सिस्टर मारिया निर्मलिनी को वैटिकन में बड़ी जिम्मेदारी, धनबाद कार्मल स्कूल की प्राचार्या ने जताया गौरव
सिस्टर मारिया निर्मलिनी एसी को वैटिकन के डिकास्टरी फॉर इंस्टीट्यूट्स ऑफ कांसेक्रेटेड लाइफ एंड सोसाइटीज ऑफ एपोस्टोलिक लाइफ का कंसल्टर नियुक्त किया गया ...और पढ़ें

सिस्टर मारिया निर्मलिनी। (फोटो साैजन्य)
आशीष सिंह, धनबाद। एपोस्टोलिक कार्मल सभा की सुपीरियर जनरल सिस्टर मारिया निर्मलिनी एसी को पोप लियो 14वें ने वैटिकन के डिकास्टरी फॉर इंस्टीट्यूट्स ऑफ कांसेक्रेटेड लाइफ एंड सोसाइटीज ऑफ एपोस्टोलिक लाइफ का कंसल्टर (परामर्शदाता) नियुक्त किया है।
सिस्टर मारिया 2002 से 2015 तक माउंट कार्मेल कॉन्वेंट स्कूल, दिल्ली की प्राचार्या रही हैं। वर्ष 2023-24 में उनके कार्मल स्कूल, बोकारो थर्मल आगमन पर भी स्वागत किया गया था। पांच वर्षों की इस जिम्मेदारी के साथ वैटिकन की अंतरराष्ट्रीय बैठकों में भारतीय और एशियाई धार्मिक दृष्टिकोण को भी प्रतिनिधित्व मिलेगा।
कार्मल स्कूल धनबाद की पूर्व प्राचार्या सिस्टर सैंड्रा, प्राचार्या जैसिंथा टाउरो और मैनेजर सिस्टर श्रेया ने जनरल मारिया निर्मलिनी की नियुक्ति पर खुशी जताई है। वैटिकन सिटी से भारतीय कैथोलिक समुदाय और विशेष रूप से कार्मल परिवार के लिए यह गौरवपूर्ण पल है।
सिस्टर सैंड्रा ने बताया कि वैटिकन के राज्य सचिवालय की ओर से जारी एक आधिकारिक दस्तावेज के माध्यम से इस महत्वपूर्ण नियुक्ति की घोषणा की गई। इस आदेश पत्र में सिस्टर मारिया निर्मलिनी की पांच साल की सेवा अवधि की पुष्टि की गई है।
वैटिकन डिकास्टरी कैथोलिक चर्च का वह प्रमुख विभाग है जो दुनिया भर में धार्मिक संघों, समर्पित जीवन और उनके मिशन व शासन से जुड़े मामलों की देखरेख और मार्गदर्शन करता है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय नेतृत्व की पहचान
कार्मल स्कूल धनबाद की मैनेजर सिस्टर श्रेया के अनुसार इस वैश्विक जिम्मेदारी के अंतर्गत सिस्टर निर्मलिनी वैटिकन डिकास्टरी को दुनिया भर के धार्मिक संस्थानों, समर्पित जीवन और एपोस्टोलिक जीवन की सोसायटियों से जुड़े मामलों में अपने अनुभव और विशेषज्ञता का योगदान देंगी।
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एक कंसल्टर के रूप में चर्च के समक्ष आने वाली चुनौतियों, शासन और मिशन संबंधी मुद्दों पर अपना परामर्श और मार्गदर्शन प्रदान करेंगी। यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब दुनिया भर में धार्मिक संघ बदलती प्रेरितिक (पास्टोरल) वास्तविकताओं और नए मिशनों को अपना रहे हैं।
सिस्टर मारिया निर्मलिनी की उपस्थिति से वैटिकन की अंतरराष्ट्रीय बैठकों में एक भारतीय और एशियाई धार्मिक दृष्टिकोण शामिल होगा।
महिला सशक्तिकरण का संदेश
कार्मल स्कूल धनबाद की पूर्व प्राचार्या सिस्टर सैंड्रा ने सिस्टर मारिया की इस ऐतिहासिक उपलब्धि की जानकारी साझा की। उन्होंने इसे समूचे कार्मल परिवार और भारत के धार्मिक समुदाय के लिए अत्यंत हर्ष, गर्व और प्रेरणा का क्षण बताया।
यह उपलब्धि होली सी यानी पवित्र सिंहासन के निर्णय लेने की प्रक्रिया में महिला धार्मिक प्रभारियों और वैश्विक नेताओं की बढ़ती भूमिका को भी रेखांकित करती है। सिस्टर मारिया को इसी वर्ष मार्च में भारत में हुए जनरल चैप्टर के दौरान सुपीरियर जनरल पद पर दोबारा चुना गया था।
इसके साथ ही कांफ्रेंस आफ रिलीजियस इंडिया की अध्यक्ष भी हैं। इंटरनेशनल एसोसिएशन आफ एजुकेटर्स फार पीस से विश्व आपदा शिक्षा पुरस्कार भी प्राप्त कर चुकी हैं। इसके साथ ही विश्व मानवाधिकार, सर्वश्रेष्ठ प्राधानाचार्य, सर्वश्रेष्ठ शिक्षक पुरस्कार भी मिल चुका है।