बिरनी में हाथियों के झुंड ने महिला को कुचलकर मार डाला, जंगल में मिला शव; झारखंड में बढ़ रहा मानव-हाथी संघर्ष
Giridih Elephant Attaked: गिरिडीह के बिरनी प्रखंड में हाथियों के झुंड ने खेत में काम कर रही एक 47 वर्षीय महिला को कुचलकर मार डाला। इस घटना से इलाके मे ...और पढ़ें

हाथी झुंड के हमले में मृत महिला के शव को देखते वन विभाग और पुलिस के अधिकारी व अन्य।
HighLights
बिरनी में हाथियों ने महिला को कुचलकर मारा।
खेत में काम करते समय हुआ यह हमला।
झारखंड में मानव-हाथी संघर्ष गंभीर समस्या बन रहा।
संवाद सूत्र, जागरण, बिरनी (गिरिडीह)। झारखंड में जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। ताजा मामला गिरिडीह जिले के बिरनी प्रखंड से सामने आया है, जहां शनिवार सुबह हाथियों के झुंड ने एक महिला को कुचलकर मार डाला। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल है।
जानकारी के अनुसार बिरनी प्रखंड अंतर्गत बंगराकला गांव निवासी पेमा साव की 47 वर्षीय पत्नी रधिया देवी शनिवार सुबह करीब सात बजे खेत में काम कर रही थीं। इसी दौरान 24 हाथियों का झुंड वहां पहुंच गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हाथियों ने महिला को सूंड से उठाकर पंदनकला जंगल की ओर ले गए और कुचलकर मार डाला। खेत में काम कर रहे अन्य ग्रामीणों ने शोर मचाया, लेकिन तब तक हाथियों का झुंड जंगल की ओर बढ़ चुका था।
घटना की सूचना फैलते ही आसपास के हजारों ग्रामीण जुट गए। ग्रामीण पटाखे छोड़ते और ढोल बजाते हुए महिला की तलाश में जंगल की ओर निकले। जंगल में प्रवेश करते ही महिला का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ। शव देखते ही परिजनों में कोहराम मच गया। मृतका के परिवार में दो पुत्र और एक पुत्री हैं।
सूचना मिलने पर पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। वन विभाग के अधिकारियों ने नियमानुसार मुआवजा देने का आश्वासन दिया है। झारखंड में पिछले कुछ वर्षों से हाथियों और इंसानों के बीच संघर्ष गंभीर समस्या बनता जा रहा है। खासकर गिरिडीह, धनबाद, बोकारो, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जैसे जिलों में हाथियों का मूवमेंट लगातार बढ़ा है।
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जंगलों के सिकुड़ने और भोजन की कमी के कारण हाथियों के झुंड गांवों और खेतों की ओर रुख कर रहे हैं। इससे जान-माल का नुकसान बढ़ रहा है। ग्रामीणों ने सरकार से हाथियों के स्थायी समाधान और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।