धनबाद: निरसा CHC में कीचड़ का अंबार, गंदे पानी से होकर जाने को मजबूर मरीज
निरसा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के मुख्य द्वार पर जलजमाव और कीचड़ से मरीजों को भारी परेशानी हो रही है, खासकर गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को। ...और पढ़ें
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HighLights
निरसा सीएचसी के मुख्य द्वार पर जलजमाव और कीचड़ की समस्या।
गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और दिव्यांग मरीजों को प्रवेश में भारी दिक्कत।
अस्पताल प्रबंधन ने जल निकासी की व्यवस्था का आश्वासन दिया।
जागरण संवाददाता, निरसा (धनबाद)। निरसा के पांड्रा मोड़ स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) की बदहाल व्यवस्था खुद स्वास्थ्य विभाग पर सवाल खड़े कर रही है। अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार पर लंबे समय से जलजमाव और कीचड़ की समस्या बनी हुई है। ऐसे में इलाज कराने आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मरीजों और गर्भवती महिलाओं की बढ़ी मुश्किलें
प्रतिदिन सैकड़ों मरीज इलाज के लिए सीएचसी पहुंचते हैं। टोटो, ऑटो और अन्य छोटे वाहनों से आने वाले मरीजों को गंदे पानी से होकर अस्पताल में प्रवेश करना पड़ता है। सबसे अधिक परेशानी गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और दिव्यांग मरीजों को होती है। कई बार फिसलने का खतरा भी बना रहता है, जिससे किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

लापरवाही पर उठ रहे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी लोगों को डायरिया व अन्य संक्रामक बीमारियों से बचाव के लिए आसपास जलजमाव नहीं होने देने की सलाह देते हैं, लेकिन अस्पताल के मुख्य द्वार पर ही गंदा पानी जमा रहना विभागीय लापरवाही को उजागर करता है। लोगों का कहना है कि जब अस्पताल का प्रवेश द्वार ही बदहाल हो, तो आम जनता स्वास्थ्य व्यवस्था पर कैसे भरोसा करे।

जल्द समाधान का दावा
इस संबंध में निरसा सीएचसी प्रभारी डॉ. मृणाल श्रीवास्तव ने बताया कि जल निकासी की व्यवस्था कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि जल्द ही पानी की निकासी सुनिश्चित कर मरीजों को इस समस्या से राहत दिलाई जाएगी।
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लोगों की मांग
स्थानीय लोगों ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से अस्पताल परिसर की साफ-सफाई, जल निकासी और प्रवेश मार्ग की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है। उनका कहना है कि अस्पताल जैसी महत्वपूर्ण जगह पर इस तरह की बदहाली न केवल मरीजों की परेशानी बढ़ा रही है, बल्कि स्वास्थ्य व्यवस्था की छवि भी खराब कर रही है। लोगों को उम्मीद है कि संबंधित अधिकारी जल्द ठोस कदम उठाकर इस समस्या का स्थायी समाधान करेंगे।