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    ठेका मजदूर की बेटी राशीदा नाज ने झारखंड 12वीं बोर्ड में किया टॉप, बनी प्रेरणा

    By Rahul Mishra Edited By: Mritunjay Pathak
    Updated: Thu, 07 May 2026 03:07 PM (IST)

    JAC 12th Result: ठेका मजदूर की बेटी राशीदा नाज ने झारखंड बोर्ड की बारहवीं विज्ञान परीक्षा में 489 अंक प्राप्त कर राज्य में टॉप किया है। सीमित संसाधनों ...और पढ़ें

    राशीदा को मिठाई खिलाती उसकी मां और परिवार के सदस्य।

    राशीदा को मिठाई खिलाती उसकी मां और परिवार के सदस्य।

    HighLights

    1. राशीदा नाज ने झारखंड 12वीं विज्ञान परीक्षा में टॉप किया।

    2. ठेका मजदूर की बेटी ने 489 अंक प्राप्त कर इतिहास रचा।

    3. सेल्फ-स्टडी और अनुशासन से हासिल की असाधारण सफलता।

    राहुल मिश्र, चासनाला (धनबाद)। ठेका मजदूर की बेटी राशीदा नाज ने यह साबित कर दिया कि मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास के दम पर हर मुश्किल को पार किया जा सकता है। झारखंड एकेडमिक काउंसिल की बारहवीं परीक्षा में डीएवी प्लस टू हाई स्कूल पाथरडीह की विज्ञान संकाय की छात्रा राशीदा ने 500 में 489 अंक प्राप्त कर न केवल जिले बल्कि पूरे राज्य में टॉप कर नया इतिहास रच दिया।

    सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद उनकी यह उपलब्धि हजारों छात्रों के लिए प्रेरणा बन गई है। उनकी सफलता से परिवार और विद्यालय में खुशी का माहौल है तथा हर ओर उनकी मेहनत और लगन की न सिर्फ धनबाद जिले में बल्कि पूरे झारखंड में चर्चा हो रही है।

    राशीदा अपनी बहन को मानती आदर्श 

    राशीदा के पिता मो. रुस्तम अंसारी पश्चिम बंगाल के नियामतपुर स्थित चीनाकुड़ी में एक कंपनी में ठेकाकर्मी हैं, जबकि उनकी मां गुलअफ़्सा परवीन गृहिणी हैं। साधारण परिवार में पली-बढ़ी राशीदा ने अपनी मेहनत और अनुशासन से असाधारण सफलता हासिल की।

    उनके बड़े भाई मो. जुनैद अली बीसीए और बीए की पढ़ाई कर रहे हैं, जबकि बड़ी बहन कनिज फातिमा बीएड कर शिक्षिका बनने की राह पर हैं। राशीदा अपनी बहन को अपना आदर्श मानती हैं और खुद भी शिक्षिका बनकर समाज की सेवा करना चाहती हैं।

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    किसी प्रकार की कोचिंग या ट्यूशन नहीं ली

    पहले भूलन बरारी में रहने वाली राशीदा वर्तमान में जामाडोबा रमजानपुर के सामुदायिक भवन के समीप रहती हैं। वह प्रतिदिन सात किलोमीटर टेंपो से स्कूल जाती थीं। खास बात यह रही कि उन्होंने किसी प्रकार की कोचिंग या ट्यूशन नहीं ली, बल्कि पूरी तरह सेल्फ स्टडी और यूट्यूब के माध्यम से पढ़ाई कर यह मुकाम हासिल किया। सोशल मीडिया से दूरी बनाकर उन्होंने केवल पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित रखा।

    प्रतिदिन आठ से दस घंटे की पढ़ाई

    राशीदा का दैनिक जीवन अनुशासन का उदाहरण रहा। वह सुबह चार बजे उठकर पढ़ाई शुरू करती थीं और प्रतिदिन आठ से दस घंटे पढ़ाई को समर्पित करती थीं। ठंड के दिनों में यह समय रात एक बजे तक भी पहुंच जाता था। उन्होंने हर विषय के लिए अलग लक्ष्य तय किया और पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों का लगातार अभ्यास कर अपनी तैयारी मजबूत की।

    किसी भी कठिनाई के समाधान के लिए वह शिक्षकों से व्हाट्सएप के माध्यम से संपर्क करती थीं। उन्होंने अन्य छात्रों को सलाह दी कि नवंबर-दिसंबर से पहले अपना सिलेबस पूरा कर लें और उसके बाद नियमित अभ्यास के साथ प्रतिदिन 8-10 घंटे पढ़ाई करें, सफलता निश्चित रूप से मिलेगी।

    राशीदा की इस ऐतिहासिक उपलब्धि से विद्यालय परिवार में भी खुशी की लहर है। प्रधानाचार्य अरविंद कुमार पांडेय सहित सभी शिक्षकों ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं।

    विभिन्न विषयों में राशीदा के अंक इस प्रकार हैं-अंग्रेजी में 98, भौतिकी में 97, रसायन विज्ञान में 99, गणित में 98, रिटेल में 97 तथा कंप्यूटर साइंस में 79 अंक प्राप्त हुए।