Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 16, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    World Spine Day 2023: क्या आप बाइक-ऑटो से करते हैं सफर? सड़कों के गड्ढे बना रहे रीढ़ का मरीज; गर्दन-कमर दर्द की बढ़ी समस्या

    By Jagran NewsEdited By: Aysha Sheikh
    Updated: Mon, 16 Oct 2023 10:31 AM (IST)

    Dhanbad News जिन गड्ढों या स्पीड ब्रेकर को हम अक्सर अनदेखा कर निकल जाते हैं वे हमारे शरीर में परेशानियों को जगह दे रहे हैं। शहर की सड़कों पर पाए जाने ...और पढ़ें

    World Spine Day 2023: क्या आप बाइक-ऑटो से करते हैं सफर? सड़कों के गड्ढे बना रहे रीढ़ का मरीज
    World Spine Day 2023: क्या आप बाइक-ऑटो से करते हैं सफर? सड़कों के गड्ढे बना रहे रीढ़ का मरीज

    HighLights

    1. एसएनएमएमसीएच में हर दिन आ रहे 50 से ज्यादा गर्दन व कमर दर्द के मरीज
    2. अधिकांश की उम्र 25 से 40 के बीच, बाइक चलाने वाले वाले ज्यादा परेशान

    मोहन गोप, धनबाद। धनबाद में सड़कों की जर्जर हालत, गड्ढे लोगों को रीढ़ का मरीज बना रहे हैं। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर बनाए गए स्पीड ब्रेकर पुरुषों को जहां स्पॉन्डिलाइटिसका मरीज बना रहा है। वहीं, बुर्जुगों के स्लीप डिस्क को खराब कर रहा है। एसएनएमएमसीएच के हड्डी रोग विभाग में ऐसे मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।

    विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. डीपी भूषण बताते हैं कि पहले हर दिन 15 से 20 मरीज स्पाइन की समस्या लेकर आ रहे थे, लेकिन अब 50 से ज्यादा मरीज इस समस्या को लेकर वार्ड में आ रहे हैं। इसमें अधिकांश वैसे लोग हैं, जो नियमित कार्यालय जाते हैं, बाइक चलाने वाले हैं। उनमें यह परेशानी सबसे ज्यादा पाई जा रही है।

    हर दिन 12 लाख करते हैं अवागमन

    डॉ. भूषण बताते हैं कि धनबाद में धनबाद में अमूमन हर दिन 12 लाख लोग विभिन्न वाहनों से हर दिन अवागमन करते हैं। लगभग तीन लाख से ज्यादा लोग बाइक से यात्रा करते हैं। ऐसे में, इस ग्रुप के लोगों को ज्यादा परेशानी होती है।

    सिर पर लगभग एक किलो का हेलमेट भी होता है। गड्ढे और स्पीड ब्रेकर पार करने पर झटके के कारण इसका प्रेशर गर्दन पर पड़ता है। कमर की हड्डी भी इससे प्रभावित होती है। अस्पताल में शिकायत लेकर आने वाले में सबसे ज्यादा 25 से 40 वर्ष के लोग होते हैं।

    खबरें और भी

    महिलाओं व वृद्धों में स्लिप डिस्क के ज्यादा मामले

    अस्पताल में स्लिप डिस्क की परेशानी लेकर आने वाली सबसे ज्यादा महिलाएं होती हैं। इसके साथ बुजुर्ग भी होते हैं। डॉ. भूषण बताते हैं कि ऑटो से सफर के दौरान गड्ढे या स्पीड ब्रेकर पर बड़ा झटका लगता है, तो यह सीधे स्लिप डिस्क को प्रभावित करता है। इस कारण ऐसे मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।

    इन जगहों पर ज्यादा परेशानी

    रांगाटांड़

    रांगाटांड़ के पास गया पुल नीचे सड़क बनते ही गड्ढे में तब्दील हो गई है। लगभग दो दर्जन गड्ढे यहां पर हो गए है। चौक के पूर्व भाग के पास बीच सड़क पर बड़ा गड्ढा बन गया है। पूजा टॉकिज की ओर जाने वाली सड़क पर पांच जगह पर बड़े गड्ढे हैं। यहां एक वर्ष से सड़क की ऐसी ही हालत है।

    पूजा टॉकिज

    पूजा टॉकिज के पास पेट्रोल पंप के सामने सड़क पर बड़ा गड्ढा बना हुआ है। नाली का पानी इसमें भर सकता है, अचानक वाहन इसमें फंस रहे हैं। इससे बाइक चालकों व वाहन चलाने वालों को झटका लग रहा है। डीआरएम चौक की ओर जाने पर भी सड़क पर बड़ा गड्ढा है। यहां पर भी झटके लग रहे हैं। आगे स्पीड ब्रेकर है, यह भी दर्द को दो गुना कर रहे हैं।

    धैया रोड

    धैया रोड के पास मरम्मत का काम चल रहा है, लेकिन लेट लतिफी के कारण इसका खामियाजा वाहन चालकों को उठाना पड़ रहा है। रानी बांध तक जगह-जगह चालकों को झटके लग रहे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चे व बुजुर्गों को हो रही है।

    पुराना बाजार

    पुराना बाजार पानी टंकी के बार झरिया जाने वाली सड़क भी जर्जर होने लगी है। टंकी के पास सड़क पर गड्ढे हो गए हैं। गड्ढों से वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस कारण लोग यहां पर गिर कर चोटिल भी हो रहे हैं।

    क्या कहते हैं मरीज? 

    कई दिनों से गरदन में दर्द हो रहा था, चिकित्सक को दिखाने के बाद स्पॉन्डिलाइटि सबताया गया गया है। कुछ दिन बाइक नहीं चलाने की सलाह दी गई है। - मनोज कुमार, बरटांड़ कालोनी

    सिर में कई दिनों से परेशानी हो रही थी, चिकित्सक के पास जाने पर स्पाइन की समस्या बताई गई है। अभी एमआरआइ कराई है। इसमें हड्डी के आसपास में सट जाना बताया गया है। - अशोक कुमार, बैंक मोड़

    ये भी पढ़ें -

    भाड़े के पैसों से कबाड़ लेकर बना दी इलेक्ट्रिक बाइक, IDTR के विद्यार्थियों का कमाल; आपका सपना पूरा करना इनका उद्देश्य

    Jharkhand: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री केबी सहाय के पौत्र आशीष कांग्रेस में शामिल, हजारों समर्थकों ने भी थामा 'हाथ'