अंग्रेजी के 26 लेटर, लेकिन परिवहन विभाग के नंबर में 24 ही क्यों? वजह है दिलचस्प
Vehicle Registration Number Rules: वाहनों के रजिस्ट्रेशन नंबर में 'आई' और 'ओ' अक्षर का इस्तेमाल नहीं होता है क्योंकि ये '1' और '0' जैसे दिखते हैं।

वाहनों का रजिस्ट्रेशन नंबर। (प्रतीकात्मक फोटो)
HighLights
'आई' और 'ओ' अक्षर वाहन नंबर में वर्जित।
'1' और '0' से भ्रम से बचने को नियम।
केंद्रीय परिवहन मंत्रालय ने सुरक्षा हेतु लिया निर्णय।
शशि भूषण, धनबाद। Vehicle Registration Number Rules अंग्रेजी में 26 लेटर का अल्फावेट सभी ने पढ़ा है। लेकिन परिवहन विभाग की गिनती कुछ और ही बताती है। उसकी डिक्सनरी में केवल 24 अल्फावेट ही हैं। यह सुनने में अटपटा जरूर है लेकिन यही सच्चाई है।
परिवहन विभाग ने दो अल्फावेट को परमानेंट डिलीट कर दिया है। वाहनों के रजिस्ट्रेशन के समय जो नंबर की सीरीज आवंटित होती है, उस सीरीज में अंग्रेजी के 24 लेटर का ही उपयोग किया जाता है। जबकि दो लेटर का सीरीज में उपयोग ही नहीं किया जाता है।
शायद अब तक आपने गौर नहीं किया होगा कि आखिर इसकी वजह क्या है। वाहनों के रजिस्ट्रेशन नंबर में 'ए' से लेकर 'जेड'' लेटर तक की सीरीज आवंटित कर दी जाती है। जबकि 'आई' और 'ओ' सीरीज अगर आप लेना भी चाहें, तो भी आवंटित नहीं हो सकती है।
आखिर क्यों वाहनों के सीरीज में ये अक्षर वर्जित होते हैं यह हम आपको बताते हैं। अंग्रेजी का यह लेटर है आई और ओ झारखंड सहित देश के किसी भी राज्य में वाहनों के नंबर प्लेट पर आपने आई और ओ नहीं देखा होगा।
इंग्लिश के अल्फाबेट आई और ओ दो ऐसे अल्फाबेट है जो कि नंबर के 1 और 0 जैसा दिखाई देता है। इसमें अगर एक ही नंबर प्लेट पर I और 1 रहे तो दूसरों के साथ ही खुद भी अपनी नंबर पहचानने और याद करने में परेशानी होगी।
इसके अलावा कोई भी व्यक्ति नहीं जान पाएगा कि नंबर है या अल्फाबेट। परिवहन पदाधिकारी दिवाकर द्विवेदी बताया कि केंद्रीय परिवहन मंत्रालय ने वाहनों की सीरीज में 'आई' और 'ओ' लेटर इसलिए वर्जित किया होगा, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा न हो। यह दोनों लेटर आकार में वन और जीरो की तरह प्रदर्शित होते हैं।
क्या है सरकार का आदेश
भारत सरकार के रोड ट्रांसपोर्ट एंड हाईवेज मंत्रालय की तरफ से यह निर्देश है कि किसी भी वाहन के लिए परिवहन विभाग की तरफ से I और O सीरीज किसी भी वाहन स्वामी को आवंटित नहीं की जा सकती है। इसे पूरी तरह से वर्जित किया गया है।
दरअसल, अंग्रेजी का I और O लेटर का आकार एक और जीरो की तरह होता है। इन अक्षर में किसी तरह का घुमाव नहीं होता है। जब नंबर प्लेट पर I और O अक्षर लिखे जाएंगे, तो कहीं न कहीं यह एक और जीरो के रूप में दिखेंगे।
उदाहरण के तौर पर अगर किसी वाहन पर जेएच 10 II 5152 या जेएच 10 OO 5100 की सीरीज आवंटित कर दी जाती तो वह 11 और जीरो जीरो की तरह ही नजर आती। इससे भ्रम की स्थिति उत्पन्न होती है।
अगर इस सीरीज के वाहन से कहीं कोई दुर्घटना हो जाती है, तो नंबर प्लेट पर दर्ज नंबर को पहचान पाना भी मुश्किल हो जाता और वाहन स्वामी बच निकलता। इसी को ध्यान में रखकर मंत्रालय ने यह निर्णय लिया है।
राज्यों का होता है अलग-अलग सीरिज
वाहनों के लिए हर राज्य में अलग-अलग सीरिज होते हैं। झारखंड में वाहनों का नंबर जेएच से शुरु होता है। इसके बाद इसमें राज्य के विभिन्न जिलों के कोड 01 से लेकर 24 तक होता है।
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उसके बाद इसमें इंग्लिश के अल्फाबेट ए-जेड और फिर एए-जेडजेड की सीरिज रहती है। अंत में नंबर हर इंग्लिश अल्फाबेट सीरिज के बाद नंबर 0001 से लेकर 9999 तक रहता है।
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