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JPSC-JSSC भर्ती घोटाले के विरोध में गिरिडीह में संग्राम, पुतला दहन रोकने पर पुलिस से भिड़े भाजपाई; दो दर्जन गिरफ्तार

Published: Sun, 23 Aug 2026 05:28 PM (IST)

JPSC JSSC Protest: गिरिडीह में जेपीएससी-जेएसएससी भर्ती अनियमितताओं के विरोध में छात्रों और भाजपा ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला फूंका।

गिरिडीह में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन रोकने के दौरान भाजपा नेत्री प्रो. विनीता कुमारी को खींचकर ले जाती महिला पुलिसकर्मी। (फोटो जागरण)

गिरिडीह में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन रोकने के दौरान भाजपा नेत्री प्रो. विनीता कुमारी को खींचकर ले जाती महिला पुलिसकर्मी। (फोटो जागरण)

जागरण संवाददाता, गिरिडीह। झारखंड में अघोषित रूप से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन रोकने की स्थिति बन गई है। जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में छात्र आंदोलन कर रहे हैं। भाजपा भी छात्रों के आंदोलन का समर्थन कर रही है।

छात्र और भाजपाई जैसे ही भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली के विरोध में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन करने का प्रयास कर रहे हैं, पुलिस मौके पर पहुंचकर उसे रोकने का प्रयास कर रही है। पुलिस पुतला जलने से रोकने के लिए आंदोलनकारियों के साथ छीना-झपटी कर रही है। इससे अनावश्यक रूप से तनाव की स्थिति पैदा हो रही है।

छात्रों पर झामुमो के हमले के विरोध में आक्रोश मार्च

JPSC-JSSC Scam को लेकर शुक्रवार को गिरीडीह में छात्र-छात्राओं ने मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया। इस दौरान झामुमो ने आंदोलनकारियों पर हमला कर दिया। इसके विरोध में शनिवार को गिरिडीह में भारतीय जनता पार्टी की ओर से आक्रोश मार्च सह मुख्यमंत्री का पुतला दहन कार्यक्रम किया गया।

झंडा मैदान में ज्यों ही भाजपा के जिलाध्यक्ष रंजीत राय के नेतृत्व में नेताओं व कार्यकर्ताओं समेत छात्र संगठनों के सदस्यों का जुटान हुआ, त्यों ही पुलिस व प्रशासनिक पदाधिकारियों की जंबो टीम सदलबल झंडा मैदान को चारों ओर से घेरते हुए पुतला दहन कार्यक्रम को विफल बनाने में जुट गई।

लेकिन नेताओं व कार्यकर्ताओं के आक्रोश के आगे कुछ देर पुलिसकर्मी भी सन्न रह गए और मैदान का गेट बंद कर वहां पुलिस बलों को तैनात कर दिया गया। इसके बाद पुतला दहन के लिए जेपी चौक की ओर जैसे ही आक्रोशितों ने कदम बढ़ाया, वैसे ही पुलिस पदाधिकारी व जवान रस्सी का घेरा बनाते हुए उन्हें आगे बढ़ने से रोकने लगे।

इससे कार्यकर्ताओं का आक्रोश और बढ़ गया तथा मैदान में ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन व जिला पुलिस-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी शुरू कर दी। आक्रोशित नारेबाजी करते हुए आगे बढ़ने का प्रयास करते रहे, तो पुलिस भी उन्हें रोकने के लिए मशक्कत करती रही।

इसी बीच पुलिस ने कार्यकर्ताओं से मुख्यमंत्री का पुतला छीनने का प्रयास किया। इसमें आधा पुतला पुलिस ले गई, जबकि आधा पुतला आक्रोशितों ने झंडा मैदान में ही फूंक दिया। इस दौरान पुलिस व आक्रोशितों के बीच खूब धक्का-मुक्की भी हुई।

भाजपा नेत्री प्रो. विनीता कुमारी गिरफ्तार

इसी क्रम में भाजपा नेत्री प्रो. विनीता कुमारी को पुरुष पुलिसकर्मियों ने घेर लिया। बाद में महिला सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें अपने कब्जे में लेकर किनारे खड़ा कर दिया। इसी बीच कार्यकर्ताओं का आक्रोश एक बार फिर पनपा और वे दौड़ते हुए पुलिस का घेरा तोड़कर झंडा मैदान से निकलकर आंबेडकर चौक की ओर नारेबाजी करते हुए चल दिए।

इसी बीच झंडा मैदान के पास मेन रोड व आंबेडकर चौक के पास एसडीपीओ जीतबाहन उरांव के नेतृत्व में आक्रोशितों को रोका गया और समझाने का प्रयास किया गया। लेकिन कार्यकर्ता व छात्र आंदोलनकारी किसी की बात सुनने को तैयार नहीं थे। वे नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे और छात्रों के साथ मारपीट करने वालों की गिरफ्तारी की मांग करते रहे।

इसी बीच जिलाध्यक्ष रंजीत राय समेत दो दर्जन नेताओं, कार्यकर्ताओं व आक्रोशितों को गिरफ्तार करते हुए पुलिस निगरानी में कैंप जेल गिरिडीह स्टेडियम भेज दिया गया। इससे आक्रोश और बढ़ गया। इसके बाद आक्रोशितों ने मेन रोड में नारेबाजी करते हुए दौड़ लगाना शुरू किया और पीछे-पीछे पुलिस भी दौड़ती रही।

आक्रोशितों ने आंबेडकर चौक, जेपी चौक, महाराजा जरासंध चौक, मुफस्सिल थाना गेट व गिरिडीह स्टेडियम के पास पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में मुख्यमंत्री का पुतला फूंक डाला। झंडा मैदान के पास से लेकर स्टेडियम तक आक्रोशित अपने नेताओं के समर्थन में नारेबाजी करते हुए पैदल पहुंचे और स्टेडियम के अंदर प्रवेश कर वहां भी जमकर नारेबाजी की।

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यहां हिरासत में लिए गए आक्रोशितों को मुफस्सिल पुलिस की ओर से पानी व नाश्ते की व्यवस्था भी कराई गई। वहीं, आक्रोशितों के साथ एक ओर नगर थानेदार रतन कुमार सिंह की धक्का-मुक्की हुई, तो आक्रोशितों से उलझने के क्रम में डीएसपी वन नीरज कुमार सिंह का जूता भी टूट गया।

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