यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 02, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Lok Sabha Election: हजारीबाग छोड़ चले BJP के जंयत सिन्हा, अब कौन होगा पार्टी का दावेदार; कहीं सहयोगी न मार ले जाए बाजी
Lok Sabha Poll 2024 लोकसभा चुनाव का बिगुल बजने के पहले हजारीबाग संसदीय क्षेत्र में बड़ा उलटफेर हुआ है। यहां से दो बार के सांसद और रिकार्ड मतों से जीत ...और पढ़ें

HighLights
- विधायक मनीष जायसवाल हो सकते हैं सबसे प्रबल दावेदार
- सांसद जयंत सिन्हा ने चुनावी राजनीति से किनारा कर लिया
जागरण संवाददाता हजारीबाग। लोकसभा चुनाव का बिगुल बजने के पहले हजारीबाग संसदीय क्षेत्र में बड़ा उलटफेर हुआ है। यहां से दो बार के सांसद और रिकार्ड मतों से जीत हासिल करने वाले सांसद जयंत सिन्हा ने चुनावी राजनीति से किनारा कर लिया है। अब वे हजारीबाग से चुनाव नही लड़ना चाहते हैं।
शनिवार दोपहर अचानक एक्स पर ट्वीट कर उन्होंने इसकी जानकारी दी। अपने पोस्ट में उन्होंने लिखा है कि मैंने पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुझे मेरे प्रत्यक्ष चुनावी कर्तव्यों से मुक्त करने का अनुरोध किया है ताकि मैं भारत और दुनिया भर में वैश्विक जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए काम कर सकूं।
साथ ही उन्होंने पार्टी के लिए काम करते रहने की बात कही है। उन्होंने 10 वर्षों तक हजारीबाग व देश की जनता की सेवा का मौका देने के लिए पार्टी के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का धन्यवाद दिया है।
हालांकि, दो दिनों पहले तक वे हजारीबाग में प्रेस वार्ता कर अपनी उपलब्धियों को बता रहे थे। 10 सालों का लेखा-जोखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि 10 सालों में 50 हजार करोड़ का काम किया था। कई नई याेजनाओं के बारे में भी बताया था। अब अचानक शनिवार को दिल्ली पहुंचते ही उनके पोस्ट से कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।
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आजसू हजारीबाद सीट पर पेश करती रही है दावा
वहीं, दूसरी और सांसद जयंत सिन्हा के चुनावी राजनीति से हटने के बाद भाजपा के लिए हजारीबाग के वर्तमान विधायक मनीष जायसवाल सांसद उम्मीदवार के सबसे प्रबल दावेदार हो गए हैं। हाल में हुई रायशुमारी में भी उनके नाम की भी अनुशंसा की गई थी।
वहीं, दूसरी ओर भाजपा की परंपरागत सीट रही हजारीबाग पर आजसू भी अपना दावा पेश करती रही है। कई बार हजारीबाग सीट की मांग कर चुकी है।
वही, जयंत सिन्हा के ट्वीट के बाद जिला भाजपा व उनके समर्थकों में खलबली मची है। कई नेताओं ने उनसे अपने निर्णय पर पुन:विचार करने का आग्रह किया है।
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