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    Bengal Effect: अब झारखंड के भगवा लहराएंगे, निशिकांत दुबे का दावा- संताल परगना से खदेड़े जाएंगे घुसपैठिए

    Updated: Wed, 06 May 2026 10:11 AM (GMT+05:30)

    पश्चिम बंगाल में भाजपा की हिंदुत्व आधारित जीत का असर अब झारखंड के संताल परगना में भी दिखेगा। इससे बांग्लादेशी घुसपैठ, गो-तस्करी और बदलती डेमोग्राफी जै ...और पढ़ें

    झारखंड के दुमका जिला के सीमा से सटे पश्चिम बंगाल के रामपुरहाट विधानसभा सीट पर पहली बार भाजपा को मिली जीत के बाद प्रमाण पत्र के साथ खुशी के मुद्रा में भाजपा प्रत्याशी ध्रुवा साहा, वीरभूम जिला भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष रश्मि दे व अन्य कार्यकर्ता। (फोटो: जागरण)

    झारखंड के दुमका जिला के सीमा से सटे पश्चिम बंगाल के रामपुरहाट विधानसभा सीट पर पहली बार भाजपा को मिली जीत के बाद प्रमाण पत्र के साथ खुशी के मुद्रा में भाजपा प्रत्याशी ध्रुवा साहा, वीरभूम जिला भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष रश्मि दे व अन्य कार्यकर्ता। (फोटो: जागरण)

    HighLights

    1. पश्चिम बंगाल में भाजपा की प्रचंड जीत का झारखंड पर असर।

    2. संताल परगना में हिंदुत्व, घुसपैठ, डेमोग्राफी मुद्दे होंगे मजबूत।

    3. आदिवासियों ने द्रौपदी मुर्मू के अपमान का वोट से बदला।

    राजीव, दुमका। बंगाल के चुनावी नतीजों ने पड़ोसी राज्य झारखंड, विशेषकर संताल परगना की राजनीतिक सरगर्मी तेज कर दी है। भाजपा सांसद डॉ. निशिकांत दुबे ने बंगाल में पार्टी की 'प्रचंड जीत' को हिंदुत्व की प्रखर जीत करार देते हुए कहा है कि अब अंग, बंग और कलिंग के बाद झारखंड में भगवा लहराने की बारी है।

    पश्चिम बंगाल में भाजपा और हिंदुत्व की प्रखर जीत की धमक आने वाले समय में झारखंड की राजनीति पर भी सुनाई पड़ना तय है। खासकर झारखंड के संताल परगना के लोकसभा व विधानसभा क्षेत्रों में लंबे अर्से से भाजपा लगातार हिंदुत्व, बांग्लादेशी घुसपैठ, गो-तस्करी और इन इलाकों में तेजी से बदल रहे  डेमोग्राफी के मुद्दों को लगातार धार देती आ रही है।

    झारखंड की सीमा व संताल परगना से सटा पश्चिम बंगाल का वीरभूम जिला है। चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी इस जिले की पांच सीट रामपुरहाट, सैंथिया, सिउड़ी, मयूरेश्वर और लाभपुर विधानसभा पर पहली बार चुनाव जीतने में सफल हुए हैं।

    जबकि छठा सीट दुबराजपुर है जहां भाजपा दूसरी बार जीत हासिल की है। वीरभूम जिले की भाजपा महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष रश्मि दे कहती हैं कि इस बार के चुनाव में पश्चिम बंगाल में हिंदुत्व की जीत हुई है। पश्चिम बंगाल की जनता ने तृणमूल कांग्रेस के आतंक व भ्रष्टाचार का अंत कर रामराज की स्थापना की है।

    खबरें और भी

    बांग्लादेश में हिंदुओं पर हुए अत्याचार का भी बदला

    मुस्लिम तुष्टीकरण की राजनीति करने वालों को हिंदुओं ने एकजुट होकर करारा जवाब दिया है। रश्मि कहती हैं कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर हुए अत्याचार, मुर्शिदाबाद, धुलियान, शमशेरगंज में हुए दंगे, हिंदुओं व महिलाओं पर हिंसा व बर्बरता का हिसाब बराबर कर दिया गया है।

