सोन-कनहर में आया उफान, गढ़वा के कई गांवों पर बाढ़ का खतरा; प्रशासन ने जारी किया हाई अलर्ट
छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कैचमेंट एरिया में भारी बारिश के बाद चार बड़े बांधों से लाखों क्यूसेक ...और पढ़ें
HighLights
बाणसागर, रिहंद, अमवार डैम से लाखों क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
सोन और कनहर नदियां उफान पर, गढ़वा में हाई अलर्ट।
जागरण संवाददाता, गढ़वा। छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कैचमेंट एरिया में हो रही मूसलाधार बारिश के बाद सीमावर्ती राज्यों के चार बड़े बाँधों से एक साथ लाखों क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण गढ़वा जिले की सीमावर्ती नदियों में जलप्रलय की संभावना बन गई है।
उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में बने अमवार (कनहर) डैम का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर जाने के बाद इसके 10 रेडियल गेट खोल दिए गए हैं, जिससे कनहर नदी रौद्र रूप धारण कर चुकी है।
वहीं, बाणसागर और रिहंद डैम से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण सोन नदी भी उफान पर है। जिला प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए खरौंधी, केतार, कांडी तथा हरिपुर, मंझिआव व धुरकी प्रखंड के तटीय गांवों में हाई अलर्ट जारी कर दिया है।

जलाशयों से बड़े पैमाने पर छोड़े जा रहे हैं पानी
जानकारी के अनुसार, इन जलाशयों से लगभग 2,43,660 क्यूसेक पानी नदियों में डिस्चार्ज किया जा रहा है, जो अगले कुछ घंटों में गढ़वा के तटों तक पहुंच जाएगी। मध्य प्रदेश के बाणसागर डैम के आठ रेडियल गेटों से 1,15,700 क्यूसेक पानी सीधे सोन नदी में छोड़ा जा रहा है।
उत्तर प्रदेश के रिहंद बांध के पांच फाटकों से 55,000 क्यूसेक और टरबाइन से 17,960 क्यूसेक (कुल 72,960 क्यूसेक) पानी रेणु नदी के रास्ते सोन में आ रहा है।
इसी प्रकार से अमवार (कनहर) डैम से 10 रेडियल गेटों को 2-2 मीटर तक खोलकर कनहर नदी में अनवरत भारी मात्रा में डिस्चार्ज किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश के ओबरा डैम के गेट नंबर आठ को तीन फीट तक खोलकर पानी को सीधे चोपन के पास सोन नदी में डाइवर्ट किया जा रहा है।
अमवार डैम का बैकवाटर गढ़वा की सीमा में घुसा, डूब क्षेत्र के गांवों में अलर्ट
सीमावर्ती राज्य उत्तर प्रदेश के सोनभद्र के दुद्घी स्थित अमवार (कनहर) बांध का जलस्तर 262.30 मीटर के पार पहुँचने के बाद जल संसाधन विभाग ने इसके गेट खोल दिए हैं।
बांध पूरी तरह लबालब होने के कारण इसका बैकवाटर तेजी से पीछे की ओर मार रहा है। जिससे गढ़वा जिले के धुरकी सहित कनहर तटीय प्रखंडों के निचले इलाकों में पानी फैलने की संभावना बढ़ गई है। प्रशासन ने ग्रामीणों को सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर जाने की हिदायत दी है।

खरौंधी, केतार व कांडी प्रखंडों की सीमा पर बढ़ा खतरा, आठ से 12 घंटे बेहद संवेदनशील
मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बांधों से छूटा हुआ पानी तीव्र गति से सोन नदी के रास्ते गढ़वा की सीमा की ओर बढ़ रहा है। भौगोलिक स्थिति के अनुसार, यह पानी उत्तर प्रदेश से होते हुए गढ़वा जिले के खरौंधी, केतार, हरिहरपुर, कांडी और मंझिआव प्रखंड के सीमा से सेट सटे लंबे सोन नदी के सीमावर्ती तटबंधों से टकराते हुए बिहार के इंद्रपुरी बराज की ओर बढ़ रहा है।
पानी की तीव्र गति को देखते हुए अगले आठ से 12 घंटे बेहद संवेदनशील माने जा रहे हैं, क्योंकि जलस्तर में अप्रत्याशित बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।
जिला प्रशासन की तैयारी
अंचलाधिकारियों को फील्ड में रहने के निर्देश दिया गया है। गढ़वा उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्र ने आपात बैठक कर आपदा प्रबंधन विभाग और बाढ़ नियंत्रण कक्ष को 24 घंटे सक्रिय रहने का निर्देश दिया है। सीमावर्ती प्रखंडों के अंचलाधिकारियों और थाना प्रभारियों को लगातार तटीय इलाकों में गश्त करने और मुनादी (लाउडस्पीकर से घोषणा) कराने को कहा गया है।
वहीं सोन और कनहर नदी के मुख्य जलमार्ग या टापू की ओर जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। साथ ही जल संसाधन विभाग के अभियंताओं को कांडी और केतार क्षेत्र में नदी के जलस्तर और तटबंधों की स्थिति पर लगातार नजर रखने को कहा गया है। जिला प्रशासन ने किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षित भवनों और राहत शिविरों को चिन्हित कर लिया है।
