मशरूम विक्रेता की बेटी की ऊंची उड़ान, सेल्फ स्टडी के दम पर जापान के स्पेस सेंटर पहुंची झारखंड की जागृति
पोड़ैयाहाट की जागृति कुमारी ने जापान विज्ञान कार्यक्रम में भाग लेकर अपने विद्यालय और प्रखंड का नाम रोशन किया है। साधारण परिवार से आने वाली इस मेधावी छ ...और पढ़ें

गोड्डा की जागृति कुमारी ने जापान में बढ़ाया भारत का मान

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
परमानंद मिश्र, पोड़ैयाहाट (गोड्डा)। कौन कहता है आसमान में सुराख नहीं हो सकता, एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारो, इस उक्ति को स्थानीय प्लस टू उच्च विद्यालय की पूर्व छात्रा जागृति कुमारी ने सच साबित कर दिखाया है।
साधारण परिवार से आने वाली सरकारी विद्यालय की इस मेधावी छात्रा ने अपनी मेहनत और लगन के बल पर जापान विज्ञान कार्यक्रम में भाग लेकर न केवल विद्यालय और परिवार, बल्कि पूरे प्रखंड का नाम रोशन किया है।
गुरुवार को विद्यालय परिसर में आयोजित शिक्षक-अभिभावक गोष्ठी सह सम्मान समारोह में जागृति को प्रशस्ति पत्र तथा उनके माता-पिता को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया।
जागृति कुमारी ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि 24 में से 30 जून तक तक छह दिन का जापान प्रवास के दौरान उन्हें जैक्सा स्पेस सेंटर, रिकेन इंस्टीट्यूट सहित कई वैज्ञानिक प्रयोगशालाओं, विश्वविद्यालयों और नवाचार केंद्रों का भ्रमण कराया गया। वहां अंतरिक्ष विज्ञान, आधुनिक तकनीक, सुपर कंप्यूटर और वैज्ञानिक अनुसंधान की कार्यप्रणाली की विस्तृत जानकारी दी गई।
उन्होंने बताया कि जापान विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी एजेंसी के कार्यक्रम के तहत उन्हें विज्ञान और तकनीक के विभिन्न पहलुओं को करीब से समझने का अवसर मिला। जापान की स्वच्छता, अनुशासन, समय पालन और वहां के लोगों का व्यवहार उन्हें बेहद प्रभावित कर गया।
जागृति शुरू से ही मेधावी छात्रा रही हैं। वर्ष 2025 में मैट्रिक परीक्षा में प्लस टू उच्च विद्यालय, पोड़ैयाहाट से प्रखंड में सर्वाधिक अंक प्राप्त कर उन्होंने विद्यालय का गौरव बढ़ाया था। बिना किसी ट्यूशन के केवल स्वाध्याय के बल पर उन्होंने यह उपलब्धि हासिल की।
वर्तमान में वह प्लस टू उच्च विद्यालय, पथरगामा में अध्ययनरत हैं। जागृति के पिता राजेश रंजन मशरूम विक्रेता हैं, जबकि उनकी माता गृहिणी होने के साथ सिलाई का कार्य करती हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने शिक्षा को प्राथमिकता दी।
खबरें और भी
जागृति ने केंद्र एवं राज्य सरकार की छात्रवृत्ति योजनाओं में भी सफलता प्राप्त की है और वर्तमान में केंद्र सरकार की छात्रवृत्ति का लाभ ले रही हैं। वर्ष 2025 में उन्हें जागरण जीनियस अवार्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है।
प्रधानाध्यापक नीतीश कुमार ने कहा कि जागृति ने यह साबित कर दिया है कि मेहनत और लगन के आगे आर्थिक अभाव बाधा नहीं बन सकते। उन्होंने कहा कि जागृति ने विद्यालय, परिवार और पूरे प्रखंड का मान बढ़ाया है। उनका सपना इंजीनियर बनकर देश की सेवा करना है और वह उसी लक्ष्य को लेकर निरंतर मेहनत कर रही हैं।
सम्मान समारोह में जागृति के पिता राजेश रंजन ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद उन्होंने बेटी की पढ़ाई कभी नहीं रुकने दी। विद्यालय के शिक्षकों के मार्गदर्शन और नियमित अध्ययन की बदौलत ही उनकी बेटी आज इस मुकाम तक पहुंची है।
विद्यालय परिवार ने बताया कि करीब दो माह बाद बेंगलुरु स्थित आईटी संस्थान में आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला में भी जागृति को आमंत्रित किया गया है, जिसमें जापान विज्ञान कार्यक्रम में शामिल सभी छात्र-छात्राएं भाग लेंगे।