Jharkhand Sand Mining: गोड्डा में 4 बालू घाटों के संचालन का रास्ता साफ, 10 जून से पहले शुरू होगा उठाव
गोड्डा जिले में चार बालू घाटों के संचालन का रास्ता साफ हो गया है, जहां 10 जून से पहले बालू का उठाव शुरू हो जाएगा। इन घाटों का एग्रीमेंट हो चुका है। ...और पढ़ें

बालू घाटों के संचालन का रास्ता साफ। फाइल फोटो
HighLights
गोड्डा में चार बालू घाटों का संचालन जल्द शुरू।
10 जून से पहले बालू उठाव की संभावना।
एक दशक बाद बालू घाटों की बंदोबस्ती हुई।
अविनाश, गोड्डा। जिले में चार बालू घाटों के संचालन का रास्ता अब स्पष्ट हो गया है। इन घाटों से संभवतः 10 जून के पहले ही बालू का उठाव शुरू हो सकेगा। इन घाटों में पथरगामा का चर्चित सनातन, जसमाता टू, बसंतराय का राहा और गोड्डा प्रखंड का घाट झिलुवा शामिल हैं।
यहां कुछ ही दिनों में बालू का उठाव किया जा सकेगा। इन चारों घाटों का एग्रीमेंट किया जा चुका है और उठाव की मंजूरी भी मिल चुकी है। केवल कंसेंट टु आपरेट का अनुमोदन होना बाकी है।
चारों बालू घाट का संचालन एस जी प्रोजेक्टस के हाथों में होगा। संभावना है कि इसी माह कंसेंट टु आपरेट का निर्देश बालू घाट संचालकों को मिल जाएगा, जिसके बाद बालू के उठाव का रास्ता साफ हो जाएगा। जानकारी के अनुसार, इन घाटों को अगले पांच वर्षों के लिए बंदोवस्त किया गया है।
विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, जिले में कुल 16 बालू घाटों की बंदोबस्ती की गई है, जहां से बालू का उठाव किया जाना है। पहले चरण में इन चार बालू घाटों से बालू के उठाव का रास्ता साफ हो गया है।
कुछ दिन पहले सनातन बालू घाट से बालू उठाव को लेकर विभागीय पाबंदी को भी समाप्त कर दिया गया था। इसको लेकर डीसी के निर्देश पर एक टीम जांच के लिए भेजी गई थी, जिसके द्वारा पूरे मामले में एनओसी प्रदान की गई है।
पथरगामा के सनातन बालू घाट को लेकर हाल ही में हाय तौबा मची थी। विधायक प्रदीप यादव ने सनातन बालू घाट से बालू उठाव को लेकर हंगामा मचाया था। बालू घाटों से अवैध उठाव में अवैध रकम की उगाही के मामले को उजागर किया गया था, जिसके बाद बालू उठाव बंद कर दिया गया।
हालांकि, इसके पहले भी सनातन बालू घाट बालू उठाव को लेकर काफी चर्चित रहा है। वहां बालू उठाव को लेकर जनप्रतिनिधि और बालू ठेकेदार आमने-सामने आ चुके हैं, तथा जिला प्रशासन की भी इस मामले में किरकिरी हो चुकी है।
खबरें और भी
तकरीबन एक दशक के बाद हो पाई बंदोबस्ती , 2015 में हुई थी अंतिम बंदोबस्ती
गोड्डा में तकरीबन एक दशक के बाद बालू घाटों की बंदोबस्ती हो पाई है। यहां अंतिम बार बंदोबस्ती वर्ष 2015 में हुई थी, जब तत्कालीन डीसी राजेश शर्मा थे। तब कुल 38 घाटों की बंदोबस्ती हुई थी, जिसमें महज 18 घाटों से ही बालू उठाव का रास्ता साफ हो पाया था।
कई में तो पर्यावरणीय स्वीकृति तक नहीं मिल पाई थी, जिसके बाद मामला फंस गया। 2018 के बाद अब तक एक भी घाट बंदोवस्त नहीं हुआ। यहां बालू घाटों से चोरी-छिपे बालू का उठाव होता रहा, जिसमें बालू कारोबारी, बिचौलिया और पुलिस की चांदी रही।
हालांकि, जिले के कुछ पंचायतों में बालू घाट को कैटेगरी वन में बांटकर पंचायतों के अधीन कर दिया गया और बालू उठाव करने के लिए सौंप दिया गया। लेकिन बंदोबस्ती 2015 के बाद इस बार भी संभव हो पाई है। इतने सालों तक बंदोबस्ती का मामला कई कारणों से फंसता चला गया था।
इन घाटों की हुई है बंदोबस्ती
राहा बालू घाट, दशवर्ग, चकवा, जसमाता, हरिपूर गरबन्ना, घाट झिलुआ, लौआमहुआ पसई बालू घाट, पसई गढ़ी, ढ़ोढरी बालू घाट, दलपतपूर सिरसा बालू घाट, अमजोरा सूरापपरवा मचखार, तारा टीकर पकड़िया, सनातन, जसमाता, बादे सहित आषाढ़ी माधूरी तेलियाटीकर बालू घाट।
जिला स्तर पर सभी मामले निष्पादित कर दिए गए हैं। केवल सीटीओ प्राप्त होने के उपरांत विधिवत पटटा का संचालन किया जा सकेगा।-- सन्नी कुमार, जिला खनन पदाधिकारी, गोड्डा