यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 04, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
'हां मैंने मरवाया है...' अमन सिंह के भरोसेमंद छोटू ने कराई उसकी हत्या, कहा- बहुत दिन से चल रही थी प्लानिंग
धनबाद के कुख्यात गैंगस्टर अमन सिंह की कल जेल में गोली मारकर हत्या कर दी गई। उस पर सात गोलियां दागी गईं। उसकी हत्या की जिम्मेदारी उसके पुराने गुर् ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, धनबाद। गैंगस्टर अमन सिंह की जेल में हुई हत्या की जिम्मेदारी उसके पुराने गुर्गे धनबाद के हीरापुर जेसी मल्लिक रोड के रहने वाले आशीष रंजन उर्फ छोटू ने ली है। बकायदा एक ऑडियो जारी कर कहा है कि इसकी तैयारी बहुत दिनों से कर रहा था। ऑडियो में वह दावा कर रहा कि अमन को तो कोर्ट परिसर में पेशी के दौरान मारने की तैयारी थी, मगर उसे भनक लग गई थी।
अमन को छोटू कभी मानता था बड़ा भाई
छोटू यह भी कह रहा कि वह उसे बड़ा भाई मानता था, मगर कुछ पैसे के लिए उसने उसकी हत्या करने की ठान ली थी। इसलिए मरवा दिया। जेल में उसने ही हथियार पहुंचाया है। जिस आदमी ने अमन की हत्या की है, वह उसका ही नाम लेगा। धनबाद के व्यपारियों से कोई मतलब नहीं है, मगर कोयले के व्यापार में वह रहेगा।
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लाला हत्याकांड के बाद से फरार है आशीष
आशीष का नाम पहली बार वीर कुंवर सिंह कालोनी के जमीन कारोबारी समीर मंडल हत्याकांड में आया था। इसमें आशीष के साथ पार्टनर सतीश साव उर्फ गांधी भी था। जो इन दिनों धनबाद जेल में बंद है।
इस हत्या के बाद आशीष की गिरफ्तारी हुई थी। बेल पर बाहर आने के बाद 12 मई, 2021 को वासेपुर के जमीन कारोबारी लाला खान की गोली मारकर दिनदहाड़े हत्या कर दी गई थी। इसमें अमन सिंह के साथ आशीष रंजन और वासेपुर के मिस्टर खान का नाम आया था।
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पुलिस इस कांड में आशीष रंजन उर्फ छोटू की तलाश कर ही रही थी। इस बीच कतरास निवासी पुलिस मुखबिर नीरज तिवारी की हत्या गोली मारकर दी गई थी। इस कांड में रौनक व रोहित गुप्ता के अलावा आशीष रंजन का नाम आया था। तब से वह फरार है।
अमन गैंग से हटने का ऑडियो हुआ था वायरल
आशीष रंजन उर्फ छोटू का एक आडियो कुछ दिन पूर्व भी वायरल हुआ था। इसमें वह कहा रहा था कि अमन सिंह गैंग से उसका अब कोई संबंध नहीं है। वह उसके गैंग को छोड़ चुका है।
अमन के हर कांड में आता था छोटू का नाम
डा. समीर कुमार से रंगदारी, किया शोरूम में बमबाजी सहित अमन के इशारे में सभी अपराध का जब भी इंटरनेट मीडिया पर कबूलनामा आता, तो उसमें आशीष रंजन उर्फ छोटू का नाम आता था।
हालांकि, इस मामले में एसएसपी संजीव कुमार ने भी कई बार खुलासा किया है कि छोटू का नाम सिर्फ अपराध करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। वह किसी अपराध में नहीं रहता है। बावजूद इसके आशीष रंजन को पुलिस गिरफ्तार करने में असफल रही।