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    गुमला में ऑनलाइन दाखिल-खारिज मामलों के त्वरित निष्पादन का अधिकारियों को निर्देश, 707 आवेदन लंबित

    Updated: Sun, 26 Jul 2026 10:26 AM (IST)

    गुमला के अपर समाहर्ता ने ऑनलाइन दाखिल-खारिज मामलों के निष्पादन में देरी पर कड़े निर्देश दिए हैं, क्योंकि जिले में 707 आवेदन लंबित हैं। झारखंड सेवा गार ...और पढ़ें

    एआई जेनरेटेड इमेज।

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    HighLights

    1. अपर समाहर्ता ने दाखिल-खारिज मामलों में देरी पर निर्देश दिए।

    2. गुमला में 707 आनलाइन दाखिल-खारिज आवेदन लंबित पाए गए।

    संतोष कुमार, गुमला। जिले में ऑनलाइन दाखिल-खारिज म्यूटेशन मामलों के निष्पादन में हो रही देरी को लेकर गुमला के अपर समाहर्ता ने भूमि सुधार उप समाहर्ता गुमला, बसिया और चैनपुर को कड़े निर्देश जारी किए हैं।

    22 जुलाई 2026 को जारी पत्र में कहा गया है कि विभागीय समीक्षा के दौरान बड़ी संख्या में दाखिल-खारिज आवेदन लंबित पाए गए हैं, जबकि झारखंड सेवा गारंटी अधिनियम, 2011 के तहत निर्धारित समय-सीमा के भीतर इनका निष्पादन अनिवार्य है।

    पत्र में उल्लेख किया गया है कि विभागीय पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 21 जुलाई 2025 तक कुल 1185 ऑनलाइन दाखिल-खारिज आवेदन लंबित थे। इनमें से 707 आवेदन कुल लंबित, 199 आवेदन डीसीएलआर स्तर पर, 626 आवेदन डीएएलआर स्तर पर, जबकि 171 आवेदन 90 दिनों से अधिक समय से लंबित हैं।

    इसके अलावा 28 आवेदन 60 दिनों से अधिक समय से लंबित बताए गए हैं। प्रखंडवार समीक्षा में सबसे अधिक लंबित मामले गुमला अंचल में दर्ज किए गए हैं, जहां 411 आवेदनों में से 280 लंबित हैं। इसके बाद घाघरा में 135 में 114, रायडीह में 50 में 32, सिसई में 142 में 107 तथा बसिया में 114 में 24 आवेदन लंबित हैं।

    वहीं भरनो, कामडारा, डुमरी, चैनपुर और अल्बर्ट एक्का अंचल में भी कई आवेदन समय सीमा से अधिक अवधि से लंबित पाए गए हैं। अपर समाहर्ता ने अपने पत्र में कहा है कि कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग की अधिसूचना के अनुसार ऑनलाइन दाखिल-खारिज आवेदनों का निष्पादन सेवा गारंटी अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप किया जाना अनिवार्य है।

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    अधिनियम के तहत प्रथम अपील और द्वितीय अपील की भी व्यवस्था है। यदि निर्धारित समय में आवेदन का निष्पादन नहीं किया जाता है तो संबंधित पदाधिकारी के विरुद्ध आर्थिक दंड का भी प्रावधान है।

    पत्र में भूमि सुधार उप समाहर्ताओं को निर्देश दिया गया है कि 30, 60 और 90 दिनों से अधिक समय से लंबित सभी दाखिल-खारिज आवेदनों का कारणवार परीक्षण कर शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करें। इस संबंध में की गई कार्रवाई से उपायुक्त कार्यालय को भी अवगत कराने का निर्देश दिया गया है।