीर हैं।
धनबाद में सांसदों और अधिकारियों की उच्चस्तरीय बैठक हुई।
BCCL से चार दिन में विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई।
मृत्युंजय पाठक, धनबाद। झारखंड और धनबाद कोयलांचल में कोयले की चोरी कोई नई बात नहीं है। लेकिन, अब पानी सिर से ऊपर बह रहा है। साइकिल या बाइक से कोयले की चोरी की बात नहीं हो रही है। अब कोल इंडिया की इकाई-बीसीसीएल, ईसीएल और सीसीएल में काम करने वाली कतिपय आउटसोर्सिंंग कंपनियों से कोयला हाईवा से उठकर सीधे भट्ठों और चोर बाजार में पहुंच रहा है।

50 प्रतिशत कोयला पहुंच रहा चोर बाजार में
एक आकलन के अनुसार कई आउटसोर्सिंग कंपनियों का 50 प्रतिशत तक कोयला चोर बाजार में पहुंच रहा है। और यह सब संगठित गिरोह कर रहा है। पुलिस के कुछ बड़े अधिकारियों का भी संरक्षण प्राप्त है।
यह बात जब केंद्र सरकार तक पहुंची तो केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उच्चस्तरीय बैठक कर कोयला कंपनियों और सीआइएसएफ के अधिकारियों को कोयला चोरी रोकने के लिए दिशा-निर्देश दिए।
गृह मंत्री द्वारा कोयला चोरी पर बैठक करने के बाद CISF ने अभियान चला रखा है। वहीं, कोयला मंत्रालय, कोयला कंपनियों और सीआइएसएफ का आरोप है कि उन्हें पुलिस-प्रशासन का अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा है। इससे झारखंड सरकार की बदनामी हो रही है।
सांसदों ने कोयला कंपनियों और पुलिस-प्रशासन के साथ की समीक्षा
कोयले की चोरी को लेकर झारखंड की हो रही बदनामी को राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गंभीरता से लिया है। उनके निर्देश पर शुक्रवार को धनबाद में उच्चस्तरीय बैठक हुई। इसमें भाग लेने के लिए मुख्यमंत्री के निर्देश पर झामुमो के तीन सांसद-विजय हांसदा, सरफराज अहमद और महुआ माजी पहुंचे थे।
बैठक में धनबाद के उपायुक्त आदित्य रंजन, एसएसपी प्रभात कुमार, बीसीसीएल के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल, ईसीएल, सेल और सीआइएसएफ के अधिकारी भी शामिल थे। बैठक में कोयला चोरी की समीक्षा की गई। साथ ही कोयला चोरी के कारण, पुलिस और कोयला कंपनियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तथा चोरी रोकने के उपायों पर विस्तार से चर्चा हुई।
चार दिन के अंदर मांगी गई विस्तृत रिपोर्ट
बैठक में झामुमो के सांसदों ने कोयला चोरी से संबंधित कई बिंदुओं पर बीसीसीएल से जानकारी मांगी। इनमें-कितनी गाड़ियां कोयला लेकर गुजरती हैं, कितनी गाड़ियों के संबंध में चोरी या अवैध परिवहन की शिकायत थानों में दर्ज कराई गई, किन मामलों में प्राथमिकी हुई और किन मामलों में कार्रवाई नहीं हुई, जैसे बिंदु शामिल हैं।
सांसदों की ओर से संबंधित अधिकारियों और कंपनियों को चार दिन के भीतर रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा गया है। रिपोर्ट के आधार पर यह तय किया जाएगा कि कोयला चोरी किन कारणों से हो रही है और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि कोयला चोरी पर प्रभावी तरीके से रोक लगाई जाए।
CM के निर्देश पर धनबाद पहुंचा सांसदों का प्रतिनिधिमंडल
राजमहल के सांसद विजय हांसदा ने कहा कि कुछ लोगों के कारण झारखंड की बदनामी नहीं होने दी जाएगी। झारखंड अपने खनिज संसाधनों के बल पर देश को संवारता है। इसलिए कोयला चोरी रोकना जरूरी है। इसी उद्देश्य से मुख्यमंत्री के निर्देश पर सांसदों का दल धनबाद पहुंचा और अधिकारियों के साथ बैठक की।
चोरी की वजह की जुटाई जा रही जानकारी: महुआ
बैठक के बाद झामुमो की राज्यसभा सदस्य महुआ माजी ने कहा कि कोयला चोरी के कारण झारखंड की राष्ट्रीय स्तर पर बदनामी हो रही है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इस मामले को लेकर गंभीर हैं।
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उन्होंने कहा कि कोयला चोरी के पीछे क्या गड़बड़ी है और इसकी वजह क्या है, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। कोयला कंपनियों से विस्तृत तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट मिलने के बाद राज्य सरकार आवश्यक निर्णय लेगी।
