धनबाद में बिजली कर्मियों पर हमला और मंत्री के बयान पर भड़के ऊर्जा मित्र, संघ ने दी आंदोलन की चेतावनी
धनबाद में बिजली कर्मियों पर हमले और स्वास्थ्य मंत्री के बयान पर झारखंड राज्य ऊर्जा मित्र संघ ने कड़ा विरोध जताया है। संघ ने बैठक कर सरकार और प्रशासन क ...और पढ़ें

राज्य ऊर्जा मित्र संघ ने आंदोलन की दी चेतावनी। (जागरण)
HighLights
बिजली कर्मियों पर हमले के विरोध में ऊर्जा मित्र संघ की बैठक।
स्वास्थ्य मंत्री के बयान पर संघ ने जताया कड़ा रोष।
दोषियों की गिरफ्तारी, पुलिस सुरक्षा की मांग, आंदोलन की चेतावनी।
जागरण संवाददाता, धनबाद। जिले में बीते दिनों बिजली चोरी रोकने गए विद्युत कर्मियों पर हुए जानलेवा हमले और उसके बाद स्वास्थ्य मंत्री के विवादास्पद बयान ने तूल पकड़ लिया है।
इस घटना के विरोध में झारखंड राज्य ऊर्जा मित्र संघ ने गुरुवार धैय में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। इस दौरान ऊर्जा मित्रो में सरकार और प्रशासन के खिलाफ कड़ा रोष व्यक्त किया।
संघ के संस्थापक संतोष प्रसाद कुशवाहा ने कहा कि बिजली कर्मी सरकार के निर्देशों का पालन करते हुए राजस्व वसूली और बिजली चोरी रोकने का काम कर रहे हैं।
ऐसे में उन पर हमला होना और फिर एक जिम्मेदार मंत्री द्वारा कर्मियों के पक्ष में खड़े होने के बजाय अधिकारियों के तबादले की बात करना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन ने इस मामले में ठोस कदम नहीं उठाए, तो वे काम बंद कर उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
वही, बैठक में मौजूद क्षेत्रीय सचिव बबन प्रसाद ने कहा कि सरकार और प्रशासन को इस सुनियोजित हमले के दोषियों को तुरंत गिरफ्तार करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि मंत्री स्तर से कर्मियों का समर्थन नहीं किया गया, तो कर्मचारी अपनी सुरक्षा की गुहार किसके सामने लगाएंगे। संघ ने मांग की है कि बिजली चोरी रोकने के अभियानों के दौरान पुलिस सुरक्षा अनिवार्य की जाए, अन्यथा कर्मचारी सामूहिक रूप से कार्य बहिष्कार करने पर मजबूर होंगे।
बैठक के दौरान संघ ने रखी प्रमुख मांगें
1. सहरागंज गांव में हमला करने वाले दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी हो।
2. ड्यूटी के दौरान बिजली कर्मियों को पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराई जाए।
3. मंत्री अपने बयान पर स्पष्टीकरण दें और कर्मियों का मनोबल न गिराएं।
क्या थी घटना
बीते दिनों निरसा के बिजली विभाग की टीम सहरागंज गांव में बिजली चोरी के खिलाफ छापेमारी करने पहुंची थी। जांच के दौरान जब कर्मियों ने अवैध कनेक्शन काटने शुरू किए तो ग्रामीणों की भारी भीड़ ने उन्हें घेर लिया।
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देखते ही देखते भीड़ उग्र हो गई और लाठी-डंडों व ईंट-पत्थरों से बिजली कर्मियों पर हमला बोल दिया। इस हमले में कई कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनका उपचार फिलहाल स्वास्थ्य केंद्र में चल रहा है।
हमलावरों ने सरकारी वाहन को भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। इस सुनियोजित हमले के बाद से विभाग के कर्मचारियों में भय और असुरक्षा का माहौल है।