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    संताल परगना पर 'सुपर अलनीनो' की मार: राज्य में सबसे कम बारिश वाले जिलों में गोड्डा चौथे नंबर, 79% कम बरसे बादल

    Updated: Wed, 01 Jul 2026 02:16 PM (IST)

    गोड्डा सहित संताल परगना के पांच जिलों में सुपर अलनीनो के कारण मानसून कमजोर रहा, जिससे खरीफ मौसम में पिछले पांच वर्षों की सबसे कम वर्षा दर्ज की गई है। ...और पढ़ें

    मालिनी वैसाढ़ी के पास मानसून में सूखा तालाब। फोटो- जागरण

    मालिनी वैसाढ़ी के पास मानसून में सूखा तालाब। फोटो- जागरण

    HighLights

    1. गोड्डा में सामान्य से 79% कम वर्षा दर्ज।

    2. संताल परगना के पांच जिलों में अल्नीनो का प्रभाव।

    3. धान की रोपाई प्रभावित, किसान सूखे से चिंतित।

    संवाद सहयोगी, गोड्डा। गोड्डा सहित संतालपरगना के पांच जिला में सुपर अल्नीनों का प्रभाव मानसून पर साफ दिख रहा है जहां इस वर्ष खरीफ मौसम में पिछले पांच वर्षो में सबसे कम वर्षा रिकार्ड की गई है। आलम यह है कि राज्य में सबसे कम वर्षा वाले जिला में गोड्डा अब नौ नंबर से घटकर चौथे नंबर पर आ चुका है।

    मौसम केन्द्र रांची से मंगलवार को जारी वर्षापात रिर्पोट में कहा गया है कि राज्य में मानसून अबतक कमजोर रहा है जहां सामान्य से राज्य भर में 54 प्रतिशत कम वर्षा रिकार्ड की गई है जबकि राज्य में सबसे कम वर्षा वाले जिला में साहिबगंज पहले नंबर पर है जहां सामान्य से 99 प्रतिशत कम वर्षा हुई है।

    वहीं गढ़वा दूसरे नंबर पर है जहां सामान्य से 97 प्रतिशत कम वर्षा हुई तीसरे नंबर पर पलामू है जहां सामान्य से 80 प्रतिशत कम वर्षा हुई, जबकि राज्य में सबसे कम वर्षा वाले जिला में गोड्डा चाैथे नंबर पर है जहां सामान्य 79 प्रतिशत कम वर्षा हुई है।

    एक जून से 30 जून तक गोड्डा जिला का सामान्य वर्षापात 169.1 मिमी है जहां इस अवधि में मात्र 36.3 मिमी वर्षा रिकार्ड की गई जो बीते वर्ष से सौ मिमी कम है। वर्ष 2025 में जून माह में 136 मिमी वर्षा रिकार्ड की गई थी बीते वर्ष से इस साल जिले में वर्षा कि स्थिति बेहद खराब है जहां किसान काफी चितिंत है।

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    कृषि विभाग ने इस साल 51 हजार पांच सौ हेक्टेयर भूमि पर धनरोपनी का लक्ष्य रखा था जहां 31 जुलाई तक समय धनरोपनी के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जाता है लेकिन हालात यह है कि यहां किसानों को बिचड़ा भी तैयार नहीं है और तो ओर कड़ी धूप व वर्षाभाव के कारण खेतों की नमी समाप्त हो चुकी है जलग्रहण क्षेत्र पुरी तरह से सूखा हुआ है।

    यही कारण है कि अब कम अवधि के धान की फसल या हाइब्रिड धान लगाने के लायक भी हालात नहीं है। वही मौसम वैज्ञानिकों का कहना है अल्नीनो के प्रभाव से देश भर में जून माह में मानसून में सामान्य से 40 प्रतिशत कम, राज्य में सामान्य से 54 प्रतिशत कम और गोड्डा जिला में देश व राज्य से भी काफी कम सामान्य से 79 प्रतिशत कम वर्षा हुई है जो यह बताने के लिए काफी है कि हालात कितने खराब हो रहे है मौसम विभाग की वर्षा को लेकर सारी भविष्यवाणी फेल हो रही है। जबकि किसान की सूखे की आहट से चितिंत है जो स्वभाविक भी है।

    देश के 188 उच्च जोखिम वाले जिला में संताल परगना भी शामिल

    केन्द्रीय कृषि मंत्रालय ने मानसून की कमी और सूखे की संभावना के आधार पर राज्य के संताल परगना व पलामु प्रमंडल को भी रखा है। जानकारी के मुताबिक देश के 188 उच्च जोखिम वाले जिला में संताल परगना का साहिबगंज व गोड्डा रह सकता है जहां साहिबगंज में सामान्य से 99 प्रतिशत व गोड्डा में सामान्य से 79 प्रतिशत कम वर्षा रिकार्ड की गई है।

    वहीं मानसून कि स्थिति पर भी लगातार नजर रखी जा रही है। इस बाबत मौसम सह कृषि वैज्ञानिक रजनीश प्रसाद ने कहा कि राज्य में रांची व दुमका को छोड़ दिया जाय तो कहीं भी बेहतर स्थिति नहीं है संताल पगरना में पांच जिला में खराब स्थिति है हालांकि कहा कि जिले में अगले चार दिनों तक मेघगर्जन के साथ हल्का से मध्यम दर्जे के वर्षा की संभावना रहेगी इस दौरान तापमान में गिरावट रहेगा।

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