Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    बदमाश प्रिंस खान का खास गुर्गा मेजर ने धनबाद कोर्ट में जमानत अर्जी दी, शुक्रवार को सुनवाई

    By Ajay Kumar Bhatt Edited By: Mritunjay Pathak
    Updated: Thu, 30 Apr 2026 04:14 PM (IST)

    Dhanbad News: आतंक का पर्याय बन चुके प्रिंस खान के करीबी गुर्गे मेजर ने धनबाद कोर्ट में जमानत अर्जी दायर की है, जिस पर शुक्रवार को सुनवाई होगी। पुलिस ...और पढ़ें

    प्रिंस खान का गुर्गा मेजर और धनबाद कोर्ट। (फाइल फोटो)

    प्रिंस खान का गुर्गा मेजर और धनबाद कोर्ट। (फाइल फोटो)

    जागरण संवाददाता, धनबाद। आतंक का पर्याय बन चुके भगोड़े अपराधी प्रिंस खान के करीबी गुर्गे सैयद सैफ अब्बास नकवी उर्फ शैफी उर्फ मेजर ने गुरुवार को अदालत में जमानत अर्जी दायर कर रिहाई की मांग की है। जमानत अर्जी पर अदालत में शुक्रवार को सुनवाई होगी। 

    बचाव पक्ष के वरीय अधिवक्ता शाहनवाज एवं श्रेयांश रिटोलिया ने दलील दी कि आरोपी को झूठा फंसाया गया है। उनका कहना है कि सैफ का नाम मेजर नहीं है और उसका प्रिंस खान से कोई संबंध नहीं रहा। अदालत में शुक्रवार को मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी द्वारा इस मामले की सुनवाई होगी।

    पुलिस हिरासत में मेजर, गैंग से जुड़े खुलासे

    सैफी उर्फ मेजर फिलहाल धनबाद पुलिस की हिरासत में है। पुलिस उससे प्रिंस खान गिरोह के नेटवर्क को लेकर पूछताछ कर रही है। पूछताछ में उसने कई अहम जानकारियां दी हैं। इससे पहले उसे बैंकमोड़ थाना में दर्ज तीन साल पुराने मामले में जेल भेजा गया था। उस केस में गुड्डू अंसारी, मोहम्मद अरमान आलम, अफरीदी सिद्दीकी और राजा समेत अन्य पर गिरोह से जुड़े होने के आरोप लगाए गए थे।

    पुराने केस में भी मेजर की भूमिका पर सवाल

    प्राथमिकी के अनुसार, एक अगस्त 2023 को आरा मोड़ के पास हथियार और नकदी के साथ गिरोह के सदस्य पकड़े गए थे। जांच के बाद 16 दिसंबर 2023 को पुलिस ने बंटी खान और गोडविन खान के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया, जबकि प्रिंस खान, मेजर और अन्य के खिलाफ जांच जारी रखी गई। बचाव पक्ष का कहना है कि पुलिस लगातार अलग-अलग मामलों में सैफ को ‘मेजर’ बताकर फंसा रही है।

    खबरें और भी

    इंटरपोल की मदद से दुबई से गिरफ्तारी

    धनबाद के आपराधिक इतिहास में पहली बार किसी आरोपी को विदेश से गिरफ्तार कर लाया गया। इंटरपोल की मदद से सैफ को दुबई के अजमान से पकड़ा गया और 19 अप्रैल 2026 को भारत लाया गया। कोलकाता एयरपोर्ट पर पूछताछ के बाद उसे प्रोडक्शन वारंट के तहत धनबाद लाया गया। पुलिस के अनुसार, वह प्रिंस खान गिरोह का प्रमुख संचालक था और डिजिटल माध्यम से रंगदारी व धमकी का नेटवर्क चलाता था।