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    गिरिडीह में हाथी का हमला: महुआ चुनने गए बुजुर्ग की मौत, वन विभाग ने जारी की चेतावनी

    By Kisun Prasad Kuswaha Edited By: Mritunjay Pathak
    Updated: Fri, 20 Mar 2026 08:32 AM (IST)

    Giridih Elephant Attackः गिरिडीह के सरिया थाना क्षेत्र में महुआ चुनने गए 65 वर्षीय जागेश्वर ठाकुर की हाथी के हमले में मौत हो गई। वन विभाग ने मृतक के प ...और पढ़ें

    हाथी हमले में बुजुर्ग की माैत की सूचना के बाद जुटे लोग और वन विभाग के अधिकारी।

    हाथी हमले में बुजुर्ग की माैत की सूचना के बाद जुटे लोग और वन विभाग के अधिकारी।

    HighLights

    1. महुआ चुनने गए 65 वर्षीय बुजुर्ग की हाथी हमले में मौत।

    2. वन विभाग ने 4 लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की।

    3. ग्रामीणों को जंगल से दूर रहने की अपील, हाथियों का आतंक।

    संवाद सहयोगी, जागरण, सरिया (गिरिडीह)। सरिया थाना अंतर्गत परसिया पंचायत के बगड़ो गांव निवासी 65 वर्षीय जागेश्वर ठाकुर की गुरुवार को हाथी के हमले में मौत हो गई। वह महुआ चुनने के लिए जंगल गया था। वहीं यह घटना हुई।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जंगल में एक हाथी ने अचानक उस पर हमला कर दिया। इससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीणों की भीड़ जुट गई और इलाके में दहशत का माहौल बन गया।

    वन परिसर पदाधिकारी अंशु पांडेय ने बताया कि झुंड से बिछड़ा एक हाथी इस घटना के लिए जिम्मेदार है। कहा कि हाथी अभी भी जंगल क्षेत्र में मौजूद है। उसे भगाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की है कि जब तक स्थिति सामान्य नहीं हो जाती, तब तक लोग जंगल की ओर न जाएं और पूरी सावधानी बरतें।

    मृतक के स्वजन को आपदा राहत कोष से चार लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की गई है। इसमें तत्काल 50 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई है, जबकि शेष साढ़े तीन लाख रुपये कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद दिए जाएंगे।

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    घटना की सूचना पर मुखिया गीता देवी, भाकपा माले के भोला मंडल, पवन महतो, अशोक तुरी, प्रह्लाद सिंह, बबलू मंडल समेत काफी ग्रामीण पहुंचे थे।

    हाथियों ने 10 वर्षों में 11 की ली जान 

    सरिया प्रखंड क्षेत्र में हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। बीते 10 वर्षों में हाथियों के हमले में कुल 11 लोगों की मौत हो चुकी है। उर्रो गांव में एक, छत्रबाद में एक, निमाटांड़ में एक, सखुआडीह में दो, धोवारी में एक, अंबाडीह में दो, धवैया में दो, गड़ैया में एक और घुठिया पेसरा में एक व्यक्ति की मौत हुई है।

    इसके अलावा बकराडीह गांव में जंगली सूअर के हमले से भी एक महिला की मौत हो चुकी है। लगातार हो रही घटनाओं से ग्रामीणों में भय का माहौल है। ग्रामीण वन विभाग से ठोस पहल की मांग कर रहे हैं।

    घटना की सूचना पर भाकपा माले नेता भोला मंडल ने कहा कि हाथियों से जान माल का नुकसान कम हो, विभाग यह सुनिश्चित करे। अन्यथा वन विभाग के खिलाफ जोरदार आंदोलन चलाया जाएगा। फारेस्टर अंशु पांडे ने बताया कि हाथियों को क्षेत्र से बाहर करने का कार्य आज से ही शुरू कर दिया जाएगा।

    भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो इस पर भी ध्यान दिया जाएगा। कहा कि अभी महुआ आदि को लेकर जंगलों की ओर ग्रामीण न जाएं जब तक इस क्षेत्र से हाथियों को खदेड़ा नहीं जाता है। मौके पर लक्ष्मण मंडल, कालेश्वर यादव, मुरली दास, विनोद मंडल, प्रताप गिरी, सुरेंद्र यादव आदि उपस्थित थे।