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    गोड्डा में बंध्याकरण के दौरान लापरवाही से महिला की मौत, जांच टीम गठित; आरोपी डॉक्टर सेवा से मुक्त

    Updated: Fri, 10 Apr 2026 11:38 PM (GMT+05:30)

    गोड्डा के मेहरमा में बंध्याकरण के दौरान लापरवाही से नैना देवी की मौत का मामला गरमा गया है। परिजनों ने डॉक्टर अरविंद कुमार सिन्हा पर लापरवाही का आरोप ल ...और पढ़ें

    सांकेतिक तस्वीर

    सांकेतिक तस्वीर

    HighLights

    1. मेहरमा में बंध्याकरण के दौरान महिला की मौत हुई।

    2. लापरवाही के आरोप में डॉक्टर अरविंद सिन्हा निलंबित।

    3. सिविल सर्जन ने मामले की जांच टीम गठित की।

    संवाद सहयोगी, मेहरमा(गोड्डा)। स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बीते दिनों बंध्याकरण के दौरान डॉक्टर की लापरवाही के कारण एक महिला की मौत का मामला तूल पकड़ने लगा है। स्वजनों ने उपायुक्त, सिविल सर्जन व अन्य वरीय पदाधिकारी से न्याय की गुहार लगाई है। 

    उल्लेखनीय है कि प्रखंड अंतर्गत अमरसिंह कित्ता गांव की नैना देवी का बंध्याकरण बीते 24 फरवरी को स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में सेवानिवृत्त डॉक्टर अरविंद कुमार सिन्हा द्वारा किया गया था। 

    बंध्याकरण के दौरान लापरवाही बरती गई

    स्वजनों का आरोप है कि बंध्याकरण के दौरान काफी लापरवाही बरती गई थी। अस्पताल से वापस घर लाने के बाद उसकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई। चिंताजनक की हालत में सबसे पहले उसे प्रखंड कार्यालय से सटे अंतर्राज्यीय सीमा पर स्थित स्थानीय बाजार ईशीपुर-बाराहाट के एक निजी क्लिनिक में ले जाया गया। वहां उसके स्वास्थ्य में कोई सुधार नहीं हुआ। 

    इसके बाद उन्हें ललमटिया स्थित मिशन अस्पताल ले जाया गया। वहां भी स्थिति में सुधार नहीं होने पर भागलपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां भी स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो डॉक्टरों ने उसे देवघर स्थित एम्स भेज दिया। जहां तमाम कोशिशों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका।बीते दिनों उसकी मौत हो गई। 

    तीन छोटे-छोटे बच्चों को छोड़ गई मृतका

    मृतका अपने पीछे तीन छोटे-छोटे बच्चों को छोड़ गई है जिसकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। स्वजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। आरोप है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कई मरीज इसी तरह की चिकित्सकीय लापरवाही का शिकार हो चुके हैं। 

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    अब भी प्रखंड अंतर्गत भीमचक भलुआ गांव की एक महिला इसी प्रकार की स्थिति में देवघर एम्स में इलाजरत है। उसकी भी स्थिति गंभीर बनी हुई है। इस संबंध में संबंधित चिकित्सक डाक्टर अरविंद सिन्हा से संपर्क का प्रयास किया गया। परंतु उनका मोबाइल स्वीच ऑफ मिला। 

    दूसरे दिन सही सलामत डिस्चार्ज कर दिया

    सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर विवेक कुमार सिन्हा ने बताया कि महिला का ऑपरेशन 24 फरवरी को किया गया था। समुचित इलाज के उपरांत 24 घंटे बाद दुसरे दिन उन्हें सही सलामत डिस्चार्ज कर दिया गया था।महिला की हालत बिगड़ने की सुचना उन्हें नही मिली थी और न हीं दोबारा उसे अस्पताल हीं लाया गया था। 

    इधर सिविल सर्जन डॉक्टर सुभाष चंद्र शर्मा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पूरे मामले की जांच के लिए एक जांच टीम गठित कर दी है। जिससे सच्चाई सामने आने पर कार्यवाही की जा सके। जांच पूरी होने तक संबंधित सेवानिवृत्त डॉक्टर अरविंद कुमार सिन्हा को फिलहाल सेवा से अलग रखने का निर्देश दिया गया है।

    इधर सेवानिवृत्ति डॉक्टर अरविंद कुमार सिन्हा के ऊपर पूर्व में कोरोना काल के दौरान भी यहां का कोरोना वैक्सीन बिहार में लगवाने का आरोप लगा था।बावजूद उनसे बंध्याकरण कराने के मामले को लेकर कई तरह की चर्चाएं की जा रही है।