गुमला में गहराया स्वास्थ्य संकट: 6 डॉक्टरों का तबादला, एक भी नहीं मिला नया चिकित्सक
गुमला जिले में पहले से ही डॉक्टरों की कमी थी, अब छह चिकित्सकों के तबादले से स्वास्थ्य व्यवस्था पर और संकट गहरा गया है। ...और पढ़ें

फाइल फोटो
HighLights
गुमला में छह डॉक्टरों का दूसरे जिलों में तबादला हुआ।
जिले में पहले से ही डॉक्टरों की भारी कमी थी।
स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका बढ़ी।
जागरण संवाददाता, गुमला। पहले से ही चिकित्सकों की भारी कमी से जूझ रहे गुमला जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था पर अब एक और संकट गहरा गया है। जिले में कार्यरत छह चिकित्सकों का स्थानांतरण दूसरे जिलों में कर दिया गया है, जबकि उनके स्थान पर अब तक किसी नए चिकित्सक की पदस्थापना नहीं की गई है। इससे सदर अस्पताल सहित विभिन्न सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
स्थानांतरित होने वाले चिकित्सकों में सदर अस्पताल के सर्जन डॉ. अभिषेक कुमार अग्रवाल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिसई की डॉ. ललिता कुमारी मिंज, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कूर्गी की डॉ. साइमा आफरीन, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पालकोट की डॉ. पूजा सिन्हा, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डुमरी के डॉ. रोशन खलखो तथा रेफरल अस्पताल बसिया के डॉ. विजय लकड़ा शामिल हैं।
गुमला जिले में पहले से ही विशेषज्ञ और सामान्य चिकित्सकों के कई पद रिक्त हैं। ऐसे में एक साथ छह डॉक्टरों के तबादले से मरीजों को इलाज के लिए और अधिक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों की उपलब्धता और कम होने की आशंका है।
अब तक आवश्यकता पड़ने पर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग प्रतिनियुक्ति के माध्यम से चिकित्सकों की व्यवस्था कर किसी तरह स्वास्थ्य सेवाओं का संचालन करता रहा है। लेकिन लगातार घटती चिकित्सकों की संख्या के कारण यह व्यवस्था भी दबाव में आ गई है।
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स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की चिंता इस बात को लेकर भी है कि यदि शीघ्र ही नए चिकित्सकों की पदस्थापना नहीं हुई तो ओपीडी, आपातकालीन सेवाओं और नियमित स्वास्थ्य कार्यक्रमों के संचालन पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
जिले के लोगों ने सरकार से जल्द नए चिकित्सकों की नियुक्ति करने की मांग की है, ताकि स्वास्थ्य सेवाएं सुचारु रूप से संचालित हो सकें और मरीजों को इलाज के लिए भटकना न पड़े।