    वहीं मालदा में हबीबपुर, गाजोल, मालदा, मानिकचक, इंग्लिश बाजार और वैष्णवनगर सीट भाजपा जीती है। मुर्शिदाबाद में जंगीपुर, मर्शिदाबाद, बेलडांगा, बरवन, कांदी, खारग्राम, नवग्राम सीट को फतह कर इन इलाकों में भगवा का परचम लहराया है। इन इलाकों में हिंदुत्व के प्रखर चमक से भाजपाइयों के ललाट पर चमक लौटी है।

    रामपुरहाट विधानसभा में डेढ़ माह तक प्रवास पर लगाए गए दुमका भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष व वर्तमान प्रदेश कार्यसमिति सदस्य निवास मंडल ने कहते हैं कि रामपुरहाट में भाजपा प्रत्याशी ध्रुवा साहा ने यहां से लगातार पांच बार विधायक रहे टीएमसी के आशीष बनर्जी को हराकर पहली बार रामपुरहाट की धरती को भगवामय कर दिया है।

    निवास कहते हैं कि इस इलाके में आशीष की दूसरी पहचान अभिषेक बनर्जी के रिश्तेदार के तौर पर स्थापित थी लेकिन अबकी बार मतदाताओं ने ऐसे तमाम दबदबा और आतंक राज का अंत दिया। निवास कहते हैं कि पश्चिम बंगाल के जीत का बयार निश्चित तौर पर आने वाले दिनों झारखंड की राजनीति पर पड़ेगा।

    आदिवासियों ने लिया है अपमान का बदला

    दुमका भाजपा के जिला मंत्री विमल मरांडी को पश्चिम बंगाल के चुनाव में सिउड़ी विधानसभा सीट पर लगाया गया था। विमल तीन माह तक लगातार सिउड़ी विधानसभा क्षेत्र की जनता के बीच काम कर रहे थे।

    इस सीट से पहली बार भाजपा के जगरनाथ चट्टोपाध्याय ने टीएमसी के प्रत्याशी से 28 हजार के अधिक मतों के अंतर से जीत हासिल किया है। विमल चहकते हुए कहते हैं कि एक आदिवासी महिला और देश की राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मुु अपमान का बदला पश्चिम बंगाल के आदिवासियों ने वोट के जरिए चुकता कर दिया है।

    कहा कि सिउड़ी विधानसभा में तकरीबन 30 से 32 हजार आदिवासी हैं और चुनाव के दौरान उन्होंने यह महसूस किया है कि द्रोपदी मुर्मु के अपमान को लेकर इनमें टीएमसी के खिलाफ जबरदस्त आक्रोश है। विमल कहते हैं कि कमोबेश यही स्थिति झारग्राम, पुरुलिया समेत उन आदिवासी क्षेत्रों में भी व्याप्त थी।

    nishikant dubey

    अंग, बंग, कलिंग के बाद अब झारखंड : डाॅ. निशिकांत

    संताल परगना के गोड्डा लोकसभा के भाजपा सांसद डाॅ. निशिकांत दुबे चुनाव के दौरान 40 दिनों तक 24 परगना क्षेत्र में प्रवास पर थे। पश्चिम बंगाल की प्रचंड जीत पर कहते हैं कि पश्चिम बंगाल अब भय, भूख और भ्रष्टाचार से मुक्त हो गया है। यहां की जनता ने इतिहास रचा है।

    पश्चिम बंगाल में विकासोन्मुखी राजनीति का उदय हुआ है। कहा कि अंग, बंग और कलिंग के बाद झारखंड में भगवा लहराने की बारी है। पश्चिम बंगाल से ही नहीं बल्कि संताल परगना से भी बांग्लादेशी घुसपैठियों को खदेड़ा जाएगा। यहां भी तुष्टीकरण की राजनीति का अंत होगा। झारखंड टु पश्चिम बंगाल के बीच चल रही भ्रष्टाचार और अवैध धंधों पर पाबंदी लगना तय है।

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