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    पंचेत में श्मशान घाट का रास्ता बंद करने पहुंचे कर्मियों का विरोध, महिलाओं ने दो अधिकारियों को बनाया बंधक

    Updated: Wed, 20 May 2026 10:12 AM (IST)

    पंचेत के रांगामटिया गांव में महिलाओं ने सोलर प्लांट के लिए श्मशान घाट का रास्ता बंद करने का विरोध किया। उन्होंने कंपनी के दो अधिकारियों को बंधक बनाया, ...और पढ़ें

    HighLights

    1. महिलाओं ने श्मशान घाट का रास्ता बंद करने का विरोध किया।

    2. कंपनी के दो अधिकारियों को करीब दो घंटे तक बंधक बनाया।

    3. पुलिस हस्तक्षेप से काम रोकने के आश्वासन पर स्थिति शांत हुई।

    संवाद सूत्र, पंचेत (धनबाद)। दामोदर घाटी निगम (DVC) की पंचेत इकाई में सोलर प्लांट निर्माण में लगी नेशनल थर्मल पावर कॉरपोरेशन (NTPC) के अधीन कार्यरत एनजीएसएल कंपनी के कर्मियों व अधिकारियों को मंगलवार को भारी विरोध का सामना करना पड़ा।

    NTPC

    रांगामटिया गांव के रास्ते श्मशान घाट में जेसीबी मशीन से रास्ता बंद करने की कोशिश की सूचना पर दोपहर करीब तीन बजे बड़ी संख्या में महिलाएं मौके पर पहुंच गईं। आक्रोशित महिलाएं लाठी-डंडों के साथ जेसीबी मशीन को घेरकर विरोध करने लगीं। महिलाओं की उग्र भीड़ को देख कंपनी के कर्मचारी व चालक मौके से भाग निकले।

    दो घंटे तक बंधक बने रहे अधिकारी 

    इस दौरान बचाव में कार से घटनास्थल पर पहुंचे एनजीएसएल के अधिकारी बाबुल पाल और प्रशांत कुमार को भी महिलाओं ने करीब दो घंटे तक घेर कर बंधक बनाए रखा। महिलाएं किसी भी कीमत पर दोनों अधिकारियों को छोड़ने के पक्ष में नहीं थीं।

    महिलाओं का आरोप था कि डीवीसी प्रबंधन ने एसडीओ के साथ हुई बैठक में 15 दिनों के भीतर जमीन संबंधी कागजात उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था। इसके बावजूद सोलर प्लांट निर्माण में लगी कंपनी गांव की ओर अपना दायरा बढ़ाते हुए श्मशान घाट जाने वाले रास्ते को बंद करने का प्रयास कर रही है।

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    श्मशान घाट के  रास्ते को लेकर विवाद 

    ग्रामीण महिलाओं ने स्पष्ट कहा कि जब तक डीवीसी जमीन के कागजात नहीं दिखाता, तब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं होने दिया जाएगा। उनका कहना था कि श्मशान घाट जाने वाले रास्ते को किसी भी हालत में बंद नहीं होने दिया जाएगा।

    सूचना मिलने पर पंचेत ओपी प्रभारी सुजीत कुमार सिंह मौके पर पहुंचे और महिलाओं से कानून हाथ में नहीं लेने की अपील की। उन्होंने वस्तुहारा संग्राम समिति के अध्यक्ष मुख्तार अंसारी को भी बुलाकर ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया।

    पुलिस ने अधिकारियों को कराया मुक्त 

    ओपी प्रभारी ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि आरटीआई के माध्यम से जमीन संबंधी कागजात उपलब्ध होने तक कंपनी दूसरी जगह काम नहीं करेगी। इसके बाद महिलाओं ने एनजीएसएल के दोनों अधिकारियों को छोड़ दिया। मौके पर एनजीएसएल के डीजीएम मेहताब आलम, पुलिस बल तथा सीआईएसएफ के जवान मौजूद थे।