PM KUSUM Yojana: मात्र 3% पैसा जमा कर पाएं 3.5 लाख तक का लाभ, बिना बिजली के होगी सिंचाई
दुमका जिले में pm kusum yojana के तहत 5000 किसानों को सौर ऊर्जा पंप पर 90-97% सब्सिडी मिलेगी, जिससे उन्हें केवल 3% राशि देनी होगी। ...और पढ़ें

पीएम कुसुम सिंचाई योजना। फाइल फोटो
HighLights
दुमका में 5000 किसानों को पीएम कुसुम योजना का लक्ष्य।
सौर ऊर्जा पंप पर 90-97% तक का भारी अनुदान।
किसानों को केवल 3% राशि का करना होगा भुगतान।
राजीव, दुमका। सरकार की महत्वाकांक्षी पीएम कुसुम सिंचाई योजना के तहत दुमका जिले के 5000 किसानों को आच्छादित करने का लक्ष्य तय किया गया है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए कृषि महकमा की ओर से पहल तेज कर दी गई है।
खास बात यह कि सौर ऊर्जा से चलने वाले पंप (solar pump kusum yojana) के जरिए किसानों को खेत में सिंचाई के की सुविधा बहाल करने के लिए लाभुकों को 90 से 97 प्रतिशत तक अनुदान देने का प्राविधान किया गया है।
मात्र तीन प्रतिशत राशि ही किसानों को ऑनलाइन आवेदन के साथ जमा कराना है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों की डीजल पर निर्भरता खत्म करना और बिजली की खपत में भी कमी लाना है। इसके जरिए उत्पादन लागत कम कर किसानों की आय में बढ़ोत्तरी करना भी लक्ष्य है।
यह है अलग-अलग श्रेणी के पंप का ब्लू प्रिंट
पीएम कुसुम योजना के तहत किसानों को अलग-अलग श्रेणी के सोलर पंप अनुदानित दर दिया जाएगा। किसान अपनी सिंचाई की जरूरत को देखते हुए इस योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
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दो एचपी का सोलर पंप की लागत एक लाख 80 हजार रुपये है। तीन एचपी की लागत 2.16 लाख रुपये और पांच एचपी की लागत 3.18 लाख रुपये है। अगर कोई लाभुक किसान किसी भी श्रेणी को सोलर पंप के लिए ऑनलाइन आवेदन करता है, तो उसे 90 से 97 प्रतिशत तक अनुदान मिलेगा।
आवश्यक दस्तावेज व पहचान प्रमाण
ऑनलाइन आवेदन करने वाले लाभुक को आधार कार्ड, वोटर आईडी, राशन कार्ड या बिजली बिल की प्रति बतौर पहचान देनी होगी। इसके अलावा भूमि संबंधी दस्तावेज, खेत के कागजात और नवीनतम लगान रसीद की फोटो कापी भी देना है।
एक स्व-सत्यापित पासपोर्ट आकार का फोटो भी देना है। खास बात यह की पीएम कुसुम योजना से कोई भी लाभुक किसान जुड़ सकता है। इसके लिए किसी भी स्तर पर आरक्षण या बाध्यता तय नहीं की गई। महज इस बात का ध्यान रखा गया है यह योजना सिर्फ सिंचाई सुविधा के लिए ही प्रदान किया जाएगा।
यह आवेदन है प्रक्रिया और आधिकारिक वेबसाइट
ऑनलाइन आवेदन के लिए झारखंड सरकार के स्टेट सोलर वाटर पंपिंग सिस्टम पोर्टल पर जाकर आसानी से आवेदन किया जा सकता है।
इसमें एक सावधानी जरूर बरतनी है कि फर्जी वेबसाइट्स पर नहीं जाएं, क्योंकि ऐसे भी मामले सामने आए हैं कि फर्जी साइट बनाकर किसानों से रजिस्ट्रेशन के नाम पर पैसे ऐंठ लिया गया है।
लाभुक आवेदन के लिए पूरी जानकारी कृषि विभाग या झारखंड रिन्युएबुल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी ज्रेडा कार्यालय से भी संपर्क कर सकते हैं।
खेतों में सिंचाई सुविधा बहाल करने के लिए कोई भी किसान या लाभुक ऑनलाइन आवेदन कर सकता है। सरकार के स्तर से तय अनुदान के तहत इन्हें पीएम कुसुम सिंचाई योजना का लाभ मिलेगा। इसके लिए किसी भी स्तर पर कोई आरक्षण तय नहीं किया गया है। कोई भी लाभुक योजना का लाभ ले सकता है। खास कर वैसे किसानों को प्राथमिकता मिलेगी, जहां बिजली सुविधा की पहुंच नहीं है। ऐसे किसानों जिनके पास बिजली की सुविधा है उन्हें इसके लिए सजग रहने की आवश्यकता है कि वह योजना का लाभ तो ले सकते हैं, लेकिन अगर कनेक्शन बिजली से करना चाहेंगे, तो फिर पूरा सोलर सिस्टम जल कर नष्ट हो सकता है। इससे बिजली कनेक्शन से इन्हें पूरी तरह से दूर रहना होगा। -निशा कुल्लू, जिला कृषि पदाधिकारी, दुमका
दुमका जिले में पीएम कुसुम सिंचाई योजना के तहत 5000 लाभुकों का लक्ष्य तय किया गया है। इस योजना में कई खासियत है जिससे किसानों को लाभ मिल सकेगा। इससे न सिर्फ कृषि लागत कम होगी बल्कि डीजल व बिजली पर निर्भरता खत्म हो जाएगी। किसान जरूरत के हिसाब से पंप चलाकर खेतों की सिंचाई कर सकते हैं। -अभिजीत सिन्हा, उपायुक्त, दुमका