गोड्डा में 50 बेड वाले अस्पताल की 11 खिड़कियों के ग्रिल उखाड़ ले गए चोर, जल्द मिलने वाला था हैंडओवर
महागामा के 50 बेड सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में स्थित बंद पड़े पब्लिक हेल्थ सेंटर भवन से चोरों ने 11 खिड़कियों के लोहे के ग्रिल चुरा लिए। ...और पढ़ें

11 खिड़कियों के ग्रिल उखाड़ ले गए चोर
HighLights
महागामा अस्पताल से 11 खिड़कियों के ग्रिल चोरी।
पब्लिक हेल्थ सेंटर भवन से हुई घटना।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल।
संवाद सहयोगी, महागामा (गोड्डा)। करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित महागामा के अत्याधुनिक 50 बेड सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में स्थित बंद पड़े पब्लिक हेल्थ सेंटर भवन में सोमवार की देर रात अज्ञात चोरों ने 11 खिड़कियों के लोहे के ग्रिल उखाड़कर चोरी कर ली है।
मंगलवार की सुबह चोरी की सूचना स्वास्थ्यकर्मियों को मिली। जब स्वास्थ्यकर्मी भवन पहुंचे तो खिड़कियों से ग्रिल गायब देख घटना की जानकारी ली। जिसके बाद पुलिस को इसकी सूचना दी गई। चोरी की घटना के बाद जमा मौजूद लोगों ने बताया कि संभवत: चोर उर्जानगर कॉलोनी की ओर से अस्पताल परिसर घुसे होंगे।
निजी एजेंसी के गार्ड तैनात
स्वास्थ्यकर्मियों ने बताया कि भवन को जल्द ही हैंडओवर में लेकर पैथोलॉजी लैब संचालन शुरू करने की तैयारी चल रही थी। इससे पहले ही चोरों ने सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाते हुए चोरी की घटना को अंजाम दे दिया है।
गौरतलब है कि अस्पताल परिसर की सुरक्षा के लिए निजी एजेंसी बालाजी सिक्योरिटी के माध्यम से सुरक्षा गार्ड तैनात हैं और उनकी ड्यूटी भी निर्धारित है।इसके बावजूद एक साथ 11 खिड़कियों के ग्रिल चोरी हो जाना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
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सिक्योरिटी गार्ड को शोकॉज किया गया
वहीं अस्पताल प्रबंधन के द्वारा चोरी की घटना को लेकर ड्यूटी पर मौजूद सिक्योरिटी गार्ड को शोकॉज किया गया है। लोगों का कहना है कि जब अस्पताल जैसी महत्वपूर्ण सरकारी संपत्ति सुरक्षित नहीं है तो अन्य सरकारी परिसरों की सुरक्षा का अंदाजा सहज लगाया जा सकता है।
घटना की सूचना मिलते ही महागामा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी। स्थानीय लोगों ने दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी तथा अस्पताल परिसर की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। मालूम हो कि हाल के दिनो में जिला मुख्यालय सहित महागामा में चोरी की घटनाएं उत्तरोतर बढ़ रही है। ऐसे में पुलिस प्रशासन चोर का पता लगाने में विफल साबित हो रही है।