सुन लो सरकार! रोते-रोते सूखे महिला के आंसू, 3 महीने बाद भी सऊदी अरब से झारखंड नहीं आया पति का शव
तीन माह पहले सऊदी अरब में गोली लगने से डुमरी के प्रवासी मजदूर विजय कुमार महतो की मौत हो गई थी। उनका शव अब तक भारत नहीं लाया जा सका है, जिससे परिवार सद ...और पढ़ें

गोली लगने से हुई थी मौत। (फाइल फोटो)
HighLights
सऊदी अरब में गोली लगने से प्रवासी मजदूर की मौत।
तीन माह बाद भी शव भारत नहीं पहुंचा, परिवार परेशान।
पत्नी ने सरकार से शव वापसी और मुआवजे की गुहार लगाई।
संवाद सहयोगी, डुमरी (गिरिडीह)। डुमरी थाना क्षेत्र की मधगोपाली पंचायत के दूधपनिया गांव निवासी प्रवासी मजदूर विजय कुमार महतो की मौत लगभग तीन महीने पूर्व 24 अक्टूबर 2025 को गोली लगने से सऊदी अरब में हो गई।
मौत के बाद से पूरा परिवार सदमे में है। पत्नी बसंती देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। पति का शव लाने के लिए वह गुहार लगा रही है पर उसकी सुनने वाला कोई नहीं है।
विजय का शव नहीं आने से उनके घर के चूल्हा नहीं जल रहा है। परिजन हर दिन शव के इंतजार में रहते हैं। मुआवजा समेत पति का शव सऊदी अरब से मंगाने को ले पत्नी बसंती देवी बार-बार सरकार से गुहार लगा रही है। पत्नी समेत उनके दो छोटे-छोटे पुत्र ऋषि व रौशन बेसहारा हो गया है।
घटना के तीन महीने में न तो शव भारत लाया गया और न ही परिवार को कोई सहायता मिली। कमाऊ बेटे की मौत से अधेड़ माता-पिता टूट चुके हैं, वहीं पत्नी की हालत भी खराब है।
24 अक्टूबर को हुई है मौत
पत्नी बसंती देवी का कहना है कि सऊदी अरब में हुंडई इंजीनियरिंग एंड कंस्ट्रक्शन कंपनी में काम करते थे।15 अक्टूबर 2025 की शाम उनके पति का मैसेज आया था। मैसेज में कहा था कि पुलिस किसी और पर गोली चला रही थी, लेकिन गोली गलती से उन्हें लग गई। बाद में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां 24 अक्टूबर को उन्होंने दम तोड़ दिया।
प्रवासी मजदूरों के हित में काम करने वाले समाजसेवी सिकंदर अली ने कहा कि इस क्षेत्र की बड़ी आबादी देश- विदेश में काम कर रही है। ऐसे में मजदूर के साथ घटना होने के बाद मुआवजा एक बड़ी समस्या होती है। परिजन भी मुआवजा नहीं मिलने पर परेशान होते हैं। ऐसे में कई महीनों तक मजदूरों का शव विदेश में पड़ा रहता है।
परिजन हर दिन शव के इंतजार में रहते हैं। काफी मुश्किल से परिवार को मुआवजे के साथ शव मिल पाता है। उन्होंने सरकार से अपील करते हुए उचित मुआवजा के साथ विजय का शव सऊदी से जल्द भेजवाने की मांग की है। ताकि उनका अंतिम संस्कार किया जा सके।