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    दुमका कौशल विकास केंद्र में छिपकली वाला भोजन खाने से 21 ट्रेनी बीमार, वार्डन समेत पांच निलंबित

    Updated: Mon, 06 Jul 2026 03:42 PM (IST)

    Dumka News: मसलिया स्थित दीन दयाल उपाध्याय कौशल केंद्र में छिपकली गिरा भोजन खाने से 21 प्रशिक्षणार्थी बीमार हो गए। ...और पढ़ें

    फूलो झानो मेडिकल कॉलेज में इलाजरत प्रशिणार्थी। (फोटो जागरण)

    फूलो झानो मेडिकल कॉलेज में इलाजरत प्रशिणार्थी। (फोटो जागरण)

    HighLights

    1. कौशल केंद्र में छिपकली गिरा भोजन खाने से 21 बीमार।

    2. लापरवाही के आरोप में वार्डन सहित पांच लोग निलंबित।

    3. बिजली जाने पर मोबाइल की रोशनी में बना था खाना।

    संवाद सहयोगी, मसलिया (दुमका)। झारखंड की उप राजधानी दुमका के मसलिया प्रखंड के सांपचला स्थित आइटीआइ कॉलेज के परिसर में चल रहे दीन दयाल उपाध्याय कौशल केंद्र में कौशल विकास का प्रशिक्षण ले रही 20 छात्रा समेत 21 प्रशिक्षणार्थी शनिवार की देर शाम छिपकली गिरा हुआ भोजन खाने से बीमार हो थे। इस मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। पांच लोगों को लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। 

    विषाक्त भोजन करने से प्रशिणार्थियों के बीमार होने के बाद अफरातफरी मच गई। हो हल्ला सुनने के बाद आस पास के ग्रामीण आए और सभी बीमार प्रशिक्षणार्थियाें को एम्बुलेंस की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। वहीं पांच छात्राओं को बेहतर इलाज के लिए फूलो झानो मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया।

    मेडिकल टीम ने रात में ही केंद्र जाकर कुछ का इलाज किया। इलाज के बाद सभी खतरे से बाहर हैं। जमशेदपुर से जांच करने पहुंची टीम ने तत्काल प्रभाव से वार्डन मंजू माया किस्कु, संजीव कुमार महतो, रसोईया भीम मांझी व देवदास गोराई समेत पांच को निलंबित कर दिया है।

    भोजन करते ही बिगड़ने लगी तबीयत प्रशिक्षण केंद्र में 128 बच्चों का भोजन बनाने के लिए केंटीन का टेंडर पश्चिम बंगाल पुरुलिया के बासु मांझी को मिला है। रसोईया भीम मांझी व देवदास गोराई रोज भोजन बनाते हैं।

    रात को सभी प्रशिक्षणार्थियों ने एक साथ बैठकर भोजन किया। एक छात्रा की थाली में जब सब्जी परोसी गई तो उसमें छिपकली दिखी। तब तक काफी प्रशिक्षणार्थी खाना खा चुके थे। विषाक्त भोजन का तुरंत ही असर दिखने लगा। बच्चे बीमार होने लगे। जब इसकी भनक गांव के लोगों को लगी, तो उन्होंने केंद्र आकर सभी को इलाज के लिए भेजा।

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    डाक्टर की टीम ने केंद्र आकर कुछ बच्चों की जांच की। जबकि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक डॉ दुर्गेश कुमार व डॉ विकास कुमार ने केंद्र लाए गई अधिकांश छात्राओं का इलाज किया।

    मोबाइल की रोशनी में बना खाना

    जिस समय प्रशिक्षणार्थियों के लिए खाना तैयार किया जा रहा था, उस समय लाइट चली गई। खाना बनाने वालों ने मोबाइल की रोशनी में खाना तैयार किया। इसी क्रम में छिपकली गिर गई। रसोइया देवदास गोंराई की माने तो खाना बनाते समय अचानक लाइट चली गई। जनरेटर की सुविधा नहीं होने के कारण मोबाइल का लाइट जलाकर खाना तैयार करना पड़ा। कब छिपकली गिर गई, पता ही नहीं चला।

    ये प्रशिक्षणार्थी हुए भोजन से बीमार

    केंद्र की माने तो विषाक्त भोजन का सेवन करने से रीता कुमारी, टुम्पा गोराई, मोनिका कुमारी, निशा पाल, अर्पिता कुंडू, फूल कुमारी, मामुनी गोराई, संजू कुमारी,मिनोती मरांडी, बिनासुरी हांसदा, मंदिरा यादव,गुड़िया हांसदा,बाबली सोरेन, निशा हेम्ब्रम, ज्योति मुर्मू,व ललिता बास्की सहित 21 लोग बीमार हो गए।

    ग्रामीणों ने संचालक पर लगाया लापरवाही का आरोप

    रविवार सुबह इस घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों में नाराजगी थी। उपमुखिया विश्वजीत राउत, ग्रामीण राजीव कुमार सिंह, नितेश कुमार यादव, गौतम दास, मंतोष यादव,अमित साधु, रविन्द्र झा, सुमन साधु,उत्तम कुमार यादव, अरविंद यादव,माणिक यादव, मुकेश यादव, राजकुमार साधु, विश्वजीत यादव, विपिन साधु, मिलन दास, मिथुन साधु आदि ने केंद्र जाकर संचालक से लापरवाही का कारण पूछा। कई तरह अनियमितता का आरोप भी लगाया। कहा कि केंद्र में चहारदीवारी नहीं है। सुरक्षा कर्मी है। रात में एक भी शिक्षक नहीं रहता है।

    वार्डन समेत पांच निलंबित

    विषाक्त भोजन से बीमार हुए प्रशिक्षणार्थियों की जानकारी मिलते ही रविवार को जमशेदपुर की कोर टीम के सदस्य राहुल कुमार सिंह ने आकर जांच की। राहुल ने बताया कि प्रारंभिक जांच में वार्डन मंजू माया किस्कु,संजीव कुमार महतो, रसोईया भीम मांझी व देवदास गोराई को लापरवाही बरतने पर निलंबित कर दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। इसमें जो भी दोषी पाए जाएंगे, उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

    क्या कहते हैं चिकित्सक

    प्रशिक्षणार्थियों का इलाज करने वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक डॉ विकास कुमार ने बताया कि भोजन में छिपकली गिरने से बच्चों की हालत बिगड़ी थी। जानकारी मिलने के बाद स्वास्थ्य टीम बनाकर प्रशिक्षण केंद्र जाकर इलाज किया गया है। वहीं कुछ का इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में किया गया। पांच को रेफर कर दिया गया है। वर्तमान में सभी स्वास्थ्य हैं।