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    ‍Bokaro की एसपी रही तदाशा मिश्रा बनीं प्रभारी DGP, उनके नाम का खौफ खाते थे अपराधी, आज भी याद है आनंद सिंह का एनकाउंटर

    By Mritunjay PathakEdited By: Mritunjay Pathak
    Updated: Fri, 07 Nov 2025 12:04 AM (IST)

    IPS Tadasha Mishra: बोकारो की एसपी रहीं तदाशा मिश्रा अब प्रभारी डीजीपी बन गई हैं। अपराधियों में उनके नाम का खौफ था, खासकर आनंद के एनकाउंटर के बाद। उनक ...और पढ़ें

    झारखंड की नव नियुक्त प्रभारी डीजीपी तदाशा  मिश्रा। (फाइल फोटो)

    झारखंड की नव नियुक्त प्रभारी डीजीपी तदाशा मिश्रा। (फाइल फोटो)

    HighLights

    1. धनबाद के बरटांड में हुआ था कुख्यात आनंद सिंह का एनकाउंटर।

    2. तकालीन बोकारो एसपी और धनबाद एसपी ने मिलकर बनाई थी रणनीति।

    जागरण संवाददाता, धनबाद। झारखंड पुलिस को एक सख्त और तेजतर्रार चेहरा मिला है। राज्य सरकार ने गुरुवार की देर रात गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग की विशेष सचिव तदाशा मिश्रा, जो 2003 में बोकारो की एसपी रह चुकी हैं, को राज्य का प्रभारी डीजीपी नियुक्त किया है।

    अधिसूचना जारी होते ही पुलिस महकमे में हलचल मच गई। साथ ही सरकार ने वर्तमान डीजीपी अनुराग गुप्ता के स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) के आवेदन को स्वीकार कर लिया। सूत्रों के अनुसार, अनुराग गुप्ता ने मंगलवार को ही पद छोड़ने का अनुरोध दिया था।

    अनुराग गुप्ता की नियुक्ति पर केंद्र सरकार ने सवाल उठाए थे, जबकि महालेखाकार ने वेतन जारी करने से इनकार कर दिया था। मामला फिलहाल अदालत में लंबित है। लेकिन अब कमान उस अफसर के हाथ में है, जिसने बोकारो जैसे औद्योगिक जिले को अपराध मुक्त बनाने का दम दिखाया था।

    बोकारो की आयरन लेडी जिसने अपराधियों की कमर तोड़ी

    2003 में बोकारो की एसपी रहते हुए तदाशा मिश्रा ने अपराध पर ऐसा शिकंजा कसा कि अपराधियों के बीच उनके नाम का खौफ बैठ गया। उस दौर में रंगदारी, हत्या और अपहरण की घटनाएं आम हो चुकी थीं, लेकिन मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस ने मोर्चा खोल दिया। उनके कार्यकाल में आधा दर्जन से अधिक कुख्यात अपराधियों का एनकाउंटर हुआ, और बोकारो में लंबे समय तक शांति बहाल रही।

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    धनबाद में हुआ था आनंद सिंह का एनकाउंटर

    तदाशा मिश्रा की सख्ती का सबसे चर्चित उदाहरण रहा आनंद सिंह एनकाउंटर, जिसने पूरे झारखंड को हिला दिया था।
    धनबाद के बरटांड स्थित मधुलिका स्वीट्स में हुई इस मुठभेड़ में कुख्यात अपराधी आनंद सिंह मारा गया। पुलिस को सूचना मिली थी कि वह वहां किसी से मिलने आने वाला है। मिश्रा ने तत्काल धनबाद एसपी मुरारीलाल मीणा से संपर्क कर संयुक्त अभियान शुरू किया।

    शाम करीब 6:30 बजे जब आनंद सिंह एक लाल मारुति वैन से दुकान पर पहुंचा, तो सादे कपड़ों में तैनात पुलिसकर्मियों ने उसे आत्मसमर्पण करने को कहा। लेकिन उसने पिस्तौल निकालने की कोशिश की, जिसके बाद जवाबी फायरिंग में आनंद मौके पर ही ढेर हो गया। उसके दो साथी किसी तरह भाग निकले।