यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 10, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Maiya Samman Yojana की पहली किस्त रक्षाबंधन पर मिलेगी, हर महीने की 15 तारीख को बैंक खाते में सीधे पहुंचेगी राशि
Maiya Samman Scheme झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आदेश के बाद मंईयां सम्मान योजना के लिए प्राप्त होने वाले आवेदन की प्रक्रिया में तेजी आई है। इ ...और पढ़ें

HighLights
- 19 अगस्त को चयनित लाभुकों को भेजी जाएगी राशि
- मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन करेंगे मंईयां सम्मान योजना की शुरुआत
- 48 लाख बहन-बेटियों को इस योजना से जोड़ने का है लक्ष्य
जागरण संवाददाता, गिरिडीह। Maiya Samman Yojana News झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के आवेदन प्राप्त करने की प्रक्रिया में बीते 48 घंटों के दौरान अप्रत्याशित तेजी आई है।
सरकार ने पूरे राज्य में 48 लाख बहन-बेटियों को इस योजना से जोड़ने का लक्ष्य रखा है। गिरिडीह में लगभग चार लाख महिलाएं इस योजना से लाभान्वित होंगी।
हर महीने की 15 तारीख को बैंक खाते में आएगी राशि
हर महीने की 15 तारीख तक चयनित लाभुकों को उनके बैंक खाते में सम्मान योजना की राशि के रूप में एक हजार रुपया भेजे जाएंगे। योजना की पहली किस्त की राशि इसी महीने भेजने का लक्ष्य तय किया गया है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, इसी महीने रक्षाबंधन (Raksha Bandhan 2024) के मौके पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (CM Hemant Soren) चयनित लाभुकों को योजना की पहली किस्त की राशि हस्तांतरित करेंगे।
रक्षाबंधन के मौके पर सम्मान योजना की राशि होगी ट्रांसफर
विभागीय अधिकारी इस लक्ष्य को अमलीजामा पहनाने की तैयारी में जुटे हैं। प्रयास है कि शगुन के तौर पर हर जिले से चयनित 101 महिलाओं को मुख्यमंत्री रक्षाबंधन के मौके पर सम्मान योजना की राशि ट्रांसफर करें।
इसके बाद से हर महीने नियमित तौर पर 15 तारीख तक चयनित लाभुकों के खाते में राशि ट्रांसफर कर दी जाएगी। योजना का लाभ पाने के लिए लाभुक का एकल आधार लिंक्ड बैंक खाता होना अनिवार्य है।
कौन उठा सकते हैं योजना का लाभ?
जिनका बैंक खाता आधार लिंक्ड नहीं है, वह भी दिसंबर- 2024 तक योजना का लाभ उठा सकती हैं। जिनके पास राशन कार्ड नहीं, उनसे भी आवेदन लेकर दें रसीद योजना को लेकर जारी गाइडलाइन के अनुसार, 21 से 50 वर्ष की उम्र की जिन युवतियों और महिलाओं का नाम राशन कार्ड में नहीं है, वह अपने पिता और पति के नाम के आधार पर योजना के लिए आवेदन कर सकती हैं।
वहीं जिनके पिता और पति का नाम भी राशन कार्ड में दर्ज नहीं है, उनसे भी आवेदन प्राप्त करने का निर्देश सरकार की ओर से दिया गया है। वर्तमान में लगाए जा रहे शिविरों में ऐसी युवतियों व महिलाओं से आवेदन लेकर उन्हें इससे संबंधित पावती देनी है।
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युवतियों और महिलाओं को योजना के लाभ से जोड़ा जाएगा
बताया जाता है कि भविष्य में आवेदन के आधार पर इस श्रेणी में आने वाली योग्य युवतियों और महिलाओं को भी योजना के लाभ से जोड़ा जाएगा। दूसरे राज्य में हो चुका विवाह, तब भी मिलेगा योजना का लाभ झारखंड की जिन बेटियों की शादी दूसरे राज्य में हो गई है।
वह भी इस योजना का लाभ पाने की हकदार हैं, बशर्ते उनके आधार कार्ड में पता झारखंड का हो और राशन कार्ड में नाम दर्ज हो। इन दो दस्तावेज के आधार पर झारखंड की किसी भी बहन-बेटी को सरकार मंईयां सम्मान योजना का लाभ देगी।