भगैया तसर सिल्क को मिलेगा नया बाजार, बुनकरों की बढ़ेगी आय; उत्पादक कंपनी का शुभारंभ
नाबार्ड की महाप्रबंधक दीपमाला घोष ने गोड्डा के भगैया में तसर सिल्क उत्पादक एवं व्यापार कंपनी (ओएफपीओ) का उद्घाटन किया। यह पहल बुनकरों की आत्मनिर्भरता, ...और पढ़ें

उद्घाटन समारोह को संबोधित करतीं नाबार्ड की महाप्रबंधक दीपमाला घोष। (फोटो सौजन्य)
HighLights
गोड्डा में भगैया तसर सिल्क कंपनी का उद्घाटन।
नाबार्ड ने बुनकरों की आत्मनिर्भरता और समृद्धि पर जोर दिया।
आधुनिक तकनीक, वित्तीय सेवाएँ, बेहतर बाज़ार उपलब्ध होंगे।
संवाददाता, गोड्डा। भगैया तसर सिल्क के उत्पादन एवं व्यापार से बुनकरों की आत्मनिर्भरता एवं समृद्धि सुनिश्चित होगी। गोड्डा के ठाकुरगंगटी के भगैया में तसर सिल्क उत्पादक एवं व्यापार कंपनी (ओएफपीओ) के उद्घाटन समारोह में नाबार्ड की महाप्रबंधक दीपमाला घोष ने उक्त बातें कहीं।
कार्यक्रम का आयोजन गणेश पीस फाउंडेशन की ओर से किया गया। इस दौरान तसर शिल्पकारों ने पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र भेंट कर अतिथियों का अभिनंदन किया। इसके उपरांत दीपमाला घोष एवं अन्य अतिथियों ने ओएफपीओ का विधिवत उद्घाटन किया।
गणेश पीस फाउंडेशन के अध्यक्ष ने कहा कि उक्त उत्पादक कंपनी तसर उत्पादकों, बुनकरों एवं शिल्पकारों को संगठित कर उन्हें आधुनिक तकनीक, वित्तीय सेवाओं, मूल्य संवर्धन तथा बेहतर बाजार उपलब्ध कराने का सशक्त माध्यम बनेगी।
मौके पर डीडीएम नाबार्ड ने भगैया तसर सिल्क उत्पादक एवं व्यापार कंपनी की स्थापना के उद्देश्य, कार्यप्रणाली एवं भावी कार्ययोजना पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह पहल स्थानीय तसर उत्पादकों की आय बढ़ाने तथा उन्हें संगठित व्यवसायिक मंच उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
वहीं महाप्रबंधक घोष ने कहा कि उत्पादक कंपनियां केवल व्यावसायिक संस्थाएं नहीं, बल्कि ग्रामीण आर्थिक परिवर्तन का प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि झारखंड का तसर विश्व स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान रखता है और यदि उत्पादकों को संगठित कर गुणवत्ता, प्रसंस्करण, ब्रांडिंग तथा विपणन से जोड़ा जाए तो यह क्षेत्र हजारों परिवारों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकता है।
उन्होंने महिला स्वयं सहायता समूहों, जनजातीय समुदायों एवं युवा उद्यमियों की सक्रिय भागीदारी पर विशेष बल देते हुए कहा कि NABARD उत्पादक संगठनों को क्षमता विकास, संस्थागत सुदृढ़ीकरण, वित्तीय समावेशन तथा बाजार संपर्क के माध्यम से निरंतर सहयोग प्रदान करता रहेगा।
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उन्होंने सभी तसर उत्पादकों को शुभकामनाएँ देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि भगैया तसर सिल्क उत्पादक एवं व्यापार कंपनी आने वाले वर्षों में झारखंड के तसर क्षेत्र के लिए एक आदर्श मॉडल के रूप में स्थापित होगी तथा ग्रामीण समृद्धि एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देगी।
इस दौरान एसबीआइ के क्षेत्रीय प्रबंधक ने उत्पादक कंपनी के लिए बैंकिंग सेवाओं, ऋण सुविधा एवं विभिन्न अभिसरण के अवसरों पर विस्तार से जानकारी दी तथा संस्थान को हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
कार्यक्रम के दौरान तसर उत्पादकों, महिला स्वयं सहायता समूहों, जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय समुदाय के साथ खुली परिचर्चा आयोजित की गई, जिसमें उत्पादन, प्रसंस्करण, विपणन, वित्तीय सहायता एवं संस्थागत विकास से संबंधित विषयों पर सार्थक चर्चा हुई।