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    झुंड से बिछड़े हाथी ने गिरिडीह में मचाया कोहराम, मजदूरों की झोपड़ी उजाड़ी; वन विभाग कर रहा निगरानी

    Updated: Thu, 22 Jan 2026 03:24 PM (IST)

    गिरिडीह के सरिया प्रखंड में झुंड से बिछड़े एक हाथी ने चिचाकी और भलपहरी गांवों में दहशत फैलाई। हाथी ने एक कच्चे घर और मजदूरों की अस्थायी झोपड़ी को ध्वस ...और पढ़ें

    हाथी ने गिरिडीह में मचाया कोहराम

    हाथी ने गिरिडीह में मचाया कोहराम

    HighLights

    1. झुंड से बिछड़े हाथी ने गिरिडीह में मचाया आतंक।

    2. हाथी ने कच्चे घर और मजदूरों की झोपड़ी तोड़ी।

    3. वन विभाग ने 'हमार हाथी' ऐप जारी किया।

    संवाद सहयोगी, सरिया (गिरिडीह)। सरिया प्रखंड क्षेत्र के चिचाकी और भलपहरी गांव में झुंड से बिछड़े एक हाथी के पहुंचने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। हाथी ने बुधवार को भलपहरी गांव में एक कच्चे घर को ध्वस्त कर दिया, वहीं गुरुवार की अल सुबह चिचाकी पीपराडीह के पास रेलवे लाइन के समीप बन रहे अंडरब्रिज स्थल पर मजदूरों की अस्थायी झोपड़ी तोड़ दी। हालांकि किसी प्रकार की जान की क्षति नहीं हुई है। इस दौरान भागने के क्रम में एक मजदूर गिरकर मामूली चोटिल हुआ।

    मजदूरों का चावल चट कर गया 

    हाथी ने मजदूरों के भोजन के लिए रखे एक बोरी चावल भी खा गया। ग्रामीणों के अनुसार हाथी देर रात भलपहरी गांव की ओर पहुंचा और भोजन की तलाश में रेखा देवी के कच्चे घर को तोड़ा। मकान क्षतिग्रस्त होने के बाद हाथी चिचाकी पीपराडीह की ओर बढ़ गया। य

    हां अंडरब्रिज स्थल पर बने मजदूरों के अस्थायी ठिकाने को भी नुकसान पहुंचाया। हाथी को देख मजदूरों में अफरा-तफरी मच गई और सभी सुरक्षित स्थानों की ओर भागे।

    जंगल से सटे गांव सतर्क रहें  

    घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम क्षेत्र में पहुंची और निगरानी शुरू कर दी। वन परिसर पदाधिकारी अंशु पांडेय ने बताया कि झुंड से बिछड़ा हाथी क्षेत्र में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि हाथी से दूरी बनाए रखें और उसके साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ न करें।

    वन विभाग ने विशेष रूप से जंगल से सटे गांवों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। ग्रामीणों से कहा गया है कि रात के समय अकेले बाहर न निकलें। अनावश्यक शोर न करें और हाथी को उकसाने वाले किसी भी प्रयास से बचें। विभाग की ओर से हाथी की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है और उसे सुरक्षित रूप से जंगल की ओर लौटाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

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    बचाव काे हमार हाथी एप में रजिस्ट्रेशन करें  

    वन विभाग आम लोगों को सतर्क करने के उद्देश्य हमार हाथी नामक एक एप्लीकेशन बनाया गया है। एप्लीकेशन में रजिस्ट्रेशन करवाने के बाद पांच किलोमीटर के दायरे में हाथियों के प्रवेश के बाद मैसेज या फोन के माध्यम से एप्लीकेशन सभी लोगों को सतर्क करने का काम करता है। 

    पांच किलोमीटर के दायरे में हाथी आने की सूचना व दूसरों को भी सतर्क रहने संबंधी जानकारी ऐप उपलब्ध कराता है। इससे समय रहते ग्रामीण , किसान सतर्क होकर अपने जानमाल की सुरक्षा में जुट जाते हैं । साथ ही इस एप्लीकेशन के माध्यम से झारखंड के किस हिस्से में कितने हाथियों का दल विचरण कर रहा है, इसकी लाइव जानकारी भी प्राप्त की जा सकती है। 

    वन विभाग ने क्षेत्र के लोगों से अपील की है कि अपने-अपने एंड्रॉयड मोबाइल में इस एप्लीकेशन को डाउनलोड कर रजिस्ट्रेशन करें। इससे काफी हद तक हाथियों के नुकसान से बच सकते हैं ।