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    झारखंड में श्रावणी मेला से पहले बासुकीनाथ-देवघर फोरलेन का होगा उद्घाटन, कांवड़ियों को मिलेगा पैदल पथ 

    Updated: Sat, 18 Jul 2026 04:07 PM (IST)

    श्रावणी मेला 2026 से पहले बासुकीनाथ-देवघर फोरलेन NH 114A का उद्घाटन होगा, जिससे कांवरियों और आम यात्रियों को सुरक्षित व सुगम यात्रा मिलेगी। ...और पढ़ें

    एआई जनरेटेड फोटो

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    HighLights

    1. NH 114A का उद्घाटन 25 जुलाई को होगा।

    2. फोरलेन के साथ 36 किमी लंबा कांवरिया पथ।

    3. यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और बेहतर यात्रा सुविधा।

    संवाद सहयोगी, बासुकीनाथ (दुमका)। विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला के दौरान उत्तरवाहिनी गंगा घाट अजगैबीनाथ से जल भरकर देवघर में पूजा के उपरांत लाखों की संख्या में श्रद्धालु बाबा बासुकीनाथ के दरबार में पहुंचते हैं।

    इसमें से बासुकीनाथ आने वाले पैदल यात्रियों की संख्या महज पांच-छह फीसदी हो होती है, जबकि छोटे चार पहिया, दो पहिया वाहन एवं बस से यात्रा करके बासुकीनाथ पहुंचने वाली यात्रियों की संख्या 90 फ़ीसदी होती है, इसमें से ट्रेन के माध्यम से पांच फीसदी यात्री भी बाबा बासुकीनाथ के दरबार में पहुंचते हैं। कुल मिलाकर इस यात्रा में अधिकांश यात्री सड़क मार्ग का उपयोग करते हैं।

    पिछले वर्ष 2025 में नेशनल हाईवे 114 एक के निर्माण कार्य की प्रगति के दौरान यात्रियों को चौपा मोड़ के रास्ते सरैयाहाट, हंसडीहा, नोनीहाट से बासुकीनाथ प्रवेश कराया गया था।

    यह यात्रा काफी लंबी होने के साथ समय एवं ईंधन का भी काफी व्यय हुआ था। इस वर्ष 2026 में कांवरियों को नव निर्मित 114 ए फोरलेन में सड़क यात्रा के साथ पैदल कांवड़ यात्रा करने वाले यात्रियों को भी लाभ मिलेगा।

    श्रावणी मेला 2026 की शुरुआत 30 जुलाई से होगी। इसको देखते हुए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचआई) ने राष्ट्रीय राजमार्ग-114 ए के बासुकीनाथ–देवघर मार्ग पर यात्री सुविधाओं एवं सड़क मार्ग से यात्रा शानदार रहेगी। इसके उद्घाटन की तिथि 25 जुलाई को रखी गई है।

    इसी क्रम में बासुकीनाथ से देवघर तक 45.159 किलोमीटर लंबी फोर-लेन परियोजना का निर्माण कार्य अंतिम दौर में है। जिससे लाखों श्रद्धालुओं एवं आम यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और बेहतर यात्रा सुविधा उपलब्ध होगी।

    डिवाइडर पर लगे पेड़ पौधे

    पूरे मार्ग में डिवाइडर पर पेड़ पौधे भी लगाए जा रहे हैं, जिसमें दिन-रात मजदूर काम कर रहे हैं। मानसून की बारिश की वजह से एवं मजदूर नियमित रखरखाव के साथ साथ समय-समय पर नियमित रूप से टैंकर के माध्यम से भी इन पेड़ पौधों में जल दे रहे हैं। जिससे उम्मीद है कि यह सड़क मार्ग एवं कांवड़िया पथ हरियाली से युक्त रहेगा।

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    सड़क के साथ-साथ कांवड़िया पथ भी

    राष्ट्रीय राजमार्ग-114 ए के सड़क मार्ग में वाहनों की आवाजाही के साथ पैदल जल लेकर बासुकीनाथ आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए करीब 36.044 किलोमीटर लंबा एवं 3.5 मीटर चौड़ा कांवड़िया पथ भी बनाया जा रहा है।

