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    दरवाजा खोला तो सामने खड़ा था हाथी... सूंड से उठाकर पटका, गुमला में दंपती समेत तीन लोग हुए घायल

    Updated: Wed, 05 Aug 2026 10:01 AM (IST)

    कामडारा प्रखंड के कोंसा पहाड़ टोली में दो जंगली हाथियों ने चार घरों को क्षतिग्रस्त कर दिया और अनाज नष्ट किया। इस हमले में प्रेमचंद केरकेट्टा, उनकी पत् ...और पढ़ें

    दो जंगली हाथियों ने कोंसा पहाड़ टोली में उत्पात मचाया।

    दो जंगली हाथियों ने कोंसा पहाड़ टोली में उत्पात मचाया।

    HighLights

    1. दो जंगली हाथियों ने कोंसा पहाड़ टोली में उत्पात मचाया।

    2. हाथियों ने चार घरों को क्षतिग्रस्त किया, अनाज व सामान नष्ट।

    संवाद सूत्र, कामडारा (गुमला)। कामडारा प्रखंड के कोंसा पहाड़ टोली में सोमवार देर रात दो जंगली हाथियों ने जमकर उत्पात मचाया। हाथियों ने चार घरों को क्षतिग्रस्त कर दिया और घरों में रखा अनाज व घरेलू सामान नष्ट कर दिया। हमले में प्रेमचंद केरकेट्टा (47), उनकी पत्नी नीलीमा केरकेट्टा (45) तथा 12 वर्षीय रेशमी केरकेट्टा घायल हो गए।

    घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है। जानकारी के अनुसार, रात करीब 12 बजे हाथी प्रेमचंद केरकेट्टा के घर पहुंच गए। हाथियों की आहट सुनकर प्रेमचंद जैसे ही दरवाजा खोलकर बाहर निकलने लगे, दरवाजे पर खड़े हाथी ने उन्हें सूंड से लपेटकर घर के बाहर पटक दिया। इस घटना में उनके पैर में फ्रैक्चर हो गया।

    वहीं घर के अंदर सो रही उनकी पत्नी नीलीमा केरकेट्टा दीवार गिरने से दब गईं, जिससे उनके कंधे, कमर और रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोटें आईं। दोनों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) कामडारा पहुंचाया गया।

    सीएचसी के चिकित्सक डा. परेश बेदिया ने बताया कि नीलीमा की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें बेहतर इलाज के लिए रिम्स, रांची रेफर किया गया है। वहीं हाथी के हमले में घायल 12 वर्षीय रेशमी केरकेट्टा को भी आंशिक चोट लगी है, हालांकि समाचार लिखे जाने तक वह इलाज के लिए सीएचसी नहीं पहुंची थी।

    हाथियों ने प्रेमचंद केरकेट्टा के अलावा जोहन केरकेट्टा, पियुष केरकेट्टा और नीस्तलन केरकेट्टा के घरों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। घरों में रखा अनाज, बर्तन एवं अन्य घरेलू सामान बर्बाद हो गया।

    घटना की सूचना पर वनपाल शेखर सिंह मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। वन विभाग की ओर से घायलों के इलाज के लिए प्रत्येक पीड़ित परिवार को तत्काल 10-10 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई। ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथियों को आबादी से दूर खदेड़ने और स्थायी सुरक्षा व्यवस्था की मांग की है।

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