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    संताल परगना से नेपाल बॉर्डर तक दौड़ेगी ट्रेन, विक्रमशिला-कटरिया रेल परियोजना से बदलेगी तस्वीर

    Updated: Sun, 19 Jul 2026 10:14 PM (IST)

    संताल परगना को 2030-31 तक उत्तर बिहार और नेपाल सीमा से सीधी रेल कनेक्टिविटी मिलेगी। ...और पढ़ें

    एआई द्वारा जेनरेट इमेज।

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    HighLights

    1. संताल परगना से नेपाल सीमा तक सीधी रेल कनेक्टिविटी।

    2. विक्रमशिला-कटरिया परियोजना में गंगा पुल, भूमि अधिग्रहण शुरू।

    3. क्षेत्र में विकास, रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।

    अनंत कुमार, गोड्डा। यदि सभी कार्य समय पर पूर्ण हुए और सब कुछ ठीक रहा, तो वर्ष 2030-2031 के बीच झारखंड के संताल परगना से उत्तर बिहार, कोसी, अंगप्रदेश और नेपाल की सीमा तक रेल से सीधी कनेक्टिविटी स्थापित हो जाएगी।

    वर्तमान में विक्रमशिला-कटरिया रेल परियोजना के तहत गंगा पुल सहित लगभग 26.33 किमी लाइन निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहण का कार्य प्रारंभ हो रहा है।

    यह डबल रेल लाइन लगभग 12 मीटर चौड़ी होगी, जिसमें गंगा नदी पर 2.44 से 4 किमी के बीच रेल पुल का निर्माण किया जाएगा। इस पूरी योजना की लागत लगभग 2549 करोड़ रुपये है, जो देवघर-गोड्डा-पीरपैंती रेल लाइन का भी हिस्सा है।

    इस महत्वपूर्ण रेल प्रोजेक्ट के लिए स्थानीय सांसद डॉ. निशिकांत दुबे ने विशेष प्रयास किए हैं। उनके प्रयासों से गोड्डा-पीरपैंती रेल परियोजना और विक्रमशिला-कटरिया रेल परियोजना को गति मिली है।

    180 हेक्टेयर जमीन का किया जाएगा अधिग्रहण

    विक्रमशिला-कटरिया रेल परियोजना के तहत गंगा में रेल पुल सहित शिवनारायणपुर से कटरिया तक लगभग 180 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा, जिसमें आधे से अधिक निजी जमीन का अधिग्रहण होगा। इसके लिए नोटिस जारी किया जा चुका है।

    गोड्डा से पीरपैंती के बीच पहले चरण का कार्य गोड्डा से महगामा के बीच रेल पटरी बिछाने का कार्य प्रारंभ हो चुका है। महगामा से पीरपैंती के बीच जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया भी जल्द शुरू होने जा रही है।

    इस महत्वपूर्ण रेल परियोजना से झारखंड के संताल परगना के हिस्से गोड्डा-पाकुड़-देवघर-दुमका-पाकुड़-साहिबगंज-जामताड़ा की सीधी कनेक्टिविटी रेल से अंगप्रदेश, कोसी, उत्तर बिहार और नेपाल की सीमा तक स्थापित होगी।

    संताल परगना के लिए विकास के द्वारा खोलेगा विक्रमशिला कटरिया रेल परियोजना : विक्रमशिला-कटरिया रेल परियोजना गंगा पुल सहित संताल परगना के लिए एक मील का पत्थर साबित होगी।

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    रोजगार के खुलेंगे अवसर

    इससे लोगों की आवाजाही बढ़ेगी और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे। संताल परगना से कोयला, पत्थर और अन्य खनिज संपदा की ढुलाई संभव होगी। इस परियोजना के पूर्ण होने से 95 करोड़ किलो कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी।

    कभी झारखंड में संताल परगना का क्षेत्र, विशेषकर गोड्डा और दुमका, सबसे पिछड़ा माना जाता था। लेकिन अब विक्रमशिला-कटरिया रेल परियोजना और देवघर-गोड्डा-पीरपैंती रेल परियोजना के माध्यम से यह क्षेत्र काफी आगे बढ़ जाएगा।

    इसके साथ ही संताल परगना होकर गुजरने वाली दो बड़ी रेलखंड, हावड़ा-रामपुर हाट-भागलपुर और हावड़ा-आसनसोल-जसीडीह रेल लाइन की सीधी कनेक्टिविटी गोड्डा-पीरपैंती रेल खंड से स्थापित होगी।

    गोड्डा रेलवे स्टेशन इस परियोजना के तहत एक बड़ा स्टेशन बन जाएगा, जहां से कई प्रकार की ट्रेनें चलेंगी। जो ट्रेनें मुंगेर होकर गंगा पुल पार करती थीं, वे अब सीधे गोड्डा होकर विक्रमशिला-कटरिया होकर पार होंगी।

    इसके साथ ही कई नई ट्रेनें भी शुरू होंगी। इसका सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि रेलवे को अतिरिक्त रेल रूट भी प्राप्त होगा।

    गोड्डा में पहले ही रेलवे द्वारा कोचिंग डिपो के पहले चरण का कार्य समापन के करीब है। इस प्रकार, यहां यात्री ट्रेन के रखरखाव और नए रूट के विकास से संताल परगना और गोड्डा में रेल की आवाजाही बढ़ेगी।

    यह भी पढ़ें- गोड्डा-पीरपैंती रेल प्रोजेक्ट फेज-2: 32 KM बिछेगी पटरी, किसानों को 20 जुलाई से मिलेगा जमीन का पैसा

    2030-2031 तक विक्रमशिला-कटरिया रेल परियोजना के चालू होने की संभावना है। इस योजना पर तेजी से कार्य चल रहा है। पिछले माह रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों का निरीक्षण भी हो चुका है। गंगा पुल के डिजाइन और ड्राइंग का कार्य दो माह में पूरा होने की उम्मीद है। गोड्डा-पीरपैंती परियोजना के पहले चरण का कार्य प्रगति पर है। आने वाले वर्षों में गोड्डा-दुमका-देवघर सहित संताल परगना के हिस्से में रेल की कनेक्टिविटी बढ़ेगी, जिससे क्षेत्र का विकास होगा और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

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    डॉ. निशिकांत दुबे, सांसद गोड्डा