गोड्डा समेत पूरे सूबे में जी रामजी की भेंट चढ़ा 'बिरसा हरित क्रांति योजना', इस बार नहीं हो पाएगा पौधारोपण
केंंद्र सरकार ने 1 जुलाई से मनरेगा VB G रामजी योजना में बदल दिया है, जिससे गोड्डा सहित पूरे राज्य में 'बिरसा हरित क्रांति योजना' का पौधारोपण इस साल नह ...और पढ़ें
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HighLights
मनरेगा की जगह अब वीबी जी रामजी योजना, 1 जुलाई से लागू।
रोजगार के दिन 100 से बढ़कर 125, मजदूरी ₹300 हुई।
बिरसा हरित क्रांति योजना का पौधारोपण इस साल नहीं होगा।
अविनाश, गोड्डा। जिले में अब वीबी जी रामजी योजना के तहत मनरेगा की योजनाएं संचालित होगी । कारण कि पूरे देश में एक जुलाई से मनरेगा को जी रामजी योजना के नाम से परिवर्तित कर दिया गया है।
विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन को मनरेगा का अपडेट रूप बताया जा रहा है। केंद्र सरकार ने यूपीए के शासन काल से लागू मनरेगा योजना को पूरी तरह समाप्त कर उसकी जगह एक जुलाई से इस नई व्यवस्था को देश भर के ग्रामीण इलाकों में कानूनी रूप से लागू कर दिया है। इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण रोजगार को मजबूत करना है।
नई योजना को लेकर मिला निर्देश
इस योजना के तहत पिछली योजना के मुकाबले कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं, जो ग्रामीण परिवारों को अधिक आर्थिक सुरक्षा प्रदान करेंगे। जिले में पहले से ही जिले भर के बीपीओ सहित मनरेगा से जुड़े कंप्यूटर ऑपरेटरों को इस बाबत आवश्यक निर्देश दिया गया है।
कंप्यूटर ऑपरेटरों को नए सॉफ्टवेयर में काम करने को कहा गया है। कारण कि मनरेगा में जो प्राविधान था उससे अलग योजनाओं को संचालित किया जाना है। मसलन कि मजदूर के पेमेंट सहित मानव दिवस सृजन को लेकर जी राम जी योजना में नए प्राविधान किए गए हैं।
हालांकि विभागीय सूत्र बताते हैं कि जी रामजी योजना में कोई विशेष नया कुछ नहीं किया गया है। पुरानी सभी योजनाएं संचालित होंगी। कुछ नइ योजनाओं को भी इसमें जोड़ा गया है।
अब 100 दिन के बजाय 125 दिन मिलेगा रोजगार
सबसे बड़ी बात है कि मनरेगा में 100 दिनों तक मजदूरों को रोजगार मिलता था । लेकिन इसमें मजदूर दिवस कार्यवधि बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है। जिसमें मजदूरों को बढ़े हुए दर पर मजदूरी रेट भी मिलेगी। पहले मजदूरी रेट 272 रूपया प्रति दिन के हिसाब से मिलता था जो अब बढ़कर 300 रूपया हो गया है। इससे मनरेगा से जुड़े मजदूरों को राहत मिलने की उम्मीद है।
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दूसरा नयी योजना के तहत अन्य कई महत्वपूर्ण प्रावधान भी किए गए हैं। जिसको लेकर प्रखंड से लेकर पंचायत स्तर तक इस योजना को कार्यांवित करने वाले एजेंसी के बीच भी उत्सकुता है।
विभागीय जानकारी के अनुसार योजना में जल संरक्षण की योजना जिसमें, तालाबों का जीर्णोद्धार, भूजल का रिसाईकिलिंग आदि कई योजनाएं संचालित की जाएगी। इसके अलावा कच्ची सड़क आदि का भी निर्माण कार्य किया जा सकेगा। साथ ही इस येाजना के तहत आजीविका पर भी ध्यान दिया गया है ।
वीबी जी राम जी योजना की भेंट चढ़ा बिरसा हरित क्रांति येाजना का पौधारोपण
राज्य में मनरेगा के तहत संचालित किया जाने वाला बिरसा हरित क्रांति योजना इस बार वीबी जी राम जी योजना की भेंट चढ़ गया है। यह राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना में एक है। इसमें लाभुको के जमीन पर फलदार पौधों को लगाया जा रहा था।
सूबे में बिरसा हरित क्रांति योजना को बीते कई सालों से प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है। मनरेगा के तहत लाभुकों के जमीन पर पौधारोपण की यह बेहतर स्कीम थी जिसको लक्ष्य के हिसाब से संचालित किया जा रहा था।
वित्तीय वर्ष 2023- 24 में जिला प्रशासन के द्वारा तकरीबन 843 एकड़ की भूमि पर इस योजना के तहत प्लांटेशन किया गया था। वहीं बीते वित्तीय वर्ष 2024- 25 में इस येाजना के तहत कुल 1000 एकड़ जमीन पर फलदार पौधें लगाए गए थे। लेकिन नई योजना के पर्दापण के कारण इस येाजना को इस बार न केवल गोड्डा में बल्कि पूरे राज्य में नहीं लिया जा सका। एक भी फलदार पौधों का रोपण इस बार इस योजना से नहीं हो पाएगा। जबकि बीते कई सालों से इस योजना को सफलीभूत किया जा रहा था।
विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार जान बुझ कर इस योजना को योजना की सूची में शामिल नहीं किया गया, क्योंकि विभाग को इस येाजना के छीन जाने का डर था। दूसरा नए वी वी जी रामजी योजना में किन किन योजनाओं को समाहित किया गया है इसका भी डायरेक्शन विभाग को अप्राप्त था। जिसके बाद पूरे राज्य में योजना को लिए जाने के लिए डोल ड्रम की स्थिति बनी रही।
मनरेगा से जुड़े कर्मी इस मामले में मौन साधे हुए हैं। नहीं तो जून में फलदार पौधों के रोपाई से पहले गड्ढा करने का महत्वपूर्ण टास्क दिया जाता था। जो इस बार कहीं नही हैं। कुल मिलाकर यह योजना इस बार नई योजना की भेंट चढ़ गई।
नई वीबी जी राम जी अधिनियम में कुछ बदलाव हुए हैं। उसमें पुराने जितने भी जाब कार्डधारी तथा कई स्कीम है उनके माईग्रेशन का काम चल रहा है। नई योजना में पंद्रह दिनो में मजदूरी का भुगतान हो जाना है। कई बिंदुओं पर अभी साफ्टवेयर को अपडेट किया जा रहा है। जल्द ही जिले में प्रभावी रूप से योजना का संचालन किया जा सकेगा।
विस्पुते श्रीकांत यशवंत, डीडीसी, गोड्डा