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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 14, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    'अब किसके सहारे कटेगी जिंदगी' आंखों के सामने आग में जलती रहीं मां, बहन और बेटी; धनबाद में भीषण अग्निकांड का खौफनाक मंजर

    By Jagran NewsEdited By: Shashank Shekhar
    Updated: Tue, 14 Nov 2023 02:17 PM (IST)

    धनबाद में सोमवार को बहुत बड़ा हादसा हो गया। भीषण अग्निकांड में तीन लोगों की तड़प-तड़प कर मौत हो गई। मौत की घटना ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है। म ...और पढ़ें

    'अब किसके सहारे कटेगी जिंदगी' आंखों के सामने आग में जलती रहीं मां, बहन और बेटी
    'अब किसके सहारे कटेगी जिंदगी' आंखों के सामने आग में जलती रहीं मां, बहन और बेटी

    HighLights

    1. 10 मिनट में जहरीला धुआं से भर गया पूरा कमरा
    2. केंदुआडीह बाजार इलाके में पसरा मातम

    जागरण संवाददाता, धनबाद। धनबाद के केंदुआडीह बाजार में आग लगने से बड़ा हादसा हो गया। भीषण आग की घटना में तीन लोगों की मौत हो गई।

    मृतकों की पहचान सुभाष गुप्ता की मां उमा देवी (70 साल), बहन प्रियंका गुप्ता (32 साल) और बेटी सौम्या गुप्ता उर्फ मौली (6 साल) की मौत हो गई। सुभाष अपने तीन भाइयों के साथ यहां रहते हैं।

    दो छोटे भाई का नाम सुमित गुप्ता और सुजीत गुप्ता है। दोनों की शादी अभी नहीं हुई है। रात 9:30 बजे मुख्यालय से लगभग 6 किमी की दूरी पर स्थित अशोक गुप्ता की श्रृंगार के स्टोर में आग लग गई। इसके बाद आग की लपटें घर के थर्ड फ्लोर तक पहुंच गया।

    आग लगने से कमरा जलकर राख

    अगलगी की घटना में पूरा कमरा जलकर राख हो गया है। नीचे बेसमेंट के दुकान से अभी भी आग के राख ठंडे नहीं हुए हैं। ऊपर कमरे में बैठकर सुजीत गुप्ता फफक कर रो रहे हैं। बार-बार कह रहे हैं, काश आधे घंटे के अंदर अग्निशमन सेवा की व्यवस्था मिल जाती तो मेरी मां, बहन और भतीजी की जान बच जाती।

    अगर आस-पास के लोगों ने मदद नहीं की होती तो घर के कई और लोगों की जान चली जाती। पास में सुजीत के भाई सुमित गुप्ता बैठे हैं। घटना को लेकर सुमित बेशुध पड़े हैं।

    पूरा घर आग की चपेट में आ गया है। दीवार कार्बन की परत से जम गए हैं। जले हुए कमरे में ही दोनों भाई मां, बहन और भतीजी को याद कर रो रहे हैं।

    'अब किसके सहारे कटेगी जिंदगी'

    घर के बाहर चिता सज रही है। चिता को देखकर सुभाष गुप्ता के वृद्ध पिता अशोक गुप्ता का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना में अशोक गुप्ता की पत्नी उमा देवी का निधन हो गया है। वह अपनी पत्नी को याद करके रो रहे हैं।

    कह रहे हैं कि भगवान ने क्या दिन दिखा दिया। पत्नी साथ छोड़ कर चली गई। बेटी और पोती की भी जान चली गई। अशोक गुप्ता बार-बार बेहोश हो रहे हैं। बेटा सुजीत गुप्ता आकर उन्हें सांत्वना दे रहे हैं।

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    पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है। सुभाष गुप्ता की पत्नी की जान घटना में बच गई है। घटना में जख्मी होने के बाद दोबारा घर पहुंच गई है। घर पहुंचने पर सुभाष गुप्ता की पत्नी बार-बार रो रही है।

    1899 से बाजार में रह रहा परिवार

    सुभाष गुप्ता का परिवार 1899 में ही धनबाद आ गया था। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजीपुर के रहने वाले हैं। यहां केंदुआडीह बाजार में उनका श्रृंगार का दुकान है।

    इसके ऊपर वाले दो फ्लोर में पूरा परिवार रहता है। परिजनों का कहना है कि ऐसी घटना अपनी जिंदगी में कभी नहीं देखी है। सिर्फ एक पल के अंदर ही सब कुछ खत्म हो गया।

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