Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    ईद पर वासेपुर के लच्छे नहीं खाए तो क्या खाया? यूरोप और खाड़ी देशों में बढ़ी डिमांड 

    Updated: Fri, 20 Mar 2026 07:36 PM (GMT+05:30)

    वासेपुर का लच्छा ईद के दौरान खाड़ी और यूरोपीय देशों में भी अपनी पहचान बना रहा है। धनबाद के लोग विदेशों में रहने वाले अपने रिश्तेदारों को यह खास लच्छा ...और पढ़ें

    ईद के मौके पर वासेपुर में लच्छे की खरीदारी करते लोग। (जागरण)

    ईद के मौके पर वासेपुर में लच्छे की खरीदारी करते लोग। (जागरण)

    HighLights

    1. वासेपुर का लच्छा ईद पर विदेशों में भी लोकप्रिय।

    2. खाड़ी और यूरोपीय देशों में पार्सल से पहुंचती है मिठास।

    3. महंगाई के बावजूद लच्छे की बिक्री में भारी उछाल।

    मोहम्मद शाहिद, वासेपुर(धनबाद)। कोयलांचल के साथ-साथ दुनिया के कई देशों में भी वासेपुर के बने हुए लच्छे का स्वाद और खुशबू अपनी पहचान छोड़ जाता है।

    ईद के समय वासेपुर में बने हुए लच्छे का डिमांड खाड़ी के कई देशों और यूरोपियन देशों में खासकर हो जाता है, क्योंकि धनबाद और वासेपुर के कई लोग इन देशों में रहते हैं और ईद में किसी कारण नहीं आने की वजह से वासेपुर के बने हुए लच्छे को इन देशों में पार्सल के द्वारा मंगवाया जाता है।

    यह वासेपुर से इस परिवार के किसी रिश्तेदार के द्वारा पहुंचने का काम भी किया जाता है, परिवार के लोग भी अपने रिश्तेदारों को यहां के लच्छे ईद के समय पार्सल के द्वारा विश्व के अलग-अलग देशों में भेजते हैं, जिसकी खुशबू और मिठास के वहां के स्थानीय लोग भी दीवाने हैं।

    वासेपुर के रहने वाले मोहम्मद इरफान अंसारी, अमादूल इस्लाम, मंसूर आलम, मोहम्मद तौसीफ आलम और हुसैन निषात जो यूरोप के जर्मनी में रहते हैं। वह अपने दोस्तों के लिए भी लच्छे का पैकेट मंगवाते हैं।

    दैनिक जागरण से बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि उनके जर्मनी के स्थानीय दोस्त और कंपनी के बहुत सारे कर्मचारी भी लच्छे के बेहद शौकीन है, जो ईद का इंतजार करते हैं और ईद आते ही वासेपुर में तैयार किए गए लच्छे खाने का शौक जाहिर करते हैं, जिसकी वजह से इस्लाम धनबाद वासेपुर के बने हुए लच्छे को पार्सल के द्वारा अपने परिवार से यूरोपियन कंट्री भेजा जाता है।

    ईद को लेकर, लच्छे और सेवइयों की खुशबू से लबरेज हुआ बाजार

    वासेपुर के साथ-साथ पूरे कोयलांचल के मुस्लिम भाई, ईद उल फितर की तैयारी में जुट गए हैं। इसको लेकर स्थानीय पुराना बाजार और धनबाद शहर के विभिन्न बाजारों में, खरीदारी करने के लिए मुस्लिम भाइयों का, भीड़ देखने को बन रहा है।

    खबरें और भी

    मर्द औरतें और छोटे-छोटे बच्चे भी ईद की खरीदारी में लगे हुए हैं। ईद को देखते हुए बाजारों में, कपड़ों की दुकानों पर महिलाएं की भीड़ देखने को बन रही है। इसको देखते हुए जिला प्रशासन की तरफ से बाजारों में पुलिस बल की भी व्यवस्था की गई है।

    हालांकि, महंगाई की मार हर जगह है, कपड़ों में भी, पिछले साल के बनिस्बत इस वर्ष काफी बढ़ोतरी हुई है, फिर भी इस त्यौहार को लेकर खरीदारों के बीच कुछ खास फर्क नहीं पड़ रहा है।

    ईद को लेकर लच्छे और सेवइयों का भी बाजार सजा हुआ है, ईद उल फितर के मौके पर इस्लाम धर्म में 2 रकात नफिल नमाज के बाद, मीठा खिलाना और मीठा खाना सुन्नत है।

    ₹300 से लेकर ₹400 में बिकता है लच्छा

    इस वजह से ईद के समय, लच्छे और सेवइयों की बिक्री काफी बढ़ जाती है, इस वर्ष महंगाई को देखते हुए डालडा वाला लच्छा ₹250 से ₹300 रुपये केजी और रिफाइंड तेल का लच्छा ₹300 से लेकर ₹400 केजी बिकता है।

    वहीं घी वाला लच्छा ₹600 से ₹1200 केजी के दर से बिक रहा है। स्थानीय वासेपुर के दुकानदारों का कहना है कि महंगाई काफी बढ़ गई है, इसको लेकर और साल के भांति इस बार 1 केजी में लगभग ₹50 से 200 की बढ़ोतरी हुई है।

    ईद के समय पर रिफाइंड तेल के बना हुआ लच्छा और घी के बने हुए लच्छे की डिमांड होती है। यह लच्छा वासेपुर में झारखंड और बंगाल के कारीगर बनाते हैं। झारखंड से मधुपुर जामताड़ा और साहिबगंज के कारीगर वासेपुर आकर खुशबूदार लच्छे तैयार करते हैं। वहीं, बंगाल के कारीगर सेवई और घी वाले लच्छे को तैयार करते हैं।

    यह भी पढ़ें- Eid 2026 : चांद दिखा-दिल खिला, दरभंगा में ईद से पहले इबादत और बाजारों की चहल-पहल