मैथन डैम का बोट घाट अब गोगना क्षेत्र में होगा स्थानांतरित, सुरक्षा के मद्देनजर डीवीसी प्रबंधन का निर्णय
Maithon Dam से सुरक्षा कारणों से 500 मीटर के दायरे में आने वाले सभी बोट घाटों को हटाकर डीवीसी चेयरमैन कैंप के पास गोगना क्षेत्र में स्थानांतरित किया ज ...और पढ़ें

मैथन डैम का बोट घाट।(फोटोः जागरण)
HighLights
मैथन डैम से बोट घाट 500 मीटर दायरे से हटेंगे।
नया बोट घाट गोगना क्षेत्र में आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा।
बोट संचालकों ने स्थानांतरण पर अभी सहमति नहीं दी।
संवाद सूत्र, मैथन (धनबाद)। मैथन डैम के पांच सौ मीटर के दायरे में आनेवाले सभी बोट घाटों को हटाकर अब एक सुरक्षित जगह से संचालित किया जाएगा। इसको लेकर डीवीसी मैथन प्रबंधन ने एक सूचना जारी की है।
डैम सुरक्षा एक्ट, 2021 के अंतर्गत निर्धारित विनियमों के अनुसार किसी भी डैम से 500 मीटर की परिधि के अंदर निर्माण कार्य, बोट, नौका अथवा स्पीड बोट का संचालन प्रतिबंधित है। वर्तमान में मैथन डैम के झारखंड क्षेत्र में संचालित चार बोट घाट इसके दायरे में आते हैं।
इसलिए इनका स्थानांतरण मैथन डैम स्थित डीवीसी चेयरमैन कैंप के समीप गोगना क्षेत्र में किया जाएगा। इसके लिए नए स्थल का चयन भी कर लिया गया है। साथ ही इस बात की जानकारी धनबाद के उपायुक्त को भी पत्र भेजकर दे दी गई है।
प्रबंधन के अनुसार नया बोट घाट गोगना क्षेत्र को आधुनिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है। यहां कार व बस पार्किंग के लिए पर्याप्त जगह है। दुकानों के लिए स्थान निर्धारित किए जाएंगे। सुलभ शौचालय बनाया जाएगा। उच्च क्षमता वाली हाई मास्ट लाइटें लगाई जाएगी।
व्यापक वृक्षारोपण किया जाएगा। आकर्षक पुष्प उद्यान व हरित क्षेत्र विकसित किए जाएंगे। पर्यटकों की सुविधा के लिए अलग-अलग मार्ग बनाए जाएंगे। साइन बोर्ड व रूट गाइडेंस की समुचित व्यवस्था की जाएगी। पर्यटन सीजन के दौरान पर्यटकों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा, यातायात प्रबंधन व बुनियादी सुविधाओं की विशेष व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी, जिससे क्षेत्र का पर्यटन और अधिक आकर्षक एवं व्यवस्थित बन सके।
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प्रबंधन ने बोट घाट संचालकों के साथ की बैठक, नहीं बनी सहमति
डीवीसी प्रबंधन ने मैथन के सभी बोट घाट संचालकों के साथ बुधवार को डीवीसी के मैथन प्रशासनिक भवन में बैठक की। इसमें बोट घाटों के स्थानांतरण को लेकर चर्चा की। बोट घाट संचालकों से बोट संचालन से संबंधित आवश्यक पंजीकरण व अन्य औपचारिक प्रक्रियाओं को पूर्ण करने का अनुरोध किया गया। मगर बोट घाट संचालकों ने नया बोट घाट क्षेत्र में जाने से मना कर दिया।
मैथन परियोजना का विकास केवल आधारभूत संरचना के विस्तार तक सीमित नहीं है, बल्कि स्थानीय नागरिकों की आजीविका, रोजगार व पर्यटन आधारित आर्थिक गतिविधियों को भी सुदृढ़ करना इसका प्रमुख उद्देश्य है। मैथनवासी व सभी हितधारक इसमें सहयोग करे।-सुखमय नायक, उप महाप्रबंधक, डीवीसी मैथन