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आदिवासी नेत्री निशा भगत की मौत पर भारी बवाल, सड़क पर शव रख प्रदर्शन; बाबूलाल ने की CBI जांच की मांग

Published: Sat, 07 Nov 2026 01:38 PM (IST)

आदिवासी नेत्री निशा भगत की संदिग्ध मौत के बाद झारखंड का सियासी पारा अचानक उबल पड़ा है। गुमला में पीड़ित ...और पढ़ें

निशा भगत के पिता हंदु भगत से बात करते पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी

निशा भगत के पिता हंदु भगत से बात करते पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी

HighLights

  1. निशा भगत की मौत पर भड़के बाबूलाल मरांडी

  2. टावर चौक पर शव के साथ प्रदर्शन

  3. बाबूलाल ने की CBI जांच की मांग

जागरण संवाददाता, गुमला। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी शनिवार को आदिवासी नेत्री निशा भगत के गुमला शहर स्थित  आवास पहुंचे और उनके पिता हंदु  भगत से मुलाकात कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। इसके बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने निशा भगत की मौत की सीबीआई जांच कराने की घोषणा की। 

उन्होंने कहा कि इस मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाएगी, चाहे इसमें कितना भी समय क्यों न लगे। राज्य सरकार को स्वयं सीबीआई जांच की अनुशंसा करनी चाहिए, अन्यथा उसे पछताना पड़ेगा। 

पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की

मरांडी ने आरोप लगाया कि निशा भगत को पहले से धमकियां दी जा रही थीं। चार माह पूर्व  पिठौरिया स्थित उसके घर पर लूटपाट की घटना को लेकर प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई थी, लेकिन पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। 

उन्होंने कहा कि एक सुनियोजित साजिश के तहत निशा भगत को प्रताड़ित किया गया और उन्हें ऐसा कदम उठाने के लिए विवश होना पड़ा। जांच में इस साजिश से जुड़े सभी लोगों की भूमिका सामने लाई जाएगी और दोषियों पर कार्रवाई होगी।

भाजपा या आरएसएस से कोई संबंध नहीं 

उन्होंने निशा भगत को साहसी और हिम्मती लड़की बताते हुए कहा कि वह जनजातीय समाज और सनातन परंपराओं से जुड़े मुद्दों पर लगातार सक्रिय रहती थीं। उनका भाजपा या आरएसएस से कोई संबंध नहीं था। इसके बावजूद कुछ लोगों ने उन्हें भाजपा और आरएसएस के इशारे पर काम करने वाला बताकर दुष्प्रचार किया। 

मरांडी के अनुसार, इस तरह के आरोपों और लगातार प्रताड़ना ने उन्हें मानसिक रूप से प्रभावित किया।

भू-माफियाओं के बढ़ते प्रभाव पर सवाल

पूर्व मुख्यमंत्री ने राज्य में भू-माफियाओं के बढ़ते प्रभाव पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि हेमंत सरकार के संरक्षण में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर ग्रामीणों की जमीन लूटी जा रही है। 

थाना, अंचल कार्यालय से लेकर जिला प्रशासन तक की भूमिका पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि जमीन लूट के मामलों में कार्रवाई नहीं होना गंभीर चिंता का विषय है। निशा भगत की मौत की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

शव लेकर टावर चौक पहुंचे लोग

आदिवासी नेत्री निशा भगत को न्याय दिलाने की मांग को लेकर शनिवार को बड़ी संख्या में लोग सड़क पर उतरे। निशा भगत के शव के साथ लोग टावर चौक पहुंचे और विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में पोस्टर और बैनर लेकर झारखंड सरकार से न्याय की मांग की। 

बैनर में निशा भगत की मौत को आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला बताते हुए दोषियों पर कार्रवाई की मांग की गई। लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने, आरोपितों को गिरफ्तार करने और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की आवाज बुलंद की। 

प्रदर्शन के दौरान आक्रोश और एकजुटता का माहौल दिखा। इसके बाद शव को लेकर पुस्तैनी गांव चैनपुर प्रखंड के उरु गांव के लिए निकल गया। जहां  अंत्येष्टि की जाएगी।

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