यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 13, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
SNMMCH धनबाद का हाल बेहाल: ईएनटी विभाग के कार्यालय पर लगाई कागज की पर्ची और बन गया डेंगू का आइसोलेशन वार्ड
धनबाद में एक तरफ डेंगू के मामलों में तेजी से इजाफा हो रहा है। वहीं दूसरी तरफ राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज में महज ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, धनबाद। धनबाद में डेंगू का कहर तेजी से फैल रहा है। आधिकारिक तौर पर महुदा के एक व्यक्ति की मौत डेंगू से हो गई है। हर दिन डेंगू के नए मामले आ रहे हैं। ऐसे में डेंगू की तैयारी को लेकर स्वास्थ्य विभाग खानापूर्ति कर रही है।
ENT विभाग के दरवाजे पर आइसोलेशन वार्ड की पर्ची
इसका सबसे बेहतर उदाहरण जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में बनाया गया आइसोलेशन वार्ड है। बिना तय मानको के अस्पताल प्रबंधन में खानापूर्ति के लिए आइसोलेशन वार्ड बनाया है।
ईएनटी विभाग के कार्यालय के आगे डेंगू वार्ड की पर्ची चिपका दी गई है। इसी तरीके से मेल और फीमेल वार्ड बना दिया गया है।
जबकि आइसोलेशन वार्ड पूरी तरह से एसी पैक और संक्रमण रहित बनाना पड़ता है, लेकिन यह 24 घंटे खुला रहता है। मरीज को मच्छरदानी और चादर भी खुद घर से लेकर आना पड़ रहा है।

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न डॉक्टर तैनात, न प्रशिक्षित कर्मचारी
डेंगू वार्ड का हाल ऐसा है कि यहां पर 24 घंटे डॉक्टर और कर्मचारियों की भी तैनाती नहीं की गई है। सामान्य वार्ड में निगरानी करने वाले नर्स और स्वास्थ्य कर्मचारियों को आइसोलेशन वार्ड देखने को कहा गया है। ऐसे में 24 घंटे निगरानी नहीं हो पा रही है।
आइसोलेशन वार्ड के लिए अलग से डॉक्टर भी तैनात नहीं किए गए हैं। सामान्य तौर पर इंडोर वार्ड में राउंड लेने वाले डॉक्टर यहां आकर एक बार मरीज को देख पाते हैं। यहां भर्ती होने वाले मरीजों के लिए अलग से दवा की भी कोई व्यवस्था नहीं है। मजबूरी में मरीजों को बाहर से दवा खरीदनी पड़ रही है।
आज 13 मरीजों की आएगी डेंगू की रिपोर्ट
धनबाद से फिलहाल 13 डेंगू के संदिग्ध मरीजों की सैंपल ली गई है। बुधवार देर शाम तक संदिग्ध मरीजों की एलाइजा रिपोर्ट जारी कर दी जाएगी। वहीं विभिन्न जगहों में स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों के सैंपल लिए जा रहे हैं।
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सिविल सर्जन डॉक्टर चंद्रभानु ने बताया कि आइसोलेशन वार्ड को दुरुस्त करने के लिए मेडिकल कॉलेज को निर्देशित किया जा रहा है। जहां भी संदिग्ध मरीज मिल रहे हैं उनकी जांच कराई जा रही है।
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