धनबाद-बोकारो सड़क बंदी के विरोध में केंदुआ-करकेंद बंद सफल, अनिश्चितकालीन धरना पर डटे विधायक राज सिन्हा
Dhanbad–Bokaro Road Closure: केंदुआडीह में धनबाद-बोकारो फोरलेन सड़क को फिर से खोलने की मांग को लेकर कोयलांचल बचाओ संघर्ष समिति का आंदोलन शनिवार को तीस ...और पढ़ें

धनबाद-बोकारो सड़क चालू करने की मांग को लेकर केंदुआ में बंद का नजारा। (फोटो जागरण)
HighLights
कोयलांचल बचाओ संघर्ष समिति का आंदोलन तीसरे दिन में।
धनबाद-बोकारो फोरलेन सड़क खोलने की प्रमुख मांग।
भाजपा विधायक राज सिन्हा अनिश्चितकालीन धरने पर।
संवाद सहयोगी, पुटकी (धनबाद)। केंदुआडीह में बंद धनबाद-बोकारो फोरलेन सड़क को चालू करने की मांग को लेकर कोयलांचल बचाओ संघर्ष समिति का आंदोलन शनिवार को तीसरे दिन में प्रवेश कर गया। सड़क खोलने की मांग पर केंदुआ-करकेंद क्षेत्र पूरी तरह बंद रहा। व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद रखीं, जिससे जनजीवन और कारोबार दोनों प्रभावित हुए।
16 अप्रैल को भूधंसान के बाद से बंद है सड़क
ज्ञात हो कि केंदुआडीह में भूमिगत आग और भूधंसान के खतरे के कारण प्रशासन ने 16 अप्रैल को सड़क बंद कर दी थी। उस दिन गैस रिसाव और सड़क धंसने की घटना के बाद सुरक्षा के मद्देनजर यह कदम उठाया गया। सड़क बंद रहने से धनबाद और बोकारो के बीच आवागमन बाधित है, जिससे लोगों को लंबा वैकल्पिक रास्ता अपनाना पड़ रहा है।

इसका सबसे ज्यादा असर केंदुआ के आगे करकेंद स्थित मुख्य कपड़ा मंडी पर पड़ा है। सड़क बंद होने से थोक व्यापार ठप पड़ गया है और व्यापारी वर्ग खासा परेशान है। व्यापारियों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आर्थिक नुकसान और बढ़ेगा।
अनिश्चितकालीन धरना पर विधायक राज सिन्हा
सड़क चालू कराने की मांग को लेकर संघर्ष समिति के अध्यक्ष मोनू पाठक और सचिव मो. जाहिद ने आंदोलन जारी रखने का एलान किया है। वहीं धनबाद के भाजपा विधायक राज सिन्हा भी अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। शनिवार को विभिन्न चैंबर ऑफ कॉमर्स के आह्वान पर क्षेत्र के अधिकांश प्रतिष्ठान बंद रहे और व्यापारी बड़ी संख्या में धरना स्थल पर पहुंचे।
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धरना स्थल पर व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए विधायक ने उनके समर्थन के लिए आभार जताया। कड़ी धूप के बावजूद बड़ी संख्या में लोग डटे रहे और प्रशासन व बीसीसीएल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की।
आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि जब तक सड़क चालू नहीं होती और गैस रिसाव की समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकलता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।