गुमला में प्लास्टर गिरने से छात्रों की जान पर खतरा, सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में बंद हुआ स्मार्ट क्लासरूम
गुमला के सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस गर्ल्स हाई स्कूल में जर्जर भवन के कारण स्मार्ट क्लासरूम बंद कर दिए गए हैं, जिससे छात्राओं और शिक्षकों की सुरक्षा पर ख ...और पढ़ें
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HighLights
सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के स्मार्ट क्लासरूम बंद।
जर्जर भवन से प्लास्टर गिरने का खतरा।
फिलहाल लैब भवन में चल रही हैं कक्षाएं।
संतोष कुमार, गुमला। शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने और छात्राओं को बेहतर डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्थापित शहर का सीएम स्कूल आफ एक्सीलेंस गर्ल्स हाई स्कूल इन दिनों अपनी बदहाल आधारभूत संरचना को लेकर चर्चा में है।
यह विद्यालय नाम बड़े और दर्शन छोटे वाली कहावत को चरितार्थ करता नजर आ रहा है। लगातार छत से प्लास्टर और मलबा गिरने के कारण छात्राओं एवं शिक्षकों की सुरक्षा पर खतरा उत्पन्न हो गया है। किसी संभावित दुर्घटना से बचने के लिए विद्यालय प्रशासन ने सभी स्मार्ट क्लासरूम का संचालन फिलहाल बंद कर दिया है।
विद्यालय में कक्षा छह से बारहवीं तक की पढ़ाई होती है और सभी कक्षाओं को स्मार्ट क्लासरूम के रूप में विकसित किया गया था, लेकिन भवन की जर्जर स्थिति के कारण इनका उपयोग बंद करना पड़ा है।
हालांकि भवन की जर्जर स्थिति के कारण इन कक्षाओं का उपयोग करना सुरक्षित नहीं रह गया है। स्थिति यह है कि छत से लगातार प्लास्टर झड़ने और मलबा गिरने की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे छात्राओं और शिक्षकों के बीच भय का माहौल बना हुआ है।
स्मार्ट क्लासरूम बंद होने के बाद वर्तमान में विद्यालय परिसर में बने लैब भवन में कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है। इस भवन में तीन विज्ञान प्रयोगशालाएं, एक लैंग्वेज लैब तथा एक पुस्तकालय है। सीमित संसाधनों और स्थान के बावजूद विद्यालय प्रबंधन छात्राओं की पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था के तहत कक्षाएं संचालित कर रहा है।
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विद्यालय प्रशासन ने भवन की खराब स्थिति से जिला स्तर के वरीय अधिकारियों को अवगत करा दिया है । बताया गया है कि भवन काफी पुराना है इसे तोड़कर नया भवन बनाने की आवश्यकता है। भवन की तकनीकी जांच, आवश्यक मरम्मत एवं सुरक्षा प्रमाणन के बाद ही स्मार्ट क्लासरूम को दोबारा खोला जाएगा।
इधर, अभिभावकों में भी विद्यालय भवन की स्थिति को लेकर चिंता बढ़ गई है। उनका कहना है कि छात्राओं की सुरक्षा सर्वोपरि है और भवन की मरम्मत जल्द से जल्द कराई जानी चाहिए ताकि स्मार्ट क्लासरूम की सुविधा पुनः बहाल हो सके और शिक्षण कार्य सामान्य रूप से संचालित किया जा सके।
संज्ञान में यह बात आई है। जल्द ही इसे लेकर निर्णय लिया जाएगा। किसी भी कीमत पर बच्चों का पढ़ाई बाधित नहीं होगा।
कविता खलखो, डीईओ गुमला