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    गढ़वा में मरीजों को नहीं भटकना होगा कागजात लेकर, अस्पताल होंगे पूरी तरह डिजिटल

    Updated: Wed, 13 May 2026 01:31 PM (IST)

    गढ़वा जिले के सभी सरकारी और निजी अस्पताल अब पूरी तरह पेपरलेस व्यवस्था से संचालित होंगे, जिससे मरीजों का रजिस्ट्रेशन से लेकर डिस्चार्ज तक सब कुछ डिजिटल ...और पढ़ें

    डॉ. जान एफ केनेडी, सिविल सर्जन, गढ़वा

    डॉ. जान एफ केनेडी, सिविल सर्जन, गढ़वा

    HighLights

    1. गढ़वा के अस्पताल अब पूरी तरह पेपरलेस होंगे।

    2. मरीजों का इलाज, जांच, दवा सब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर।

    3. आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन से 5.5 लाख आभा आईडी बनीं।

    संवाद सहयोगी, गढ़वा। जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को हाईटेक और पारदर्शी बनाने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी पहल शुरू कर दी है। आने वाले समय में गढ़वा के सभी सरकारी एवं निजी अस्पताल पूरी तरह पेपरलेस व्यवस्था से संचालित होंगे।

    मरीजों का रजिस्ट्रेशन, जांच, दवा, इलाज से लेकर डिस्चार्ज तक की पूरी प्रक्रिया अब डिजिटल प्लेटफार्म पर होगी। इससे मरीजों को अस्पताल में फाइल और कागजात लेकर भटकना नहीं पड़ेगा।

    सिविल सर्जन डॉ. जान एफ केनेडी ने बताया कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत जिले में तेजी से तैयारी चल रही है। मरीजों के इलाज से जुड़ी सभी जानकारी अब आभा ऐप एवं डिजिटल हेल्थ रिकार्ड में सुरक्षित रखी जाएगी।

    मरीज जब दोबारा किसी अस्पताल में इलाज कराने पहुंचेगा तो डाक्टर को उसकी पुरानी बीमारी, जांच रिपोर्ट, दवा एवं इलाज से संबंधित पूरी जानकारी आनलाइन उपलब्ध हो जाएगी। इससे इलाज में पारदर्शिता बढ़ेगी और मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी।

    उन्होंने बताया कि जिले में अब तक करीब 5.5 लाख लोगों को आभा आईडी से जोड़ा जा चुका है, जबकि 13.5 लाख लोगों को इससे जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। लक्ष्य को जल्द पूरा करने के लिए निजी अस्पतालों एवं क्लिनिकों को भी आभा रजिस्ट्रेशन कराने का निर्देश दिया गया है। इसी को लेकर हाल ही में जिले के निजी अस्पताल संचालकों एवं प्रबंधकों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

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    सिविल सर्जन ने बताया कि जिले के सभी मेडिकल संस्थानों एवं अस्पतालों को एचएफआर से जोड़ने की प्रक्रिया भी चल रही है। इसके पूरा होने के बाद जिले की सभी स्वास्थ्य सेवाओं का डिजिटल डाटा तैयार होगा और स्वास्थ्य विभाग निगरानी भी अधिक प्रभावी तरीके से कर सकेगा।

    इधर, आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन की प्रगति की समीक्षा को लेकर स्वास्थ्य विभाग की ज्वाइंट डायरेक्टर मोनिका राणा ने गढ़वा सिविल सर्जन कार्यालय सभागार में बैठक की।

    बैठक में आभा रजिस्ट्रेशन एवं डिजिटल हेल्थ मिशन की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की गई। इस दौरान यह बात सामने आई कि जिले में बड़ी संख्या में लोग राशन कार्ड नहीं होने के कारण आयुष्मान कार्ड से वंचित हैं, जिससे उन्हें सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।