    इससे पैदल कांवर यात्रा करने वाले कांवर यात्रियों और सामान्य वाहनों के लिए अलग-अलग आवागमन व्यवस्था होगी। पैदल कांवर यात्रियों की यात्रा अधिक व्यवस्थित एवं सुरक्षित रहेगी।

    घोरमारा, तालझारी, सहारा, जरमुंडी में बाईपास

    इस सड़क निर्माण के दौरान मुख्य बाजार के दुकान एवं मकान के टूट जाने, व्यवसाय प्रभावित होने को लेकर क्षेत्र के लोगों ने बाईपास की मांग की थी। जिसको लेकर परियोजना के अंतर्गत बासुकीनाथ, सहारा, तालझारी, घोरमारा एवं देवघर बाईपास सहित कुल 28.677 किलोमीटर बाईपास का निर्माण किया गया है।

    इस मार्ग में इसके साथ ही सर्विस रोड, स्लिप रोड, फ्लाईओवर, रेल ओवर ब्रिज, अंडरपास एवं अन्य सड़क सुरक्षा संरचनाएं विकसित की गई है, जो यात्रियों को आधुनिक एवं सुरक्षित सड़क यात्रा प्रदान करेगी। एनएचएआई द्वारा श्रावणी मेला को ध्यान में रखते हुए कार्य द्रुत गति से जारी है।

    पैदल कांवर यात्रा और दंडी बम की यात्रा होगी सुगम

    अजगैबीनाथ से पैदल जल लेकर बड़ी संख्या में यात्री बाबा बैद्यनाथधाम के रास्ते बासुकीनाथ पहुंचते हैं। इसके अलावा अभीष्ट कामना की पूर्ति होने अथवा प्राप्ति को लेकर कई यात्री दंडी बम के रूप में भी यात्रा करते हैं। इसमें दंडवत यात्रा की जाती है।

    पूर्व में जहां सड़क के किनारे ही पैदल यात्री एवं दंडी यात्री के चलने से अक्सर बड़ी सड़क दुर्घटना हो जाती थी, लेकिन अब इस फोर लेन मार्ग में पैदल यात्री एवं दंडी यात्रियों के लिए अलग से चौड़ी सड़क बनाई गई है।

    बासुकीनाथ पैदल जाने वाले कांवरियों एवं दंडी यात्री के लिए अलग से करीब 36 किलोमीटर लंबे और करीब साढ़े तीन मीटर चौड़े पथ का निर्माण किया गया है। इस मार्ग में कांवरियों के बैठने एवं पानी की सुविधा है। रास्ते में जगह जगह स्ट्रीट लाइट लगाये गए है, जिसका मेंटेनेंस सालों भर एनएचएआइ करेगा।

    सड़क निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। श्रद्धालुओं की सुरक्षित व सुगम यात्रा होगी। बासुकीनाथ–देवघर फोरलेन परियोजना में सड़क मार्ग के साथ साथ कांवड़िया पथ भी है। यह पथ सरल, सुगम और सुरक्षित बनाया जा रहा है। श्रावण मेला से पूर्व यह पथ आमजनों व कांवरियों को समर्पित कर दिया जाएगा। -पीआर पांडेय, प्रोजेक्ट निदेशक NHAI

    यह सड़क मार्ग न सिर्फ़ वाहन से यात्रा को ही सुगम बनाएगी बल्कि पैदल जल लेकर बाबा बासुकीनाथ जाने वाले कांवरियों की यात्रा भी सुगम होगी। बेहतर सड़क मार्ग होने से यात्रियों के आवाजाही में भी बढ़ोतरी होगी। मेला क्षेत्र का भी विस्तार होगा। बाईपास बन जाने से भीड़ भाड़ के दिनों में मुख्य बाजार में जाम की समस्या भी नहीं होगी। अब सड़क मार्ग से देवघर से बासुकीनाथ की दूरी सवा घंटा की बजाय 45 से 50 मिनट में तय होगी। -डॉ. निशिकांत दुबे, गोड्डा सांसद