मुसीबत में 112 डायल किया तो तुरंत दौड़ेगी पुलिस! गढ़वा में नए वाहनों से बदली जाएगी पेट्रोलिंग व्यवस्था
गढ़वा जिले के सभी थानों को दो-दो नए महिंद्रा बोलेरो नियो पेट्रोलिंग वाहन मिले हैं, जो जीपीएस और वायरलेस संचार ...और पढ़ें

बड़गड़ थाना परिसर में खड़ा पेट्रोलिंग वाहन। जागरण
दीपक, गढ़वा। फिल्म सिंघम में पुलिस की गाड़ी सायरन बजाते हुए निकलती है तो अपराधियों के पसीने छूटने लगते हैं। गंगाजल में पुलिस की तेजतर्रार कार्रवाई भी खूब चर्चा में रही है। अब गढ़वा में पुलिस की गश्ती व्यवस्था भी कुछ उसी अंदाज में चलने वाली है।
फर्क इतना है कि यहां कहानी फिल्मी पर्दे की नहीं, बल्कि सड़कों पर हकीकत उतरने वाली है। सरकार द्वारा उपलब्ध कराए महिंद्रा बोलेरो नियो से लैस यह नया बेड़ा पुलिस की गश्ती व्यवस्था को मजबूती देगा। अब किसी थाने का एक वाहन जांच, न्यायालय के काम या किसी अन्य पुलिस कार्रवाई में लगा भी हो तो दूसरा वाहन गश्ती और आपात स्थिति के लिए उपलब्ध रहेगा।
लोकेशन पर नजर, सूचना मिलते ही रवाना होगी गाड़ी
नए वाहनों में जीपीएस की सुविधा रहेगी। इससे जिला स्तर से पेट्रोलिंग वाहनों की लोकेशन पर नजर रखी जा सकेगी। वायरलेस संचार व्यवस्था के कारण कंट्रोल रूम से पुलिस टीम तक सूचना पहुंचाने में भी आसानी होगी।
डायल 112 पर सूचना मिलने के बाद नजदीकी पेट्रोलिंग वाहन को तत्काल मौके के लिए रवाना किया जा सकेगा। थाना क्षेत्र में बढ़ते जनसंख्या दबाव और और संसाधनों के अभाव कई बार पुलिस और पब्लिक के लिए चुनौती बनते रहा है। जरूरत के हिसाब से वहां नहीं रहने के कारण गश्ती, जांच और अन्य जरूरी पुलिस कार्यों का दबाव रहता था। दो वाहनों की उपलब्धता से इस दबाव को कम करने में मदद मिलेगी।
गांव की गलियों से मुख्य सड़कों तक बढ़ेगी पुलिस की मौजूदगी
गढ़वा का बड़ा हिस्सा ग्रामीण और दुर्गम इलाकों में फैला है। ऐसे में नियमित पेट्रोलिंग सिर्फ अपराध होने के बाद कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि अपराध की रोकथाम में भी अहम भूमिका निभाएगी। रात में गश्ती बढ़ने से सुनसान इलाकों, बाजारों, मुख्य सड़कों और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की मौजूदगी बढ़ेगी।
मनचलों और असामाजिक तत्वों पर भी निगरानी रखने में मदद मिलेगी। कुल मिलाकर, गढ़वा पुलिस के नए ''सारथी'' सिर्फ चमचमाती गाड़ियां नहीं हैं। इनसे पुलिस की पहुंच, रफ्तार और जवाबदेही तीनों बढ़ाने की उम्मीद है। अब देखना यह होगा कि फिल्मों में दिखने वाली ''सिंघम वाली फुर्ती'' गढ़वा की सड़कों पर अपराध नियंत्रण में कितनी असरदार साबित होती है।
