बिना काम कराए लाखों की निकासी, गुमला के महुआडीह में मनरेगा की टीसीबी योजना में फर्जीवाड़े का मामला
गुमला के महुआडीह गांव में मनरेगा की टीसीबी योजना में लाखों के फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है, जहां बिना काम कराए ही राशि निकाल ली गई और लाभुकों को इसकी भ ...और पढ़ें

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HighLights
गुमला के महुआडीह में मनरेगा टीसीबी योजना में अनियमितता।
बिना कार्य कराए ही लाखों रुपये की अवैध निकासी।
जागरण संवाददाता, गुमला। डुमरी प्रखंड के मझगांव पंचायत अंतर्गत महुआडीह गांव में मनरेगा की टीसीबी (ट्रेंच कम बंड) योजना में बड़े पैमाने पर कथित अनियमितता और भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि वर्ष 2025 में बिना किसी कार्य के ही कई लाभुकों के नाम पर योजनाएं स्वीकृत कर लाखों रुपये की निकासी कर ली गई।
सबसे गंभीर बात यह है कि कई लाभुकों को इस बात की भनक तक नहीं लगी कि उनके नाम से योजना स्वीकृत हुई और भुगतान भी हो गया।
ग्रामीणों के अनुसार, लगभग 40 से 50 एकड़ भूमि पर टीसीबी निर्माण का प्रस्ताव प्रखंड कार्यालय से पारित कराया गया। लेकिन धरातल पर अधिकांश स्थानों पर कोई कार्य नहीं हुआ। कई ऐसे लाभुक हैं, जिनके नाम पर योजना स्वीकृत हुई, जबकि उनके पास संबंधित भूमि तक नहीं है।
इसके बावजूद सरकारी अभिलेखों में कार्य पूर्ण दर्शाते हुए राशि का भुगतान कर दिया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि बिचौलियों ने लाभुकों के पहचान पत्र एवं अन्य दस्तावेजों की छायाप्रति का दुरुपयोग कर फर्जीवाड़े को अंजाम दिया। लाभुकों को योजना की स्वीकृति, मस्टर रोल या भुगतान की कोई जानकारी नहीं दी गई।
इन लाभुकों के नाम पर हुई भुगतान की बात सामने आई
इन लाभुकों के नाम पर टीसीबी योजनाओं में भुगतान दर्शाया गया है उनमें मनोज टोप्पो 58,000 , जेम्स टोप्पो 55,000 , जयप्रकाश बाड़ा 57,000 , विपिन बाड़ा 58,000, अमित तिग्गा 64,000, बंधु लोहरा 60,000, प्रेम कुमार 71,000 धूनी देवी 68,000 रुपये दर्शाया गया। जबकि इन लाभुकों को राशि अप्राप्त है।
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इसके अलावा भी कई ऐसे लाभुक बताए जा रहे हैं, जिन्हें यह तक जानकारी नहीं है कि उनके नाम से टीसीबी योजना स्वीकृत की गई थी।
''मेरे खेत में कोई गड्ढा नहीं खोदा गया"
लाभुक विपिन बाड़ा ने बताया कि उनके नाम पर टीसीबी योजना स्वीकृत होने या राशि निकासी की उन्हें कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि उनके खेत में टीसीबी का कोई गड्ढा नहीं खोदा गया है और न ही उन्हें इस संबंध में किसी प्रकार की सूचना दी गई। उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
क्या कहती है मुखिया?
मामले की जानकारी मिलने के बाद इसकी जांच की मांग की गई है। यदि किसी लाभुक के नाम पर बिना कार्य कराए राशि की निकासी हुई है या फर्जीवाड़ा हुआ है, तो इसकी निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों, कर्मियों एवं बिचौलियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। मनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजना में किसी भी प्रकार का भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
-ज्योति बहेर मुखिया, मझगांव पंचायत
ऐसे मामलों में गंभीरता से जांच कर कार्रवाई की जाएगी। इस मामले की भी शिकायत आने के बाद जांच की जा रही है।
-इरफान आरिफ, सहायक परियोजना पदाधिकारी गुमला