दुमका में मंत्री ने की जलापूर्ति योजनाओं की समीक्षा, समय पर काम नहीं करने वाले ठेकेदारों पर होगी कार्रवाई
Jharkhand News: मंत्री योगेन्द्र प्रसाद ने दुमका में पेयजल, स्वच्छता और उत्पाद विभाग की योजनाओं की समीक्षा की, जिसमें गुणवत्तापूर्ण और समय पर कार्य पू ...और पढ़ें

दुमका में पेयजल विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते मंत्री योगेंद्र प्रसाद। (फोटो: जागरण)
HighLights
मंत्री ने दुमका में विभागीय योजनाओं की समीक्षा की।
धीमी जल आपूर्ति योजनाओं को शीघ्र पूरा करने का निर्देश।
समय पर काम न करने वाले ठेकेदारों पर होगी कार्रवाई।
जागरण संवाददाता, दुमका। झारखंड के पेयजल एवं स्वच्छता तथा उत्पाद एवं मद्य निषेध मंत्री योगेन्द्र प्रसाद ने सोमवार को समाहरणालय सभागार में विभाग दुमका, देवघर, पाकुड़ व जामताड़ा की समीक्षा बैठक कर विभागीय अधिकारियों को योजनाओं का गुणवत्तापूर्ण व समय पर पूरा करने का निर्देश दिया है।
मंत्री ने चारों जिला में चल रही योजनाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए कहा किजिन जलापूर्ति योजनाओं की प्रगति धीमी है, उनमें तेजी लाकर निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्य पूर्ण किया जाए। निर्मित सभी जलापूर्ति योजनाओं को शीघ्र क्रियाशील बनाने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जाए।
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन की समीक्षा करते हुए मंत्री ने कहा कि ग्राम स्तर पर योजनाओं का प्रभावी संचालन कर सभी परिसंपत्तियों को पूर्णतः क्रियाशील रखा जाए। उन्होंने प्लास्टिक कचरा प्रबंधन को प्राथमिकता देते हुए गांवों को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए व्यापक अभियान चलाने का निर्देश दिया।
बैठक में विभागीय पदाधिकारियों ने मंत्री को बताया कि स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की प्रगति 38.9 प्रतिशत, तरल अपशिष्ट प्रबंधन की प्रगति 91.78 प्रतिशत है। इस पर मंत्री ने निर्देश दिया कि ग्राम स्तर पर ठोस कचरा प्रबंधन से संबंधित आवश्यक संरचनाओं का निर्माण शीघ्र पूरा किया जाए और अधिक गांवों को ओडीएफ प्लस (पांच स्टार) श्रेणी में शामिल करने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं।
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उन्होंने फाइव स्टार श्रेणी के लिए प्रस्तावित गांवों के सत्यापन कार्य को भी समयबद्ध ढंग से पूरा करने का निर्देश दिया। मंत्री ने जल जीवन मिशन के तहत पूर्व में दिए गए निर्देशों की समीक्षा करते हुए कहा कि जिन जलापूर्ति योजनाओं का निर्माण कार्य अधूरा है या फिर निर्माण के बाद भी उनका संचालन शुरू नहीं हुआ है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कर शीघ्र चालू किया जाए।
कार्यपालक अभियंताओं को अपने-अपने क्षेत्राधिकार में संचालित योजनाओं की नियमित व उच्चस्तरीय मॉनिटरिंग करने का निर्देश दिया।स्पष्ट कहा कि जिन संवेदकों को कार्यादेश जारी किए जाने के बावजूद वे निर्धारित समय में योजनाओं को पूरा नहीं कर रहे हैं, उनके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए।
आवश्यकता पड़ने पर संबंधित एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया भी शुरू की जाए। प्लास्टिक कचरा प्रबंधन के लिए निर्मित सभी प्लांटों को शीघ्र चालू कराने व स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के आधार पर फाइव स्टार श्रेणी में घोषित गांव का सत्यापन कार्य करने का निर्देश दिया।
बैठक में विधायक उदय शंकर सिंह, देवेंद्र कुंवर, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की अभियान निदेशक रंजीता हेम्ब्रम, उपायुक्त अभिजीत सिन्हा, उप विकास आयुक्त अनिकेत सचान के अलावा चारों जिला के सभी कार्यपालक अभियंता सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।