श्रावणी मेला 2026: शिव के दर्शन कर भाव-विभोर हुए अयोध्या के रामचंद्र
अयोध्या से आए कांवरियों ने बासुकीनाथ श्रावणी मेले की व्यवस्थाओं की जमकर तारीफ की है। उन्होंने कांवरियों के लिए की गई सुविधाओं और सुगम यात्रा को कुंभ म ...और पढ़ें

यूपी के अयोध्या से बाबा बासुकीनाथ पूजा करने आए श्रद्धालु। (फोटो जागरण)
HighLights
अयोध्या के श्रद्धालुओं ने बासुकीनाथ श्रावणी मेले की व्यवस्थाओं को सराहा।
कांवरियों के लिए कुंभ मेले जैसी शानदार सुविधाओं का अनुभव किया।
यूपी-बिहार से झारखंड तक की यात्रा काफी सुगम रही।
राजीव, बासुकीनाथ (दुमका)। ए, बाबू तनिक बताइए न कि बस स्टैंड जाने का रास्ता कौन-सा है..। वो हीं पर हमर सबके एरटिगा कार ठाड़ है..। यह आवाज अयोध्या से आए रामचंद्र सुदर्शन की थी जो बासुकीनाथ के फौजदारी दरबार में अपने साथियों के साथ पूजा-अर्चना के बाद मंदिर से पैदल चलकर बस स्टैंड तक जाने का रास्ता ढूंढ रहे थे।
रामचंद्र बासुकीनाथ में बीते 35 साल से सावन में पूजा करने आ रहे हैं। अबकी बार सबसे ज्यादा खुश हैं। पूछने पर कहा कि बहुत शानदार व्यवस्था है यहां। हम सबको कुंभ मेला की याद आ गई। यहां की सरकार व प्रशासन में कांवरियों के लिए तमाम तरह की सुविधाएं मुहैया कराने की ठोस पहल की है।
रामचंद्र सुदर्शन ने कहा कि उनके साथ जत्था में अयोध्या से तकरीबन 200 लोग शामिल हैं। कहा कि उनके गांव का नाम कुड़ेभार है। उनके साथ अभी दीपक गुप्ता कसोधन, सतीश कुमार मदनवाल, मिथुन सिंह रघुवंशी समेत कई साथी हैं। शेष साथी भी एक-दूसरे के संपर्क में हैं जो कहीं पर एक जगह मिल जाएंगे।
जत्था में शामिल दीपक गुप्ता कसोधन ने कहा कि सुल्तानगंज से गंगा जल उठाकर पैदल यात्रा करते हुए पहले बैद्यनाथधाम और आज बासुकीनाथ धाम में जलाभिषेक कर अब वापस लौटने की तैयारी है। इस यात्रा में पांच दिन लगे हैं। कहा कि बासुकीनाथ में बढ़िया से दर्शन-पूजन हुआ है।
खबरें और भी
कांवरियों के लिए बनाया गया छायादार शेड धूप और बारिश में काफी राहत पहुंचा रहा है। इतने में उनके मोबाइल की घंटी बजती है और उधर से आवाज आती है कहां हैं बम, हम बेलगुमा में गाड़ी पार्क किए हैं। आप लोग बस स्टैंड पर आकर फोन किरिए..। इसके साथ ही रामचंद्र सुदर्शन व उनके साथियों के कदम बस स्टैंड की ओर बढ़ जाते हैं।
इधर, बहराइच से राम संवारे यादव और उनके साथी पराग निषाद प्रखंड परिसर में लगे नल में प्यास बुझाने के बाद गदगद भाव से
कहते हैं कि अबकी बार की व्यवस्था से तबीयत खुश हो गई। राम की जन्मभूमि अयोध्या से फौजदारी दरबार बासुकीनाथ तक उन लोगों पर राम और शिव की कृपा बरस रही है। कहा कि यूपी-बिहार से लेकर झारखंड तक पूरी यात्रा सुगम रही। इसके लिए शासन और प्रशासन बधाई के पात्र हैं।
इस बार काफी शानदार व्यवस्था है। बासुकीनाथ में तो इस बार मेला क्षेत्र का नजारा ही बदला हुआ है। कांवरियों को परेशानी नहीं हो इसका खास ध्यान रखा जा रहा है।
दीपक गुप्ता कसोधन, अयोध्या
35 साल से कांवर यात्रा पर आ रहे हैं। इस काफी सुखद अनुभूति हुई है। देवघर से बासुकीनाथ तक फोर लेन सड़क बन गई है। बासुकीनाथ में मेला क्षेत्र का दायरा फैल गया है। इसकी वजह से हमें बस स्टैंड का पता पूछना पड़ रहा है।
रामचंद्र सुदर्शन, अयोध्या
काफी अच्छा से दर्शन-पूजन किए हैं। कांवरियों के लिए बनाया गया छायादार शेड काफी राहत पहुंचा रहा है। कतार में लगने वाले कांवरियों को किसी तरह से असुविधा नहीं हो इसका भी ध्यान रखा
जा रहा है।
सतीश कुमार मदनवाल, अयोध्या
12 साल से कांवर यात्रा पर आ रहे हैं लेकिन समय के साथ मेला का
नजारा बदलता जा रहा है । खासकर यहां कांवरियों की सुविधा में भी बढ़ोत्तरी हो रही है। आकर्षक साज-सज्जा व स्वास्थ्य की सुविधाएं कांवरियों के लिए काफी राहत भरा है।
मिथुन सिंह रघुवंशी, अयोध्या
हम सब राम व शिव के भक्त हैं। हमारा नाम राम संवारे है। 15 साल से लगातार कांवर लेकर यहां आते हैं। इस बार यूपी, बिहार और झारखंड तीनों राज्यों में यात्रा काफी सुगम रही है। यहां की सरकार ने काफी बेहतर व्यवस्था किया है।
राम संवारे यादव, बहराइच
राम और शिव के बीच रिश्ते का जिक्र तो हमारे शास्त्रों में है। जो राम के भक्त होंगे वह भला शिव से कैसे दूर रह सकते हैं। इसलिए शिव के बुलावे पर यहां कांवर लेकर आते हैं और उनका दर्शन करके विभोर हो जाते हैं। यहां की व्यवस्था से तबीयत खुश हो गई।
पराग निषाद