प्रदर्शन की सूचना मिलने पर बिजली विभाग के कर्मी मौके पर पहुंचे और खराब ट्रांसफार्मर की मरम्मत कर जाम समाप्त कराया। लोगों ने बताया कि भीषण गर्मी में घंटों बिजली गुल रहने से पेयजल संकट, बच्चों की पढ़ाई और घरेलू कामकाज प्रभावित हो रहा है।
रात एक बजे से बिजली गायब थी। मिस्त्री को बुलाकर ठीक कराया गया, लेकिन उसके जाते ही फिर खराबी हो गई। लोगों ने कहा कि लगातार शिकायत के बाद भी विभाग ने समस्या जानने के लिए फोन पर बात तक करने का प्रयास नहीं किया।
सिविल सोसायटी के अध्यक्ष राधेश्याम बर्मा ने विभाग के खिलाफ नाराजगी जताते हुए चेतावनी दी कि यदि जल्द स्थायी समाधान नहीं निकाला गया तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इलाके में लो वोल्टेज की समस्या दूर करने के लिए जल्द ही हाई क्षमता वाला ट्रांसफार्मर लगाया जाए, ताकि बार-बार होने वाले बिजली संकट से राहत मिल सके।
हर दस मिनट पर आ रही खराबी
बिजली की समस्या का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शहर में हर दस मिनट पर खराबी आ रही है। वोल्टेज बढ़ने या घटने पर या तो इंसुलेटर जल जाता है या फिर ट्रांसफार्मर का फ्यूज उड़ जाता है। फ्यूज ठीक होने में करीब एक घंटा लग जाता है।
तब तक लोगों को बिना बिजली के रहना पड़ता है। खराबी दूर होते ही थोड़ी देर बाद फिर फ्यूज उड़ जाता है। दिन में तो किसी तरह बिजली ठीक हो जाती है, लेकिन रात में परेशानी दोगुनी हो जाती है। बुलाने के बाद भी मिस्त्री नहीं आता।
खपत अधिक होने से आ रही खराबी
विभाग के एसडीओ वीरेंद्र कुमार का कहना है कि तेज गर्मी की वजह से लगातार खराबी आ रही है। एसी के अधिक उपयोग से बिजली की खपत बढ़ गई है। इससे ट्रांसफार्मर पर अतिरिक्त लोड पड़ रहा है। इसी कारण कभी फ्यूज उड़ जाता है तो कभी इंसुलेटर में समस्या आ जाती है।
बिजली की कोई कमी नहीं
विभाग के कार्यपालक अभियंता एबी सोरेन ने कहा कि विभाग को फिलहाल पर्याप्त बिजली मिल रही है। शहर को 60 मेगावाट बिजली की आवश्यकता है और उतनी आपूर्ति भी हो रही है। तकनीकी खराबी की वजह से लाइन काटनी पड़ती है, इसलिए लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।